भाजपा वाले मणिशंकर अय्यर को ढूँढ रहे थे, सच्चाई बाहर आई तो हँसते-हँसते पागल हो गए

हमारे सूत्रों ने नाम न बताने की शर्त पर हमें बताया कि यह व्यक्ति सुबह से शाम तक कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच ही रहकर उन्हीं के साथ घूम रहा है, लेकिन काम भाजपा का ही कर रहा है और अपनी ऊल-जुलूल हरकतों के कारण रोजाना चर्चा में बना है।

लोकसभा चुनाव जारी हैं और ऐसे में सभी राजनेता और मतदाताओं के बीच तमाम चिंता के बीच एक सबसे बड़ी चिंता का कारण मणिशंकर अय्यर बने रहे। सवाल ये था कि भाजपा के स्टार प्रचारक आखिर मणिशंक्कर अय्यर हैं कहाँ? क्या राहुल गाँधी ही निभाएँगे कॉन्ग्रेस को हारने की जिम्मेदारी? लेकिन आज एक बड़ा  खुलासा देखने को मिला है, जिसके बाद भाजपा मुख्यालय में ख़ुशी की लहार देखने को मिली है।

गौरतलब है कि हर दूसरे दिन अनाप-शनाप बयान देकर कॉन्ग्रेस पार्टी की फिजा में चार चाँद लगाने वाले मणिशंकर अय्यर इस लोकसभा चुनाव के दौरान कहीं भी नजर नहीं आ रहे थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ मनचले युवा ये निंदनीय दावा करते हुए भी पाए गए कि मणिशंकर अय्यर बालाकोट एयर स्ट्राइक में मारे गए थे, जो कि एकदम निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण उम्मीद थी और इसकी जितनी ज्यादा निंदा की जाए कम ही है।

मणिशंकर अय्यर की गैरमौजूदगी में भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट गया था: सूत्र

मणिशंक्कर अय्यर की गैरमौजूदगी के कारण भाजपा समेत कॉन्ग्रेस के तमाम विरोधी दलों में यह चिंता छा गई थी कि ऐसे में, जबकि मणिशंक्कर अय्यर कॉन्ग्रेस के लिए चुनाव प्रचार में गायब है, तो अब कॉन्ग्रेस में रहते हुए ही कॉन्ग्रेस की कब्र आखिर कौन खोदेगा? हालाँकि, भाजपा के प्रमुख राष्ट्रीय प्रचारक राहुल गाँधी अभी भी कॉन्ग्रेस में भाजपा स्लीपर सेल के रूप में अध्यक्ष पद पर कायम हैं।

लेकिन ऑपइंडिया तीखीमिर्ची सेल ने Faking News नामक वेबसाइट की ख़बरों का फैक्ट चेक कर के जीवनयापन कर प्रासंगिक बने रहने वाले फैक्ट चेकर्स के एक सचल दस्ते की मदद से एक ऐसे व्यक्ति पर निगाह रखने का ठेका दिया, जो अचानक से नजर आकर आजकल कॉन्ग्रेस की कब्र खोदने के लिए दिन-रात मेहनत करता नजर आ रहा था।

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संदेहास्पद लग रहे इस व्यक्ति ने कभी सिख दंगों को ‘हुआ तो हुआ’ बताया, तो कभी मिडल क्लास को स्वार्थी बताया और यह भी बयान देते हुए देखा गया कि मोबाइल और कम्प्यूटर राजीव गाँधी ही अपने कन्धों पर ढोकर भारत लाए थे। इस से पहले कि ये व्यक्ति कहता कि जिन देशों में राजीव गाँधी ने जन्म नहीं लिया, वो आज भी मोबाइल और कंप्यूटर की एक झलक के लिए जूझ रहे हैं, ऑपइंडिया तीखीमिर्ची सेल ने उसे धर लिया और उसके कारनामों का पर्दाफाश कर डाला। इसके लिए हमने ट्विटर के एक मनचले नागरिक @Atheist_Krishna की भी मदद ली।

यह व्यक्ति ऑपइंडिया तीखीमिर्ची सेल के रडार में अपनी हरकतों की वजह से ही आया है। हमारे सूत्रों ने नाम न बताने की शर्त पर हमें बताया कि यह व्यक्ति सुबह से शाम तक कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच ही रहकर उन्हीं के साथ घूम रहा है, लेकिन काम भाजपा का ही कर रहा है और अपनी ऊल-जुलूल हरकतों के कारण रोजाना चर्चा में बना है। इसी वजह से इस सज्जन पर हमारे सूत्रों को संदेह हुआ कि कहीं यही सज्जन तो मणिशंकर अय्यर नहीं!

इसी बीच, अपने सर पर सफ़ेद बालों का कटोरा लेकर घूमने वाले इस सज्जन के बारे में एक यह भी भ्रामक अफवाह सोशल मीडिया पर देखने को मिली कि यह तो अल्बर्ट आइन्स्टाइन है। लेकिन एक सोशल मीडिया यूजर ने इस तथ्य का Fact Check करते हुए भंडाफोड़ कर के बताया, “नहीं, सर पर सफेद बालों का टोकरा लेकर घूमने वाला हर आदमी नहीं होता है आइन्स्टाइन।” साथ ही उन्होंने खेद प्रकट करते हुए कहा, “अलास! दैट डजन्ट हैपन।”

मणिशंक्कर जैसे काम करने वाले इस सज्जन की जानकारी इकठ्ठा करने पर हमें मालूम हुआ कि ये सेम पित्रोदा नहीं बल्कि सेम पित्रोदा की शक्ल में घूम रहे मणिशंकर अय्यर ही हैं। यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है, जब समाज में घृणा और नफरत फैलाने वाले यह उम्मीद लगा रहे थे कि मणिशंकर अय्यर बालाकोट एयरस्ट्राइक में ‘मसूद अजहर’ के साथ ही ‘निकल लिए’ हैं।

लेकिन,  मणिशंकर अय्यर को सुरक्षित, स्वस्थ और कॉन्ग्रेस के बीच में देखकर भाजपा मुख्यालय में एक बार फिर ख़ुशी की लहर देखने को मिली है। मशहूर निष्पक्ष पत्थरकार सागरिका घोष ने बताया कि इसके बाद भाजपा कार्यालय में लोग एक दूसरे से ख़ुशी से बात कर रहे हैं, गले लगा रहे हैं, हवाओं में मोहब्बत के गीत घुल रहे हैं। हालाँकि, चिंता कि बात अब यह है कि जब ये व्यक्ति मणिशंक्कर अय्यर है, तो फिर भाजपा चुनाव से पहले कॉन्ग्रेस के वोट काटने के लिए सेम पित्रोदा को मतदाताओं के सामने क्यों नहीं ला रही है?

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