Wednesday, December 1, 2021
Homeदेश-समाजSwiggy ने नहीं की डिलीवरी तो बंगाली अभिनेता ने पीएम मोदी को किया ट्वीट:...

Swiggy ने नहीं की डिलीवरी तो बंगाली अभिनेता ने पीएम मोदी को किया ट्वीट: लोगों ने कहा- मामला अंतर्राष्ट्रीय का, UN को टैग करो

एक यूजर ने ट्वीट किया, "पीएम और सीएम को टैग करने के लिए आपका मजाक उड़ाने वालों को शर्म आनी चाहिए। मैं कहना चाहता हूँ कि यह राष्ट्रीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय समस्या है। संयुक्त राष्ट्र को ध्यान देना चाहिए।”

पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ बहुत बुरा बर्ताव किया गया, लेकिन किसी ने उस पर सवाल नहीं उठाया। शनिवार (6 नवंबर 2021) को बंगाली अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी ने एक ऐसी समस्या के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद माँगी, जिसको लेकर वो ट्रोल हो गए। एक्टर ने स्विगी से अपने ‘अनडिलीवर’ भोजन को लेकर ट्वीट किया और देश के प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की।

ट्वीट में प्रोसेनजीत चटर्जी ने लिखा, “3 नवंबर को मैंने फूड डिलीवरी ऐप स्विगी पर एक ऑर्डर दिया। ऑर्डर करने के कुछ देर बाद ही उसका स्टेटस डिलिवर्ड दिखाने लगा, लेकिन मुझे मेरा खाना नहीं मिला। जब इस मामले में स्विगी से शिकायत की तो उसने मुझे पैसे वापस कर दिए, क्योंकि ऑर्डर प्रीपेड था। मैं आपका ध्यान इस ओर खींचना चाहता हूँ, क्योंकि मुझे लगता है कि कोई भी इस मुद्दे का सामना कर सकता है।” ऐक्टर ने प्रधानमंत्री के साथ-साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी ट्वीट में किया है।

प्रोसेनजीत चटर्जी के ट्वीट का स्क्रीनग्रैब

बंगाली अभिनेता ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और देश के प्रधानमंत्री से उन असुविधाओं पर ध्यान देने की माँग की, जो कि खाना ऑर्डर करते समय किसी भी डिलीवरी ऐप से हो सकती हैं। एक्टर ने लिखा, “अगर कोई अपने मेहमानों के खाने के लिए फूड डिलिवरी ऐप पर निर्भर हो और खाना कभी न आए तो क्या होगा? क्या होगा यदि कोई अपने खाने के लिए इन फूड ऐप्स पर निर्भर हो? क्या वे भूखे रहेंगे? ऐसी कई स्थितियाँ हो सकती हैं। इसलिए मुझे लगा कि इसके बारे में बात करना जरूरी है।”

हालाँकि, इस तरह की गैर-जरूरी चीजों के लिए राज्य के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित करने के लिए नेटिजन्स ने अभिनेता को फटकार लगाई है। राजीव दास नाम के एक ट्विटर यूजर ने कहा, “वास्तव में यह एक राष्ट्रीय समस्या है बुंबा दा!! जब बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमला किया गया था तो उनके लिए आवाज उठाना इस समस्या की तुलना में छोटी है … अच्छा… अब उपभोक्ता अदालत का मुद्दा माननीय प्रधानमंत्री हल करेंगे। तालियाँ…।”

ट्वीट का स्क्रीनशॉट

एक अन्य ट्विटर यूजर ने चटर्जी पर तंज कसते हुए इस समस्या के लिए संयुक्त राष्ट्र को भी टैग करने का सुझाव दिया। यूजर ने ट्वीट किया, “पीएम और सीएम को टैग करने के लिए आपका मजाक उड़ाने वालों को शर्म आनी चाहिए। मैं कहना चाहता हूँ कि यह राष्ट्रीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय समस्या है। संयुक्त राष्ट्र को ध्यान देना चाहिए।”

ट्वीट का स्क्रीनशॉट

वहीं, डॉ सुमन डे नाम के एक यूजर ने आश्चर्य व्यक्त किया कि बंगाली अभिनेता ने स्विगी और जोमैटो के बजाय ममता बनर्जी और नरेंद्र मोदी को टैग किया। यूजर ने लिखा, “शनिवार की रात का प्रभाव। वह रात में जो बिडेन को भी टैग कर सकते हैं। ये गंभीर बहुत ही गंभीर बात है। ये डिलीवरी ऐप हैं और इस तरह की समस्याएँ हो सकती हैं, क्योंकि वे ऑर्डर जनरेट नहीं करते हैं। वे केवल उसे बाँटते हैं।”

ट्विटर का स्क्रीनशॉट

हालाँकि, ये कोई पहली बार नहीं है जब बंगाली एक्टर चर्चा में हैं। इसी साल जनवरी में भी वो इसी तरह के हास्यास्पद कारणों से चर्चा में थे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का मजाक उड़ाने के लिए विपक्षी दलों और लिबरल ‘पत्रकारों’ ने दावा किया था कि राष्ट्रपति ने अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी की पेंटिंग का उद्घाटन किया था, जिन्होंने फिल्म ‘गुमनामी’ में नेताजी की भूमिका निभाई थी। हालाँकि, ये पूरी तरह स्पष्ट था कि पद्मश्री से सम्मानित परेश मैती द्वारा बनाई गई तस्वीर नेताजी सुभाषचंद्र बोस के ओरिजिनल फोटोग्राफ पर आधारित थी।

इस बात की पुष्टि इस तथ्य से हुई कि महान स्वतंत्रता सेनानी के पोते ने जनवरी 2020 में वही तस्वीर साझा की थी। बाद में प्रोसेनजीत चटर्जी ने कलाकार को बधाई दी और कहा कि वह एक अभिनेता के रूप में उत्साहित थे कि लोगों का मानना ​​​​था कि नेताजी की पेंटिंग उनके निभाए गए रोल से मिलती जुलती है।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कभी ज़िंदा जलाया, कभी काट कर टाँगा: ₹60000 करोड़ का नुकसान, हत्या-बलात्कार और हिंसा – ये सब देश को देकर जाएँगे ‘किसान’

'किसान आंदोलन' के कारण देश को 60,000 करोड़ रुपए का घाटा सहना पड़ा। हत्या और बलात्कार की घटनाएँ हुईं। आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।

बारबाडोस 400 साल बाद ब्रिटेन से अलग होकर बना 55वाँ गणतंत्र देश: महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का शासन पूरी तरह से खत्म

बारबाडोस को कैरिबियाई देशों का सबसे अमीर देश माना जाता है। यह 1966 में आजाद हो गया था, लेकिन तब से यहाँ क्वीन एलीजाबेथ का शासन चलता आ रहा था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
140,754FollowersFollow
412,000SubscribersSubscribe