Homeविविध विषयधर्म और संस्कृतिज्ञानवापी में नमाज पर लगे रोक, पूजा-पाठ के लिए तत्काल खोला जाए: 22 प्रस्तावों...

ज्ञानवापी में नमाज पर लगे रोक, पूजा-पाठ के लिए तत्काल खोला जाए: 22 प्रस्तावों पर काशी के संतों की मुहर, बिन्दु माधव मंदिर की सच्चाई भी मुस्लिमों को बताएँगे

"ज्ञानवापी में शिवलिंग मिला है। इसके बावजूद हमें हमारे आराध्य देवता की पूजा नहीं करने दी जा रही है। फिर, वहाँ नमाज क्यों पढ़ी जा रही है। जब हमारी पूजा पर प्रतिबंध है, तो नमाज पढ़ने पर भी रोक लगाई जानी चाहिए।"

ज्ञानवापी विवादित ढाँचे (Gyanvapi Masjid Shivling) के वजू खाने में शिवलिंग मिलने के दावे के बाद भले ही यह मामला अदालत में विचाराधीन हो, लेकिन इसे लेकर संत समाज मुखर हो गया है। शुक्रवार (3 जून 2022) को काशी धर्म परिषद की बैठक में साधु-संतों ने कुल 22 प्रस्तावों पर चर्चा की। इस दौरान संतों ने ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के वजू खाने में मिले शिवलिंग के तत्काल दर्शन और उनके पूजन की माँग की। उन्होंने ऐसा नहीं होने पर ज्ञानवापी परिसर में हिंदुओं के साथ मुस्लिमों के प्रवेश पर प्रतिबंध की बात कही।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बैठक कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद के गाँव लमही स्थित सुभाष भवन में आयोजित की गई थी। बैठक में विभिन्न मठों के मठाधीश, साधु-संत समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और इतिहासकार शामिल हुए। इस खास मौके पर संतों ने कहा कि मुस्लिम धर्मगुरुओं से अपील है कि वो सनातन धर्म के प्रमुख आस्था के केंद्र से अपना दावा छोड़ें। अदालत का फैसला आने तक ज्ञानवापी में पूजा नहीं तो नमाज भी बंद होनी चाहिए। धर्म परिषद की बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी की मक्का और मदीना के इमामों को पत्र लिखकर औरंगजेब के काशी के मंदिरों के विध्वंस के इतिहास को बताया जाएगा।

वहीं, बैठक में पातालपुरी मठ के महंत स्वामी बालक दास ने कहा, “ज्ञानवापी में शिवलिंग मिला है। इसके बावजूद हमें हमारे आराध्य देवता की पूजा नहीं करने दी जा रही है। फिर, वहाँ नमाज क्यों पढ़ी जा रही है। जब हमारी पूजा पर प्रतिबंध है, तो नमाज पढ़ने पर भी रोक लगाई जानी चाहिए।”

इसके अलावा बिंदु माधव मंदिर की सच्चाई भी बताने पर चर्चा हुई। संतों ने कहा कि बिन्दु माधव मंदिर की सच्चाई भी मुस्लिमों को बताएँगे।

बता दें कि 22 प्रस्तावों में से 5 प्रमुख प्रस्ताव में कहा गया है कि प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 को तत्काल रद्द किया जाए। ज्ञानवापी में मिले आदि विश्वेश्वर के शिवलिंग की पूजा का अधिकार तत्काल दिया जाए। शिवलिंग को फव्वारा कहने वाले असदुद्दीन ओवैसी जैसे लोगों पर एफआईआर की जाए। सनातन धर्म के लोगों को ज्ञानवापी में उनके पूजापाठ के मौलिक अधिकार से वंचित न किया जाए। ज्ञानवापी में नमाज पढ़ने और मुस्लिमों के प्रवेश पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -