Thursday, June 13, 2024
Homeविविध विषयमनोरंजनरश्मिका मंदाना की डीपफेक Video केस में दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR, महिला...

रश्मिका मंदाना की डीपफेक Video केस में दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR, महिला आयोग ने नोटिस देकर पूछा था- कब होगी गिरफ्तारी

इस केस को लेकर DCW ने दिल्ली पुलिस से जवाब-तलब करते हुए उन्हें नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में फिक्र जताते हुए डीसीडब्ल्यू ने कहा था कि किसी महिला एक्ट्रेस की फोटो के साथ गलत तरीके से छेड़छाड़ की गई है। इसे लेकर कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है और ये बेहद गंभीर बात है।

अभिनेत्री रश्मिका मंदाना की डीपफेक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। दरअसल दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक यूनिट ने इसे लेकर अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यहीं नहीं पुलिस टीम बनाकर ने आनन-फानन में इस केस की जाँच भी शुरू कर दी है।

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार (10 नवंबर,2023) को ये एफआईआर दर्ज की है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, ”रश्मिका मंदाना के डीपफेक एआई-जनरेटेड वीडियो को लेकर आईपीसी, 1860 की धारा 465 और 469 और आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 66सी और 66ई के तहत दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल पुलिस थाने में एक एफआईआर दर्ज की गई है और इसकी जाँच की जा रही है।”

जानकारी के अनुसार, इस केस को लेकर दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने खुद संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस से जवाब-तलब करते हुए उसे नोटिस जारी किया था। पूछा गया था कि आखिर अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। इस नोटिस में फिक्र जताते हुए डीसीडब्ल्यू ने कहा था कि जानकारी में आया है कि किसी महिला एक्ट्रेस की फोटो के साथ गलत तरीके से छेड़छाड़ की गई है। इसे लेकर कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है और ये बेहद गंभीर बात है।

इस केस को लेकर डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने दिल्ली पुलिस से 17 नवंबर तक एफआईआर की कॉपी, आरोपितों की डिटेल्स के साथ इस मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है।

डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष मालीवाल ने इसे लेकर अपने एक्स हैंडल पर ट्वीट भी किया, “एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना की AI Generated Deep Fake वीडियो का संज्ञान लेते हुए दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था। अब तक इस मामले में कोई गिरफ़्तार नहीं हुआ है। इस नक़ली वीडियो बनाने वाले के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए।”

उन्होंने कहा, “हमारे नोटिस के बाद दिल्ली पुलिस ने इस फ़ेक वीडियो केस में FIR दर्ज कर ली है। जल्द आरोपित गिरफ्तार होंगे।” बताते चलें कि हाल ही में तेलुगु फिल्म ‘पुष्पा’ फेम रश्मिका मंदाना का एआई टेक्नीक से बना स्विमसूट पहने एक वीडियो सोशल मीडिया पर खासा वायरल हुआ था। असल में स्विम सूट पहने ये मंदाना नहीं बल्कि एक ब्रिटिश-इंडियन इन्फ्लुएंसर ज़ारा पटेल है। AI की Deepfake तकनीक के जरिए उनके चेहरे पर रश्मिका मंदाना का चेहरा लगा दिया गया था।

इसे लेकर सबसे पहले अभिनेता अमिताभ बच्चन ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट डालकर विरोध दर्ज कराया था। उन्होंने इस लेकर कानूनी कार्रवाई की माँग की थी। सेंटर इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने भी इस वीडियो को लेकर कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे सभी डिजिटल नागरिकों की सुरक्षा और भरोसे को कभी टूटने नहीं देगी।

अपने इस वीडियो को लेकर रश्मिका मंदाना ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा था, “मुझे अपने ऑनलाइन फैलाए जा रहे डीप फेक वीडियो पर बात करते और इसे शेयर करते हुए बेहद दुख हो रहा है। ईमानदारी से कहूँ तो ऐसा कुछ, न केवल मेरे लिए, बल्कि हममें से हर एक के लिए बेहद डरावना है, जो आज तकनीकी के बेजा इस्तेमाल की वजह से खतरे में हैं।”

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

लड़की हिंदू, सहेली मुस्लिम… कॉलेज में कहा, ‘इस्लाम सबसे अच्छा, छोड़ दो सनातन, अमीर कश्मीरी से कराऊँगी निकाह’: देहरादून के लॉ कॉलेज में The...

थर्ड ईयर की हिंदू लड़की पर 'इस्लाम' का बखान कर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया गया और न मानने पर उसकी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी गई।

जोशीमठ को मिली पौराणिक ‘ज्योतिर्मठ’ पहचान, कोश्याकुटोली बना श्री कैंची धाम : केंद्र की मंजूरी के बाद उत्तराखंड सरकार ने बदले 2 जगहों के...

ज्तोतिर्मठ आदि गुरु शंकराचार्य की तपोस्‍थली रही है। माना जाता है कि वो यहाँ आठवीं शताब्दी में आए थे और अमर कल्‍पवृक्ष के नीचे तपस्‍या के बाद उन्‍हें दिव्‍य ज्ञान ज्‍योति की प्राप्ति हुई थी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -