Tuesday, April 13, 2021
Home फ़ैक्ट चेक सोशल मीडिया फ़ैक्ट चेक फैक्ट चेक: क्या हॉन्गकॉन्ग ने चीन के कब्जे वाले अक्साई क्षेत्र और तिब्बत को...

फैक्ट चेक: क्या हॉन्गकॉन्ग ने चीन के कब्जे वाले अक्साई क्षेत्र और तिब्बत को बताया भारत का हिस्सा? जानिए सच

जिस सोशल मीडिया एकाउंट से इन तस्वीरों को शेयर किया गया था वो हॉन्गकॉन्ग की चीफ एग्जीक्यूटिव के कैरी लैम चेंग नाम के नाम पर बनाया गया एक फर्जी अकाउंट है। दरअसल हॉन्गकॉन्ग सीई का आधिकारिक ट्विटर एकाउंट नहीं है। 2014 में, इसी फर्जी अकाउंट से भारत से ट्वीट पोस्ट किए थे। हैंडल पर उपलब्ध पुराने सारे ट्वीट भारत से संबंधित हैं और भारत से ही किए गए हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में कुछ दिनों से कई तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही है। जिनमें यह दावा किया गया कि हॉन्गकॉन्ग की चीफ एग्जीक्यूटिव कैरी लैम चेंग ने एक ट्वीट के जरिए बताया कि ‘रिपब्लिक ऑफ हॉन्गकॉन्ग’ एक नए नक्शे को मंजूरी देने जा रहा है, जिसमें चीनी-अधिकृत अक्साई चिन, ठग ला रिज, खिनज़मान और तिब्बत ऑटोनोमस क्षेत्रों को केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के अंतर्गत भारत के हिस्से के रूप में शामिल किया गया है।

अलग-अलग सोशल मीडिया यूज़र्स ने ट्विटर के जरिए इस फर्जी पोस्ट को शेयर करते हुए यह दावा किया कि रिपब्लिक ऑफ हॉन्गकॉन्ग ने अपने देश का एक नया नक्शा जारी किया है, जिसमें उसने भारत के हिस्से के रूप में चीनी-अधिकृत क्षेत्रों को मंजूरी दी है।

बता दें ये सारी पोस्ट ऐसे समय में वायरल हुए थे जब लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर भारत और चीन के बीच गतिरोध चल रहा था, जिसके कारण दोनों देशों में 15 जून को हिंसक झड़प हुई थीं।

वहीं एक यूजर ने दावा किया कि ‘रिपब्लिक ऑफ हॉन्गकॉन्ग’ ने एक नए नक्शे को मंजूरी दे दी है। जहाँ अक्साई चिन, ठग ला रिज, खिनज़मान और तिब्बत ऑटोनोमस क्षेत्रों को भारत के रूप में लद्दाख के हिस्से के रूप में दिखाया गया है। साथ ही यूजर ने यह भी कहा कि ऐसे समय में भारत चीन से हॉन्गकॉन्ग की स्वतंत्रता का समर्थन करता है।

एक सोशल मीडिया यूजर ने भी एक इसी तरह की खबर को शेयर किया, जिसमें यह दावा किया गया कि हॉन्गकॉन्ग की सरकार ने इस नए नक्शे को मंजूरी दे दी है जिनमें चीनी-अधिकृत क्षेत्र शामिल हैं।

फैक्ट चेक

बता दें हॉन्गकॉन्ग की तरफ से नए नक्शे जारी करने का दावा गलत है। हॉन्गकॉन्ग सरकार ने ऐसे किसी भी नए नक्शे को मंजूरी नहीं दी है, जिसमें चीन के कब्जे वाले क्षेत्र को भारत के हिस्से के रूप में दिखाया गया हो।

