Sunday, January 24, 2021
Home फ़ैक्ट चेक सोशल मीडिया फ़ैक्ट चेक 'उत्तराखंड जल रहा है... जंगलों में फैल गई है आग' - वायरल तस्वीरों की...

‘उत्तराखंड जल रहा है… जंगलों में फैल गई है आग’ – वायरल तस्वीरों की सच्चाई का Fact Check

ऐसा नहीं है कि उत्तराखंड के जंगलों में इस वर्ष आग ही ना लगी हो। लेकिन जितनी हेक्टेयर वन भूमि पर आग की ख़बरों को बिना किसी पुष्टि के पुरानी तस्वीरों के साथ फैलाया जा रहा है, वह बेबुनियाद तथ्य है।

उत्तराखंड के जंगलों में लगने वाली आग मुख्यधारा की मीडिया का हॉट टॉपिक बना हुआ है। लेकिन क्या उत्तराखंड के जंगल इस साल की गर्मियों में वास्तव में आग में झुलस रहे हैं? जवाब है- नहीं।

सोशल मीडिया पर आजकल कुछ तस्वीरों को बड़ी मात्रा में शेयर किया जा रहा है। ‘टूरिज्म-एडवेंचर’ के फेसबुक ग्रुप्स से शुरू हुई ये तस्वीरें आखिरकार इन्हीं इन्टरनेट ग्रुप्स पर आधारित ‘वोक-युवा फ्रेंडली’ वेबसाइट्स स्कूपव्हूप, द लॉजिकल इन्डियन आदि के पास पहुँची और उन्होंने भ्रामक, ‘क्लिकबेट’ हेडलाइन और फर्जी तस्वीरों के जरिए सनसनी को आग देने का काम किया।

द लॉजिकल इन्डियन ने एक कदम आगे जाते हुए अपने ही द्वारा 2016 में प्रकाशित की गई खबर में इस्तेमाल भ्रामक बातों को 2020 में एक बार फिर भुनाने की कोशिश की है। ऐसे कर उसने साबित किया है कि केवल वेबसाइट के नाम में लॉजिक है, खबरों से उसका कोई लेना-देना नहीं है।

नतीजा यह हुआ कि सोशल मीडिया पर सिर्फ और सिर्फ उत्तराखंड के जंगलों की आग चर्चा का विषय बन गई।

हालाँकि, ऐसा नहीं है कि उत्तराखंड के जंगलों में इस वर्ष आग ही ना लगी हो। लेकिन जितनी हेक्टेयर वन भूमि पर आग की ख़बरों को बिना किसी पुष्टि के पुरानी तस्वीरों के साथ फैलाया जा रहा है, वह बेबुनियाद तथ्य है।

पिछले साल, इसी समय उत्तराखंड ने लगभग 1600 हेक्टेयर जंगलों के नुकसान की सूचना दी थी। इस साल अब तक प्राप्त आँकड़ों के अनुसार उत्तराखंड के 71 हेक्टेयर वन भूमि को नुकसान हुआ है। निसंदेह जंगलों की आग एक बड़ी विभीषिका है, लेकिन इस तरह की घटनाओं के बारे में भ्रामक जानकारियाँ और फर्जी खबरें व्यवस्थाओं और संस्थाओं का काम बढ़ाने का ही कार्य करते हैं।

जंगलों में आग का एक प्रमुख कारण यहाँ पर पाए जाने वाले चीड़  के पेड़ होते हैं, जिनमें ज्वलनशील लीसा पाया जाता है। साथ ही चीड़ की पत्ती में मौजूद राल इसे सड़ने-गलने भी नहीं देती है। ये राल भी बेहद ज्वलनशील होती है। इससे जंगल में आग लगने का खतरा बना रहता है। कई बार देखा गया है कि जंगलों से गुजरने वाले लोग अक्सर अधजली बीड़ी-सिगरेट फेंक देते हैं, जिसके कारण आग लग जाती है। आकाशीय बिजली के कारण भी जंगल दहक उठते हैं।

