Homeविविध विषयमनोरंजन'क्लीवेज और थाई' दिखाने को बोलता था फिल्म डायरेक्टर, 'आश्रम' की हिरोइन ने बताई...

‘क्लीवेज और थाई’ दिखाने को बोलता था फिल्म डायरेक्टर, ‘आश्रम’ की हिरोइन ने बताई कास्टिंग काउच की कहानी

"ऑडिशन के दौरान कोई बूढ़ी कहता था तो कोई कहता था कि इस फिल्म के लिए बनी ही नहीं हूँ। एक फिल्म के आखिर में यह कह कर बाहर कर दिया कि मैं लीड एक्ट्रेस से अधिक खूबसूरत हूँ।"

कास्टिंग काउच बॉलीवुड का घिनौना सच है, जहाँ काम देने के बहाने अभिनेत्रियों के साथ अश्लील बर्ताव किए जाते हैं। इसी को लेकर वेब सीरीज ‘आश्रम’ की एक्ट्रेस रही प्रीती सूद ने अपने कड़वे अनुभवों को साझा किया है। उन्होंने कास्टिंग काउच को लेकर खुलासा किया कि जब वो फिल्ममेकर के पास काम के लिए गई थीं तो उसने क्लीवेज दिखाने और थाई (जाँघ) को एक्सपोज करने वाले कपड़े पहनने के लिए कहा।

प्रीती ने कहा कि उन्हें ये सब सुन कर अपने कानों पर यकीन ही नहीं हुआ और मैं वहाँ से चली गईं। बता दें कि आश्रम सीरीज को डायरेक्टर प्रकाश झा ने निर्देशित किया था। ई टाइम्स को दिए इंटरव्यू में प्रीती ने अपने अनुभवों को याद किया।

एक्ट्रेस ने कहा, “ऑडिशन के दौरान कोई मुझे बूढ़ी कहता था तो कोई कहता था कि मैं इस फिल्म के लिए बनी ही नहीं हूँ। हद तो तब हो गई, फिल्म के आखिर में यह कह कर बाहर कर दिया गया कि मैं लीड एक्ट्रेस से अधिक खूबसूरत हूँ।”

फिल्मों में आने को लेकर प्रीती ने कहा, “मैं छोटे से शहर से आती हूँ, जहाँ मेरी उम्र में पैरेंट्स लड़कियों की शादी करा देते हैं। इसलिए मैंने जब उनसे कहा कि मुझे फिल्मों में करियर बनाना है तो वो इसके लिए सहमत नहीं हुए थे। ऐसा इसलिए क्योंकि छोटी जगहों वाले लोग ये सोचते हैं कि आप टीचर या दूसरी गवर्नमेंट जॉब करके सेटल हो जाओ, घर की रोटी खा के निकलो।”

सुरवीन चावला भी हुई थीं कास्टिंग काउच की शिकार

हाल ही में बॉलीवुड अभिनेत्री सुरवीन चावला ने भी कास्टिंग काउच को लेकर अपने अनुभव शेयर किए थे। एक्ट्रेस ने वर्ष 2019 में पिंकविला को दिए इंटरव्यू में बताया था कि “मैं दक्षिण की फिल्मों में काम कर रही थी। इसी दौरान एक निर्देशक ने मुझसे कहा कि मैं तुम्हारे शरीर का इंच-इंच देखना चाहता हूँ। मैंने उसके फोन कॉल्स को रिसीव करना बंद कर दिया था। इसके बाद एक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित निर्देशक ने मुझे परेशान किया। वो मेरे करीब आना चाहता था।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -