Homeफ़ैक्ट चेकFact Check: झूठ फैलाकर मनीष सिसोदिया ने दिखाई फ़र्ज़ी देशभक्ति, लोगों ने लगाई 'लताड़'

Fact Check: झूठ फैलाकर मनीष सिसोदिया ने दिखाई फ़र्ज़ी देशभक्ति, लोगों ने लगाई ‘लताड़’

AAP नेता सिसोदिया के ट्वीट का तर्क कहीं से भी गलत नहीं है। बल्कि गलत है उनका पूरा ट्वीट। भारतीय कंपनी अडानी ने मनीष के ट्वीट पर ही रिप्लाई करते हुए पाकिस्तान को बिजली सप्लाई करने की बात का खंडन किया।

पुलवामा अटैक के बाद मोदी सरकार ने पाकिस्तान को चौतरफा घेरने के लिए ताबड़तोड़ और कड़े फै़सले लिए हैं। इन्हीं फ़ैसलों में से एक है – पाकिस्तान से भारत को निर्यात किए जाने वाले सामानों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को 200% तक बढ़ाना।

जब यह ख़बर आई तो इंडियन एक्सप्रेस के ट्विटर हैंडल से इसे ट्वीट किया गया। दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री और AAP नेता ने केंद्र सरकार के इस फ़ैसले का स्वागत करते हुए एक ट्वीट किया। लेकिन इसी ट्वीट में उन्होंने राजनीति भी घुसेड़ दी। और यहीं सब गुड़-गोबर हो गया।

मनीष सिसोदिया ने इसी ट्वीट में प्राइवेट कंपनी अडानी द्वारा पाकिस्तान को बिजली सप्लाई किए जाने पर सवाल उठाए। सिसोदिया के अनुसार अडानी को यह बिजली अपने ही देश में वितरित करनी चाहिए, क्योंकि हमारे यहाँ भी बिजली की कमी है।

AAP नेता सिसोदिया के ट्वीट का तर्क कहीं से भी गलत नहीं है। बल्कि गलत है उनका पूरा ट्वीट। भारतीय कंपनी अडानी ने मनीष के ट्वीट पर ही रिप्लाई करते हुए पाकिस्तान को बिजली सप्लाई करने की बात का खंडन किया। साथ ही उन्हें गलत और गैर-ज़िम्मेदार स्टेटमेंट को डिलीट करने को भी कहा।

अडानी के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से आए जवाब के बाद मनीष सिसोदिया ने ट्वीट तो डिलीट कर लिया लेकिन सोशल मीडिया-‘वीरों’ ने उनकी जमकर क्लास ले ली। चूँकि सिसोदिया द्वारा ट्वीट डिलीट किया जा चुका था, इसलिए ट्विटर से लेकर फेसबुक तक अडानी के ट्वीट और AAP मंत्री के स्क्रीनशॉट लोगों ने जमकर शेयर किए। फ़र्ज़ी देशभक्ति के नाम पर झूठ परोसने और किसी पर कुछ भी आरोप लगाने के लिए लोगों ने उप-मुख्यमंत्री को जमकर लताड़ा।

आम आदमी पार्टी की पूरी जमात ही झूठ की बुनियाद पर पैदा हुई है। झूठ ही इनकी राजनीति रही है। इनका कॉन्सेप्ट क्लियर है – ‘हम AAP के लोग हरिश्चंद्र की संतान हैं, जो हमसे अलग हैं वो झूठ के पुलिंदे।’ ऐसे ब्रह्म वाक्य वाले नेताओं के लिए पुलवामा हो या करगिल, राजनीति को छोड़ना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -