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भगवान तुंगनाथ के दर पर पहुँचे UAE क्राउन प्रिंस के प्रतिनिधि व अरबपति कारोबारी अली राशिद, किया हवन

मोहम्मद अली राशिद अलबार तुंगभद्रा की भव्यता और सौंदर्य से अभिभूत नज़र आए। उन्होंने कहा कि तुंगनाथ के प्रति वह अगाध आस्था रखते हैं। उन्होंने क़रीब 2 घंटे तक मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की।

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के क्राउन प्रिंस शेख खलीफा बिन जाएद अल नाहयान के प्रतिनिधि मोहम्मद अली राशिद अलबार ने उत्तराखंड के तुंगनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। शनिवार को उन्होंने हवन कर भगवान को चाँदी की छतरी और छड़ी अर्पित किया। कारोबारी अली राशिद तुंगनाथ की भव्यता और सौंदर्य से अभिभूत नज़र आए। उन्होंने कहा कि तुंगनाथ के प्रति वह अगाध आस्था रखते हैं। अली राशिद चार्टर्ड हैलीकॉप्टर के जरिए यहाँ तक पहुँचे

ऊखीमठ पहुँचे अली राशिद के स्वागत के लिए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर पदाधिकारियों के साथ-साथ जिला प्रशासन के लोग भी मौजूद थे। इसके बाद वह कार से चोपता पहुँचे और फिर वहाँ से घोड़े से 3 किलोमीटर की चढ़ाई कर तुंगनाथ धाम दर्शन करने पहुँचे। असल में उन्हें देहरादून होकर तुंगनाथ जाना था, लेकिन वह दिल्ली से सीधे तुंगनाथ पहुँच गए। उन्होंने क़रीब 2 घंटे तक मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की।

इस दौरान वहाँ भंडारे का भी आयोजन किया गया। शाम को क़रीब 5 बजे वह वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, अली राशिद 829 मीटर की दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा और द दुबई मॉल के डेवलपर भी हैं। उनकी गिनती यूएई के सबसे बड़े रियल इस्टेट कारोबारियों में होती है। वह 583 करोड़ डॉलर रेवेन्यू वाली कम्पनी ईमार प्रॉपर्टीज के संस्थापक भी हैं।

तुंगनाथ मंदिर पंच-केदार मंदिरों में सबसे अधिक ऊँचाई पर स्थित शिव मंदिर है। यह कई हज़ार वर्ष पुराना है। इस मंदिर की स्थापना की कहानी पांडवों से जुड़ी है और रामायण में भी इसका जिक्र मिलता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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