हॉन्गकॉन्ग की चीफ एग्जीक्यूटिव कैरी लैम चेंग द्वारा हस्ताक्षर किए गए अध्यादेश की तस्वीरें नए नक्शे से संबंधित नहीं हैं, बल्कि इस महीने की शुरुआत में हॉन्गकॉन्ग के विधान परिषद द्वारा पारित राष्ट्रीय गान अध्यादेश से संबंधित हैं। तस्वीरों में चीफ एग्जीक्यूटिव कैरी लैम चेंग राष्ट्रीय गान अध्यादेश पर हस्ताक्षर कर रही है, न कि नए नक्शे पर।

सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही तस्वीरों के पड़ताल करने पर यह मालूम पड़ा कि यह इमेज हॉन्गकॉन्ग सरकार के द्वारा की गई एक प्रेस रिलीज से संबंधित थी। जो कि चीफ एग्जीक्यूटिव द्वारा साइन किया गया राष्ट्रीय गान अध्यादेश है। यह अध्यादेश हॉन्गकॉन्ग में चीन के राष्ट्रीय गान के प्रचार और संरक्षण के लिए पेश किया गया था।

गौरतलब है कि कई समाचार रिपोर्टों ने भी इसी तरह की तस्वीरों को राष्ट्रीय गान अध्यादेश से जोड़ते हुए साझा किया था।

जिस सोशल मीडिया एकाउंट से इन तस्वीरों को शेयर किया गया था वो हॉन्गकॉन्ग की चीफ एग्जीक्यूटिव के कैरी लैम चेंग नाम के नाम पर बनाया गया एक फर्जी अकाउंट है। दरअसल हॉन्गकॉन्ग सीई का आधिकारिक ट्विटर एकाउंट नहीं है। 2014 में, इसी फर्जी अकाउंट से भारत से ट्वीट पोस्ट किए थे। हैंडल पर उपलब्ध पुराने सारे ट्वीट भारत से संबंधित हैं और भारत से ही किए गए हैं।

इस प्रकार फैक्ट चैक में यह बात साबित होता है कि हॉन्गकॉन्ग के समाचारों में नए नक्शे को मंजूरी देने वाली खबर जिसमें केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के तहत भारत के हिस्से के रूप में चीन के कब्जे वाले क्षेत्र को शामिल किया है, सरासर गलत हैं।

इसके अलावा कोई ‘रिपब्लिक ऑफ हॉन्गकॉन्ग’ नहीं हैं। हॉन्गकॉन्ग एक विशेष मेट्रोपोलिटन क्षेत्र है जो वर्तमान में चीन के प्रशासन के अधीन है। इसकी एक विधान परिषद है जिसके चीफ एग्जीक्यूटिव कैरी लैम चेंग हैं। यह शहर 1997 तक ब्रिटेन के शासन में था, लेकिन चीन को उनके समझौते के अनुसार इसको सौंप दिया गया था। जिसके चलते अब हॉन्गकॉन्ग के लोग चीन से इसे पूर्ण लोकतंत्र की माँग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मरकज से कुम्भ की तुलना पर CM तीरथ सिंह ने दिया ‘लिबरलों’ को करारा जवाब, कहा- एक हॉल और 16 घाट, इनकी तुलना कैसे?

हरिद्वार में चल रहे कुंभ की तुलना तबलीगी जमात के मरकज से करने वालों को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने करारा जवाब दिया है।

यूपी पंचायत चुनाव लड़ रहे एक प्रत्याशी के घर से भारी मात्रा समोसे-जलेबी की जब्ती, दक्षिण भारत में छिड़ा घमासान

क्या ज़माना आ गया है। चुनाव के मौसम में छापे मारने पर समोसे और जलेबियाँ बरामद हो रही हैं! जब ज़माना अच्छा था और सब ख़ुशी से जीवनयापन करते थे तब चुनावी मौसम में पड़ने वाले छापे में शराब जैसे चुनावी पेय पदार्थ बरामद होते थे।

100 करोड़ की वसूली के मामले में अनिल देशमुख को CBI का समन, 14 अप्रैल को होगी ‘गहन पूछताछ’

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 100 करोड़ रुपए की वसूली मामले में पूछताछ के लिए समन जारी किया है। उन्हें 14 अप्रैल को जाँच एजेंसी के सामने पेश होना पड़ेगा।