उत्तराखंड में पश्चिमी सर्कल के वनों के मुख्य संरक्षक (CCF) पराग मधुकर धकाते ने बताया कि सोशल मीडिया पर बहुत सी गलत सूचनाएँ, पुरानी तस्वीरें और फर्जी खबरें प्रसारित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि गत वर्षों की तुलना में इस वर्ष जंगलों में लगने वाली आग में कमी आई है। साथ ही कुछ दिनों में बारिश हो रही है, इसलिए नमी बरकारार है और जंगल की आग की कम घटनाएँ सामने आ रही हैं।

सोशल मीडिया पर जंगलों की आग की जो तस्वीरें ‘द लॉजिकल इंडियन’ से लेकर ‘स्कूपव्हूप’ आदि ‘वोक-युवा फ्रेंडली’ वेबसाइट्स पर शेयर की जा रही हैं, वह वर्ष 2016 की हैं, ना कि 2020 की। PIB उत्तराखंड ने भी इन ख़बरों को भ्रामक और फर्जी बताया है।

आईएफएस एसोसिएशन उत्तराखंड के ट्विटर अकाउंट ने उत्तराखंड में वर्ष 2020 में जंगलों में लगने वाली आग के वास्तविक तथ्यों की तुलना ग्राफ के माध्यम से सामने रखी है। इसमें 2019 और 2020 में लगने वाली जंगलों की आग की तुलना से स्पष्ट होता है कि 2020 की आग पिछले वर्ष की तुलना में बहुत ही कम है।

मीडिया गिरोह का है कारनामा

वास्तव में विपक्ष और प्रोपेगेंडा मीडिया निरंतर ही केंद्र सरकार से लेकर भाजपा-शासित राज्यों को निशाना बनाने का प्रयास कर रहा है। प्रोपेगेंडा मीडिया द्वारा चलाई जा रही कोरोना वायरस की महामारी के समय में जब टेस्टिंग किट, वेंटिलेटर, पीपीई किट, 26 करोड़ संक्रमण आदि की नौटंकी फ्लॉप हो गई तो, यह मीडिया गिरोह उत्तराखंड के जंगलों की आग को ऐसे दिखा रहा है जैसे इससे भयावह आग कभी लगी ही न हो।

जंगलों की आग भयावह होती है, लेकिन 2020 के आँकड़े पिछले सालों की तुलना में कहीं भी नहीं ठहरते। इसी कारण, जब पूरा गिरोह एक साथ हल्ला मचा रहा है तो इनका प्रयोजन उत्तराखंड के जंगल या जानवरों से प्रेम दिखाना नहीं, बल्कि पैनिक बाँटना है।

इन ख़बरों को ‘भावुक किन्तु फर्जी’ तस्वीरों के जरिए ‘पशु प्रेमियों’ और ‘प्रगतिशीलों’ के फेसबुक ग्रुप्स में शेयर किया जा रहा है, ताकि सरकार के खिलाफ एक प्रकार का दबाव बनाया जाए कि यदि यह कोरोना से निपटने में सक्षम है तो वह जंगलों की आग की ओर ध्यान नहीं दे रही।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नागा साधु की पीट-पीट कर हत्या, उनके कुत्ते भी घायल: 25 वर्ष की आयु में लिया था संन्यास

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक नागा साधु की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। ये घटना दियोरिया कला थाना क्षेत्र के सिंधौरा गाँव में हुई।

‘जिस लिफ्ट में ऑस्ट्रेलियन, उसमें हमें घुसने भी नहीं देते थे’ – IND Vs AUS सीरीज की सबसे ‘गंदी’ कहानी, वीडियो वायरल

भारतीय क्रिकेटरों को सिडनी में लिफ्ट में प्रवेश करने की अनुमति सिर्फ तब थी, अगर उसके अंदर पहले से कोई ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी न हो। एक भी...

