Saturday, September 26, 2020
Home हास्य-व्यंग्य-कटाक्ष NDTV में आखिर क्यों हाशिए पर ढकेले गए रवीश कुमार

NDTV में आखिर क्यों हाशिए पर ढकेले गए रवीश कुमार

कहीं ऐसा तो नहीं कि रवीश कुमार के शो की गिरती टीआरपी का असर उनके ब्लॉग पर दिख रहा हो? एनडीटीवी वेबसाइट वाले शायद नहीं चाहते होंगे कि उनके शो 'प्राइम टाइम' की तरह कहीं 'एनडीटीवी डॉट इन' का भी भट्ठा बैठ जाए।

रवीश कुमार देश के बड़े हिन्दीभाषी पत्रकारों में से एक हैं। एनडीटीवी पर आने वाला उनका शो ‘प्राइम टाइम’ हर उस मामले पर आवाज़ उठाने के लिए जाना जाता है, जिसमें भाजपा या पीएम मोदी की आलोचना का जरा भी चांस हो। अगर ऐसे मामले नहीं मिलते तो रवीश क्रिएट भी कर लेते हैं। तमिलनाडु के किसी गाँव में किसी बिजली के पोल का तार टूट जाए तो रवीश को देरी नहीं लगती ये साबित करने में कि पीएम मोदी का 100% इलेक्ट्रिफिकेशन का आँकड़ा झूठा है। जंगल में किसी शेरनी को कच्चा माँस खाते देख वो आवाज़ उठा सकते हैं कि उसे शिकार को पकाने के लिए ‘उज्ज्वला योजना’ का लाभ क्यों नहीं मिला?

रवीश के एक शुभचिंतक के रूप में मेरी चिंता ये है कि उनकी टीआरपी लगातार गिर रही है। एनडीटीवी देखने वाले अब भारत में कुछेक ही बचे हैं। हाँ, पाकिस्तान में यहाँ से ज़्यादा दर्शक हैं जो उनका शो देखते हैं। रवीश कुमार जिस एनडीटीवी के लिए इतना कुछ कर रहे हैं, अगर वही उन्हें धोखा दे दे तो वो भला कहाँ जाएँगे? जी हाँ, हमारी चिंता एकदम जायज है क्योंकि एनडीटीवी की वेबसाइट के पहले पेज पर रवीश को छोटी सी जगह में समेट दिया गया है। उन्हें महज ‘278 * 81’ पिक्सल्स की जगह मिली है

जहाँ पहले वेबसाइट खोलते ही रवीश का ब्लॉग छाया रहता था, वेब गंजे को कंघी बेचने, सॉरी गंजापन दूर करने वाली ख़बर को भी उनके ब्लॉग से ज्यादा प्राथमिकता मिलती दिख रही है। अक्षय कुमार का एड है लेकिन रवीश को कहीं कोने में भेज दिया गया है। पहले क्या दिन था! वेबसाइट खोलो तो रवीश के ब्लॉग पर ही पहली नज़र जाती थी। रोज़ रवीश के लेख आते थे। अब वो राजनीतिक मुद्दों पर कुछ दिनों से लिख ही नहीं रहे। जब देखो गोबर से खाद बनाने की विधि समझाते रहते हैं। क्या एनडीटीवी रवीश को हटा देगा? ये चर्चा आम हो गई है।

रवीश के ब्लॉग को एक कोने में कहीं ढकेल दिया गया है

ऊपर वाले स्क्रीनशॉट में देखिए। एनडीटीवी की हिंदी वेबसाइट पर रवीश को कहाँ किस कोने में ढकेल दिया गया है। उनके लेख को ‘विचार’ वाली केटेगरी में नीचे की तरफ़ डाल दिया गया है। स्क्रॉल करने पर ही मिलता है।उनके लेख के नीचे ही कमाल खान का लेख है। वेबसाइट खुलते ही अमेज़न का प्रचार आता है। यहाँ तक कि इन्सुरेंस प्लान को भी रवीश से ज़्यादा जगह दी गई है। इसके पीछे का कारण क्या है? रवीश कुमार अपने उसी संस्थान में क्यों किनारे किए जा रहे हैं, जहाँ उन्होंने पसीना बहा कर प्रोपेगेंडा फैलाया है।

- विज्ञापन -

कहीं ऐसा तो नहीं कि रवीश कुमार के शो की गिरती टीआरपी का असर उनके ब्लॉग पर दिख रहा हो? एनडीटीवी वेबसाइट वाले शायद नहीं चाहते होंगे कि उनके शो ‘प्राइम टाइम’ की तरह कहीं ‘एनडीटीवी डॉट इन’ का भी भट्ठा बैठ जाए। हालाँकि, ऑपइंडिया में फ़िलहाल कोई वैकेंसी नहीं है वरना रवीश कुमार अगर आवेदन करें तो यहाँ विचार ज़रूर किया जाएगा। चूँकि, मैं उनके ही गृह जिले से हूँ, मुझे उनकी चिंता होनी स्वाभाविक है। हम एनडीटीवी से माँग करते हैं कि रवीश के ब्लॉग को वेबसाइट पर पूरे सम्मान के साथ उचित स्थान दिया जाए।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘यही लोग संस्थानों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने का मौका नहीं छोड़ते’: उमर खालिद के समर्थकों को पूर्व जजों ने लताड़ा

दिल्ली दंगों में उमर खालिद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और सरकारी की मंशा पर सवाल उठाने वाले लॉबी को पूर्व जजों ने लताड़ लगाई है।

‘मारो, काटो’: हिंदू परिवार पर हमला, 3 घंटे इस्लामी भीड़ ने चौथी के बच्चे के पोस्ट पर काटा बवाल

कानपुर के मकनपुर गाँव में मुस्लिम भीड़ ने एक हिंदू घर को निशाना बनाया। बुजुर्गों और महिलाओं को भी नहीं छोड़ा।

चीन ने शिनजियांग में 3 साल में 16000 मस्जिद ध्वस्त किए, 8500 का तो मलबा भी नहीं बचा

कई मस्जिदों को सार्वजनिक शौचालयों में बदल दिया गया। मौजूदा मस्जिदों में से 75% में ताला जड़ा है या आज उनमें कोई आता-जाता नहीं है।

‘मुझे सोफे पर धकेला, पैंट खोली और… ‘: पुलिस को बताई अनुराग कश्यप की सारी करतूत

अनुराग कश्यप ने कब, क्या और कैसे किया, यह सब कुछ पायल घोष ने पुलिस को दी शिकायत में विस्तार से बताया है।

ड्रग्स चैट वाले ग्रुप की एडमिन थी दीपिका पादुकोण, दो नंबरों का करती थी इस्तेमाल

ड्रग्स मामले में दीपिका पादुकोण से एनसीबी शनिवार को पूछताछ करने वाली है। उससे पहले यह बात सामने आई है कि ड्रग चैट वाले ग्रुप की वह ए​डमिन थीं।

छद्म नारीवाद और हिंदू घृणा का जोड़: भारतीय संस्कृति पर हमला बोल कर कहा जाएगा- ‘ब्रेक द स्टिरियोटाइप्स’

यह स्टिरियोटाइप हर पोशाक की कतरनों के साथ क्यों नहीं ब्रेक किए जाते? हिंदुओं के पहनावे पर ही ऐसा प्रहार क्यों? क्यों नन की ड्रेस में मॉडल आदर्श होती है? क्यों बुर्के को स्टिरियोटाइप का हिस्सा नहीं माना जाता? क्यों केवल रूढ़िवाद की परिभाषा साड़ी और घूँघट तक सीमित हो जाती है?

प्रचलित ख़बरें

‘मुझे सोफे पर धकेला, पैंट खोली और… ‘: पुलिस को बताई अनुराग कश्यप की सारी करतूत

अनुराग कश्यप ने कब, क्या और कैसे किया, यह सब कुछ पायल घोष ने पुलिस को दी शिकायत में विस्तार से बताया है।

‘क्या आपके स्तन असली हैं? क्या मैं छू सकता हूँ?’: शर्लिन चोपड़ा ने KWAN टैलेंट एजेंसी के सह-संस्थापक पर लगाया यौन दुर्व्यवहार का आरोप

"मैं चौंक गई। कोई इतना घिनौना सवाल कैसे पूछ सकता है। चाहे असली हो या नकली, आपकी समस्या क्या है? क्या आप एक दर्जी हैं? जो आप स्पर्श करके महसूस करना चाहते हैं। नॉनसेंस।"

‘काफिरों का खून बहाना होगा, 2-4 पुलिस वालों को भी मारना होगा’ – दिल्ली दंगों के लिए होती थी मीटिंग, वहीं से खुलासा

"हम दिल्ली के मुख्यमंत्री पर दबाव डालें कि वह पूरी हिंसा का आरोप दिल्ली पुलिस पर लगा दें। हमें अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना होगा।”

…भारत के ताबूत में आखिरी कील, कश्मीरी नहीं बने रहना चाहते भारतीय: फारूक अब्दुल्ला ने कहा, जो सांसद है

"इस समय कश्मीरी लोग अपने आप को न तो भारतीय समझते हैं, ना ही वे भारतीय बने रहना चाहते हैं।" - भारत के सांसद फारूक अब्दुल्ला ने...

