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‘कन्यादान’ एड की वजह से मुश्किल में फँसीं आलिया भट्ट: मुंबई में शिकायत दर्ज, हिन्दू परंपराओं का मजाक उड़ाना पड़ा भारी

इस विज्ञापन के सामने आते ही आलिया पर हिन्दू धर्म की परंपराओं का मजाक उड़ाने का आरोप लगने लगा। खबरों के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आलिया भट्ट ने हिन्दू भावनाओं को आहत‍ किया है और कन्यादान को प्रतिगामी तरीके से दिखाया है।

बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट खिलाफ मुंबई के सांताक्रूज थाने में शिकायत दर्ज कराई गई हैं। दरअसल अपने नए टीवी एड की वजह से ‍मुश्‍किलों में घिर गई हैं। इस विज्ञापन में ‘कन्यादान’ की परंपरा पर सवाल उठाया गया है। कपड़े के ब्रांड मान्यवर के इस विज्ञापन में विवाह के दौरान होने वाले ‘कन्यादान’ को एक दमनकारी परंपरा के तौर पर दिखाया गया है और उसकी जगह ‘कन्यामान’ को एक विकल्प के तौर पर सुझाया गया है। मान्यवर ने दावा किया कि इससे परंपराओं के बारे में प्रगतिशील तरीकों को सोचने को बढ़ावा दे रहा है।

इस विज्ञापन के सामने आते ही आलिया पर हिन्दू धर्म की परंपराओं का मजाक उड़ाने का आरोप लगने लगा। खबरों के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आलिया भट्ट ने हिन्दू भावनाओं को आहत‍ किया है और कन्यादान को प्रतिगामी तरीके से दिखाया है।

इस मामले में मान्यवार कंपनी और आलिया भट्ट के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। इस विज्ञापन में आलिया भट्ट को दुल्हन के रूप में दिखाया गया है। वह शादी के मंडप में बैठी हैं और सवाल करती हैं कि मैं क्या कोई दान की चीज हूँ?

इस विज्ञापन के बारे में आलिया भट्ट ने कहा था, “मैं पूरी तरह से इस विचारधारा से इत्तेफाक रखती हूँ और ये एक ऐसी चीज है जो मेरे दिल के बहुत करीब है। मैं इस बात से खुश हूँ कि मैं इस एड का हिस्सा बन पाई और लोगों तक एक ऐसा संदेश पहुँचा पाई जिससे समाज में एक सकारात्मक बदलाव हो।”

हालाँकि, ये कोई पहली बार नहीं है, जब किसी ब्रांड ने अपने मार्केटिंग के जरिए हिंदू रीति-रिवाजों पर कुठाराघात करने की कोशिश की हो। हाल के दिनों में कई ब्रांड विशेष रूप से तनिष्क को उसकी इस तरह की सक्रियता के लिए गंभीर प्रतिक्रिया देखने को मिली।

खास बात यह है कि कंपनी ने इस विज्ञापन के लिए काम पर रखा तो किसे, एक बॉलीवुड अभिनेत्री को जबकि बॉलीवुड खुद शोषण और महिलाओं के ऑब्जेक्टिफिकेशन के लिए कुख्यात है। उल्लेखनीय है कि ब्रांड हिंदू धर्म और परंपराओं को ही बार-बार इसलिए निशाना बनाते हैं, क्योंकि वो स्पष्ट रूप से अन्य धर्मों की समस्याग्रस्त प्रथाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने से डरते हैं।

अगर आप विज्ञापन को ध्यान से देखेंगे तो पाएँगे कि पूरे विज्ञापन को विचित्र तरीके से बनाया गया। जबकि ब्रांड को भी यह पता है कि वो जिस तरह का सुझाव दे रहे हैं वह पूरी तरह से निंदनीय है और इसका कोई मतलब नहीं है। वे पूरी तरह से जानते हैं कि कोई भी कपड़ों के ब्रांड की सिफारिश के आधार पर प्राचीन रीति-रिवाजों को नहीं बदलेगा और फिर भी, उन्हें वास्तव में परवाह नहीं है क्योंकि यह केवल एक मार्केटिंग नौटंकी के बारे में है और कुछ नहीं। अन्य धर्मों के रीति-रिवाजों पर उनकी चुप्पी जो वास्तव में महिलाओं को नुकसान पहुँचाती है, उनके प्रोपेगंडा के बारे में बहुत कुछ बताती है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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