Tuesday, January 26, 2021
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‘मेरे शौहर मोहसिन अख्तर को पाकिस्तानी और आतंकी कहा जाता है’: उर्मिला मातोंडकर का छलका ‘दर्द’

"मेरे शौहर केवल मुस्लिम नहीं हैं, वो कश्मीरी मुस्लिम हैं। हर चीज की एक लिमिट होनी चाहिए लेकिन लोग उन्हें आतंकी और पाकिस्तानी तक कहते हैं। रुखसाना और शिविंदर सिंह को मेरे माता-पिता बना कर..."

हाल ही में कॉन्ग्रेस छोड़ कर शिवसेना में शामिल हुईं उर्मिला मातोंडकर का इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर लिया गया था। बाद में पुलिस के प्रयासों के बाद ये वापस आ गया। उर्मिला मातोंडकर ने इन घटनाओं पर बात करते हुए दावा किया कि उनके शौहर मोहसिन अख्तर को अक्सर ट्रोल किया जाता है। बरखा दत्त से बात करते हुए 46 वर्षीय बॉलीवुड अभिनेत्री ने कहा कि उनके शौहर को आतंकी और पाकिस्तानी तक कहा गया।

प्रोपेगंडा पत्रकार बरखा दत्त से ‘मोजो स्टोरी’ पर बात करते हुए उर्मिला मातोंडकर ने कहा कि हर चीज की एक लिमिट होनी चाहिए और हमें पता होना चाहिए कि हम किस हद तक आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके विकिपीडिया पेज के साथ छेड़छाड़ कर के उनके पिता का नाम शिविंदर सिंह और माँ का नाम रुखसाना अहमद कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि ये दोनों नामों वाले व्यक्ति भारत में कहीं न कहीं रह रहे होंगे, लेकिन ये कौन हैं, उन्हें नहीं पता।

उन्होंने कहा, “सबसे बड़ी बात तो ये है कि मेरे शौहर केवल मुस्लिम नहीं हैं, वो कश्मीरी मुस्लिम हैं। हम दोनों समान रूप से निष्ठावान होकर अपने-अपने धर्मों का पालन करते हैं। इससे ट्रॉल्स को लगातार मुझे, मोहसिन अख्तर और उनके परिवार को निशाना बनाने का बड़ा मौका मिल गया। ये काफी दुर्भाग्यपूर्ण है।” शिवसेना ने उर्मिला मातोंडकर का नाम विधान परिषद के लिए भेजा है, ऐसे में वो जल्द ही MLC भी बन सकती हैं।

पार्टी का कहना है कि उसे मराठा, अंग्रेजी और हिंदी – तीनों भाषाओं में पार्टी का प्रतिनिधित्व करने के लिए कोई बड़ा चेहरा चाहिए था और उर्मिला उनमें से एक हैं। उर्मिला मातोंडकर ने दावा किया कि उनकी चमड़ी मोटी तो नहीं है लेकिन इतनी ज्यादा सुंदर है कि उनके रास्ते में आने वाली इस तरह की चीजों से गंदी नहीं हो सकती। उन्होंने संवेदनशीलता को महिलाओं का मजबूत पक्ष करार देते हुए कहा कि उनके पास इसके साथ-साथ दया और सहानुभूति का भाव भी है।

उन्होंने कहा कि एक महिला और अभिनेत्री होने के कारण लोग समझते हैं कि वो मूर्ख और नासमझ हैं, जबकि अधिकतर नेता ही नासमझ हैं। इस पर बरखा दत्त ने उन्हें टोकते हुए कहा कि कई पत्रकार भी ऐसे ही हैं। उर्मिला ने कहा कि इन ट्रोल्स के पालन-पोषण और संस्कृति के साथ क्या है या क्या नहीं, ये तो नहीं पता, लेकिन वो काफी ख़ुशी से अपने पति के साथ रह रही हैं। उन्होंने कहा कि वो बदलाव के लिए इस क्षेत्र में आई हैं।

2019 में आम चुनावों के वक्त उर्मिला कॉन्ग्रेस में शामिल हुई थीं और उन्होंने लोकसभा चुनाव भी लड़ा था। लेकिन वह जीत नहीं पाईं थी। चुनाव के 5 महीने बाद उन्होंने कॉन्ग्रेस की अंदरूनी राजनीति से तंग आकर दिया इस्तीफ़ा दे दिया था। इस्तीफा देते वक़्त उन्होंने एक बयान में कहा था, “मेरी राजनीतिक और सामाजिक संवेदनशीलता का एक बड़े लक्ष्य पर काम करने के बजाय मुंबई कॉन्ग्रेस में कुछ लोग आपसी लड़ाई के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

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