‘ये लोग मुझे फँसा सकते हैं, मुझे डर लग रहा है, मुझे मार देंगे’: मौत से 5 दिन पहले सुशांत का परिवार को SOS

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मौत से 5 दिन पहले सुशांत ने अपनी बहन को एसओएस भेजकर जान का खतरा बताया था।

‘गिरती TRP से बौखलाए ABP पत्रकार’: रिपब्लिक टीवी के रिपोर्टर चुनाव विश्लेषक प्रदीप भंडारी को मारा थप्पड़

महाराष्ट्र के मुंबई से रिपोर्टिंग करते हुए रिपब्लिक टीवी के पत्रकार और चुनाव विश्लेषक प्रदीप भंडारी को एबीपी के पत्रकार मनोज वर्मा ने थप्पड़ जड़ दिया।

‘यही लोग संस्थानों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने का मौका नहीं छोड़ते’: उमर खालिद के समर्थकों को पूर्व जजों ने लताड़ा

दिल्ली दंगों में उमर खालिद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और सरकारी की मंशा पर सवाल उठाने वाले लॉबी को पूर्व जजों ने लताड़ लगाई है।

नूर हसन ने कत्ल के बाद बीवी, साली और सास के शव से किया रेप, चेहरा जला अलग-अलग जगह फेंका

पानीपत के ट्रिपल मर्डर का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने नूर हसन को गिरफ्तार कर लिया है। उसने बीवी, साली और सास की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया है।

‘मारो, काटो’: हिंदू परिवार पर हमला, 3 घंटे इस्लामी भीड़ ने चौथी के बच्चे के पोस्ट पर काटा बवाल

कानपुर के मकनपुर गाँव में मुस्लिम भीड़ ने एक हिंदू घर को निशाना बनाया। बुजुर्गों और महिलाओं को भी नहीं छोड़ा।

चीन ने शिनजियांग में 3 साल में 16000 मस्जिद ध्वस्त किए, 8500 का तो मलबा भी नहीं बचा

कई मस्जिदों को सार्वजनिक शौचालयों में बदल दिया गया। मौजूदा मस्जिदों में से 75% में ताला जड़ा है या आज उनमें कोई आता-जाता नहीं है।

‘मुझे सोफे पर धकेला, पैंट खोली और… ‘: पुलिस को बताई अनुराग कश्यप की सारी करतूत

अनुराग कश्यप ने कब, क्या और कैसे किया, यह सब कुछ पायल घोष ने पुलिस को दी शिकायत में विस्तार से बताया है।

‘नशे में कौन नहीं है, मुझे बताओ जरा?’: सितारों का बचाव कर संजय राउत ने ‘शराबी’ वाले अमिताभ की याद दिलाई

ड्रग्स मामले में दीपिका पादुकोण से पूछताछ से पहले संजय राउत ने बॉलीवुड सितारों का बचाव करते हुए NCB पर साधा निशाना है।

कानुपर में रिवर फ्रंट: ऐलान कर बोले योगी- PM मोदी ने की थी यहाँ गंगा स्वच्छता की प्रशंसा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में गंगा तट पर खूबसूरत रिवर फ्रंट बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसे पीएम मोदी को उपहार बताया।

अतीक अहमद से अवैध प्रॉपर्टी को जमींदोज करने पर हुआ खर्च भी वसूलेगी योगी सरकार

बाहुबली अतीक अहमद की अवैध प्रॉपर्टी पर कार्रवाई के बाद अब उससे इस पर आया खर्च भी वसूलने की योगी सरकार तैयारी कर रही है।

पैगंबर पर कार्टून छापने वाली ‘शार्ली एब्दो’ के पुराने कार्यालय के पास चाकू से हमला: 4 घायल, 2 गंभीर

फ्रांस की व्यंग्य मैग्जीन 'शार्ली एब्दो' के पुराने ऑफिस के बाहर एक बार फिर हमले की खबर सामने आई है। हमले में 4 लोग घायल हो गए।

मोइनुद्दीन चिश्ती पर अमीश देवगन की माफी राजस्थान सरकार को नहीं कबूल, कहा- धार्मिक भावनाएँ आहत हुई है

जिस टिप्पणी के लिए पत्रकार अमीश देवगन माफी माँग चुके हैं, उस मामले में कार्रवाई को लेकर राजस्थान सरकार ने असाधारण तत्परता दिखाई है।

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
78,035FollowersFollow
324,000SubscribersSubscribe
Advertisements