आंध्र या कर्नाटक… कहाँ पैदा हुए रामभक्त हनुमान? जन्म स्थान को लेकर जानें क्यों छिड़ा है नया विवाद

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) द्वारा गठित एक विशेषज्ञ पैनल 21 अप्रैल को इस मामले पर अपनी रिपोर्ट सौंप सकता है। पैनल में वैदिक विद्वानों, पुरातत्वविदों और एक इसरो वैज्ञानिक भी शामिल हैं।

‘गुस्ताख-ए-नबी की इक सजा, सर तन से जुदा’: यति नरसिंहानंद के खिलाफ मुस्लिम बच्चों ने लगाए नारे, वीडियो वायरल

डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद के खिलाफ सोमवार को मुस्लिम बच्चों ने 'सर तन से जुदा' के नारे लगाए। पिछले हफ्ते आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्ला खान ने अपने ट्विटर अकाउंट पर महंत की गर्दन काट देने की बात की थी।

कुम्भ और तबलीगी जमात के बीच ओछी समानता दिखाने की लिबरलों ने की जी-तोड़ कोशिश, जानें क्यों ‘बकवास’ है ऐसी तुलना

हरिद्वार में चल रहे कुंभ की दुर्भावनापूर्ण इरादे के साथ सोशल मीडिया पर सेक्युलरों ने कुंभ तुलना निजामुद्दीन मरकज़ के तबलीगी जमात से की है। जबकि दोनों ही घटनाओं में मूलभूत अंतर है।

प्रचलित ख़बरें

राजस्थान: छबड़ा में सांप्रदायिक हिंसा, दुकानों को फूँका; पुलिस-दमकल सब पर पत्थरबाजी

राजस्थान के बारां जिले के छाबड़ा में सांप्रदायिक हिसा के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया गया है। चाकूबाजी की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने...

‘हमें बार-बार जाना पड़ता है, वो वॉशरूम कब जाती हैं’: साक्षी जोशी का PK से सवाल- क्या है ममता बनर्जी का टॉयलेट शेड्यूल

क्लबहाउस पर बातचीत में ‘स्वतंत्र पत्रकार’ साक्षी जोशी ने ममता बनर्जी की शौचालय की दिनचर्या के बारे में उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से पूछताछ की।

बालाघाट में यति नरसिंहानंद के पोस्टर लगाए, अपशब्दों का इस्तेमाल: 4 की गिरफ्तारी पर भड़की ओवैसी की AIMIM

बालाघाट पुलिस ने यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ पोस्टर लगाने के आरोप में मतीन अजहरी, कासिम खान, सोहेब खान और रजा खान को गिरफ्तार किया।

गुफरान ने 5 साल की दलित बच्ची का किया रेप, गला घोंट मार डाला: ‘बड़े सरकार की दरगाह’ पर परिवार के साथ आया था

गुफरान अपने परिवार के साथ 'बड़े सरकार की दरगाह' पर आया हुआ था। 30 वर्षीय आरोपित ने रेप के बाद गला घोंट कर बच्ची की हत्या की।

SHO अश्विनी की हत्या के लिए मस्जिद से जुटाई गई थी भीड़: बेटी की CBI जाँच की माँग, पत्नी ने कहा- सर्किल इंस्पेक्टर पर...

बिहार के किशनगंज जिला के नगर थाना प्रभारी अश्विनी कुमार की शनिवार को पश्चिम बंगाल में हत्या के मामले में उनकी बेटी ने इसे षड़यंत्र करार देते हुए सीबीआई जाँच की माँग की है। वहीं उनकी पत्नी ने सर्किल इंस्पेक्टर पर केस दर्ज करने की माँग की है।

कुरान की 26 आयतों को हटाने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज, वसीम रिजवी पर 50000 रुपए का जुर्माना

वसीम रिजवी ने सुप्रीम कोर्ट में कुरान की 26 आयतों को हटाने के संबंध में याचिका दाखिल की थी। इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,160FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe