Wednesday, November 30, 2022
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केदारनाथ धाम में PM मोदी: अयोध्या दीपोत्सव-राम मंदिर का किया जिक्र, कहा- वापस मिल रहा गौरव

"अब हमारी सांस्कृतिक विरासतों को, आस्था के केन्द्रों को उसी गौरवभाव से देखा जा रहा है, जैसा देखा जाना चाहिए।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (5 नवंबर 2021) को केदारनाथ धाम में आदि शंकराचार्य की प्रतिमा का अनावरण किया। कई विकास परियोजनाओं का भी शिलान्यास और उद्धाटन किया। इससे पहले उन्होंने मंदिर में करीब 18 मिनट तक पूजा-अर्चना की।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “दीपावली के अवसर पर कल मैं सैनिकों के साथ था। आज मैं सैनिकों की भूमि पर हूँ। मैंने त्योहार की खुशियाँ अपने सैनिकों के साथ बाँटी। मैं 130 करोड़ देशवासियों का आशीर्वाद लेकर उनके पास गया था। गोवर्धन पूजा के दिन केदारनाथ धाम जी में दर्शन-पूजा करने का मुझे सौभाग्य मिला है। बाबा केदार के दर्शन के साथ मैंने आदि शंकराचार्य की समाधि स्थल में कुछ पल बिताए। वे दिव्य पल थे। मैं केदारनाथ आकर कण-कण से जुड़ जाता हूँ।”

प्रधानमंत्री ने अयोध्या के दीपोत्सव और राम मंदिर निर्माण का जिक्र भी इस दौरान किया। उन्होंने कहा, “अभी दो दिन पहले ही अयोध्या में दीपोत्सव का भव्य आयोजन पूरी दुनिया ने देखा। आज अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर पूरे गौरव के साथ बन रहा है। अयोध्या को उसका गौरव वापस मिल रहा है। उन्होंने कहा, “अब हमारी सांस्कृतिक विरासतों को, आस्था के केन्द्रों को उसी गौरवभाव से देखा जा रहा है, जैसा देखा जाना चाहिए।”

2013 में आई आपदा में जगद्गुरु शंकराचार्य का समाधि स्थल क्षतिग्रस्त हो गया था। जीर्णोद्धार के बाद अब 12 फीट ऊँची प्रतिमा का निर्माण हुआ है, जिसका पीएम ने लोकार्पण किया है। पीएम मोदी ने 130 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्धघाटन और 180 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी। रिपोर्ट के मुताबिक, केदारनाथ में मौजूदा तापमान करीब 3 डिग्री सेंटीग्रेड है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैलीपैड से पैदल ही मंदिर तक पहुँचे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कार्यक्रम के लिए देश भर के 12 ज्योतिर्लिंगों और 87 महत्वपूर्ण मंदिरों से साधु-संतों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। आदिगुरु शंकराचार्य का समाधि स्थल 2013 में आई आपदा में क्षतिग्रस्त हो गया था, जहाँ अब जीर्णोद्धार के बाद प्रतिमा का निर्माण हुआ है। दोबारा से बनाई गई प्रतिमा की ऊँचाई 12 फीट की है और इसका वजन करीब 35 टन है। प्रतिमा का अनावरण करने के बाद पीएम मोदी ने यहाँ कुछ देर तक ध्यान भी लगाया।

जगद्गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा का निर्माण कर्नाटक में किया गया है। कृष्ण शिला से बनाई गई इस प्रतिमा को हाल ही में पहले गौचर और इसके बाद वायुसेना के हेलीकाप्टर की मदद से केदारनाथ लाया गया था। गौरतलब है कि पीएम के रूप मोदी का ये पाँचवाँ केदारनाथ दौरा है। 6 नवंबर को केदारनाथ के कपाट भी बंद होने वाले हैं। कोरोना संकट के कारण पिछले साल प्रधानमंत्री केदारनाथ धाम के दर्शन करने नहीं जा पाए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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