जय श्री राम के उद्घोष से भड़कीं ममता बनर्जी, PM मोदी से कहा- बुलाकर बेइज्जती करना ठीक नहीं

जैसे ही ममता बनर्जी मंच पर भाषण देने पहुँचीं बीजेपी कार्यकर्ता तुरंत जय श्री राम और भारत माता की जय के नारे लगाने लगे, जिससे वो खफा हो गईं।

ये पल भावुक करने वाला, नेताजी के नाम से मिलती है नई ऊर्जा: जानिए PM मोदी ने ‘पराक्रम दिवस’ पर क्या कहा

“मैं नेता जी की 125वीं जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से उन्हें नमन करता हूँ। मैं आज बालक सुभाष को नेताजी बनाने वाली, उनके जीवन को तप, त्याग और तितिक्षा से गढ़ने वाली बंगाल की इस पुण्यभूमि को भी नमन करता हूँ।”

पुलिस को बदनाम करने के लिए रची गई थी साजिश, किसान नेताओं ने दी थी हत्या की धमकी: योगेश सिंह का खुलासा

साथ ही उन्होंने उसे बुरी तरह धमकाया कि अगर उसने उनका कहा नहीं माना तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उसकी पिटाई की गई। ट्रॉली से उलटा लटका कर उसे मारा गया।

मुनव्वर फारूकी ने कोई ‘जोक क्रैक’ नहीं किया तो जैनब सच-सच बतलाना कमलेश तिवारी क्यों रेता गया

कितनी विचित्र विडंबना है, धार्मिक भावनाएँ आहत होती हैं और उनका विरोध होता है तो साम्प्रदायिकता! लेकिन मज़हबी जज़्बात आहत होते हैं तो...।

प्रचलित ख़बरें

नकाब हटा तो ‘शूटर’ ने खोले राज, बताया- किसान नेताओं ने टॉर्चर किया, फिर हत्या वाली बात कहवाई: देखें Video

"मेरी पिटाई की गई। मेरी पैंट उतार कर मुझे पीटा गया। उलटा लटका कर मारा गया। उन्होंने दबाव बनाया कि मुझे उनका कहा बोलना पड़ेगा। मैंने हामी भर दी।"

मटन-चिकेन-मछली वाली थाली 1 घंटे में खाइए, FREE में ₹1.65 लाख की बुलेट ले जाइए: पुणे के होटल का शानदार ऑफर

पुणे के शिवराज होटल ने 'विन अ बुलेट बाइक' नामक प्रतियोगिता के जरिए निकाला ऑफर। 4 Kg की थाली को ख़त्म कीजिए और बुलेट बाइक घर लेकर जाइए।

मदरसा सील करने पहुँची महिला तहसीलदार, काजी ने कहा- शहर का माहौल बिगड़ने में देर नहीं लगेगी, देखें वीडियो

महिला तहसीलदार बार-बार वहाँ मौजूद मुस्लिम लोगों को मामले में कलेक्टर से बात करने के लिए कह रही है। इसके बावजूद लोग उसकी बात को दरकिनार करते हुए उसे धमकाते हुए नजर आ रहे हैं।

‘नकाब के पीछे योगेंद्र यादव’: किसान नेताओं को ‘शूट करने’ आए नकाबपोश की कहानी में लोचा कई

किसान नेताओं ने एक नकाबपोश को मीडिया के सामने पेश किया, जिसने दावा किया कि उसे किसान नेताओं को गोली मारने के लिए रुपए मिले थे।

‘कोहली के बिना इनका क्या होगा… ऑस्ट्रेलिया 4-0 से जीतेगा’: 5 बड़बोले, जिनकी आश्विन ने लगाई क्लास

अब जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर ही ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा दिया है, आइए हम 5 बड़बोलों की बात करते हैं। आश्विन ने इन सबकी क्लास ली है।

शाहजहाँ: जिसने अपनी हवस के लिए बेटी का नहीं होने दिया निकाह, वामपंथियों ने बना दिया ‘महान’

असलियत में मुगल इस देश में धर्मान्तरण, लूट-खसोट और अय्याशी ही करते रहे परन्तु नेहरू के आदेश पर हमारे इतिहासकारों नें इन्हें जबरदस्ती महान बनाया और ये सब हुआ झूठी धर्मनिरपेक्षता के नाम पर।
- विज्ञापन -

 

नागा साधु की पीट-पीट कर हत्या, उनके कुत्ते भी घायल: 25 वर्ष की आयु में लिया था संन्यास

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक नागा साधु की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। ये घटना दियोरिया कला थाना क्षेत्र के सिंधौरा गाँव में हुई।

‘जिस लिफ्ट में ऑस्ट्रेलियन, उसमें हमें घुसने भी नहीं देते थे’ – IND Vs AUS सीरीज की सबसे ‘गंदी’ कहानी, वीडियो वायरल

भारतीय क्रिकेटरों को सिडनी में लिफ्ट में प्रवेश करने की अनुमति सिर्फ तब थी, अगर उसके अंदर पहले से कोई ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी न हो। एक भी...

अमित शाह ने किया ‘आयुष्मान CAPF’ का शुभारंभ: 28 लाख से अधिक जवान देश में कहीं भी करा पाएँगे इलाज

आयुष्मान CAPF योजना के तहत CAPF के लगभग 10 लाख जवान और अधिकारी और 50 लाख के आसपास उनके परिवार और परिजन देश के अंदर 24 हज़ार अस्पतालों में सिर्फ कार्ड लेकर उसे स्वैप करके इलाज करा सकते हैं।

बहन को फुफेरे भाई कासिम से था इश्क, निक़ाह के एक दिन पहले बड़े भाई फिरोज ने की हत्या: अश्लील फोटो बनी वजह

इस्लामुद्दीन की 19 वर्षीय बेटी फिरदौस के निक़ाह की तैयारियों में पूरा परिवार जुटा हुआ था। तभी शनिवार की सुबह घर में टूथपेस्ट कर रही फिरदौस को अचानक उसके बड़े भाई फिरोज ने तमंचे से गोली मार दी।

योगेंद्र यादव का दावा- गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर रैली की मिली अनुमति, दिल्ली पुलिस ने किया इनकार

“बैरिकेड्स हटाए जाएँगे और हम दिल्ली में प्रवेश करेंगे। किसानों के ट्रैक्टर परेड से गणतंत्र दिवस के परेड या सुरक्षा इंतजाम पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ेगा। किसानों का ट्रैक्टर परेड ऐतिहासिक होगा।”

कॉन्ग्रेस ने योगी सरकार को घेरने के लिए शेयर किया महिला का वीडियो, यूपी पुलिस पर लगाए झूठे आरोप: जानें क्या है सच

जिस भ्रामक दावे के साथ कॉन्ग्रेस पार्टी ने उत्तरप्रदेश सरकार को बदनाम करने के लिए चित्रित करने का प्रयास किया वह असल में उनकी सोच के बिल्कुल विपरीत निकला।

मदरसा सील करने पहुँची महिला तहसीलदार, काजी ने कहा- शहर का माहौल बिगड़ने में देर नहीं लगेगी, देखें वीडियो

महिला तहसीलदार बार-बार वहाँ मौजूद मुस्लिम लोगों को मामले में कलेक्टर से बात करने के लिए कह रही है। इसके बावजूद लोग उसकी बात को दरकिनार करते हुए उसे धमकाते हुए नजर आ रहे हैं।

गणतंत्र दिवस के पहले नोएडा, गाजियाबाद सहित इन 6 जगहों पर बम रखे जाने की अफवाह: यूपी पुलिस अलर्ट

गणतंत्र दिवस से पहले उत्तर प्रदेश में भय और आतंक का माहौल है। उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर और इलाहाबाद में इस सप्ताह 6 फर्जी बम रखे जाने की अफवाह के बाद पुलिस सतर्क हो गई है।

किसानों के समर्थन में कॉन्ग्रेस का राजभवन मार्च: दिग्विजय समेत 20 नेता गिरफ्तार, उत्तराखंड में भी हाथापाई पर उतरे कॉन्ग्रेसी

देहरादून में भी कृषि विरोधी प्रदर्शनकारियों ने राजभवन पहुँचने के लिए पुलिस बैरिकेट्स तोड़ने की कोशिश की। जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारी पुलिस अधिकारियों के साथ हाथापाई पर उतर गए।

जय श्री राम के उद्घोष से भड़कीं ममता बनर्जी, PM मोदी से कहा- बुलाकर बेइज्जती करना ठीक नहीं

जैसे ही ममता बनर्जी मंच पर भाषण देने पहुँचीं बीजेपी कार्यकर्ता तुरंत जय श्री राम और भारत माता की जय के नारे लगाने लगे, जिससे वो खफा हो गईं।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
385,000SubscribersSubscribe