Tuesday, July 27, 2021
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‘जो ना बोले जय श्री राम, भेज दो उसको कब्रिस्तान’, Viral हुए इस नए गाने पर बढ़ा विवाद

ऑपइंडिया इस तरह के किसी गाने की निंदा करता है (फिर चाहे वो किसी भी धर्म विशेष को लेकर ही क्यों न हो)। इससे माहौल बिगड़ सकता है, साम्प्रदायिक तनाव बढ़ सकता है।

देश भर में हो रही मॉब लिंचिंग की घटनाओं के बीच एक गाना रिलीज हुआ है। रिलीज होने के साथ ही ये गाना विवादों में घिर गया है। इस गाने के बोल हैं- ‘जो ना बोले जय श्री राम, भेज दो उसको कब्रिस्तान।’ इस गाने को लेकर सोशल मीडिया में काफी चर्चा हो रही है। जानकारी के मुताबिक, इस गाने को वरुण बहार ने गाया है। 

इस गाने को लेकर लोग सोशल मीडया पर अपनी-अपनी अलग प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। कुछ लोग इसे आपत्तिजनक बता रहे हैं, तो कुछ लोगों को इस गाने में कुछ भी गलत नहीं लग रहा है। ट्विटर यूजर प्रशांत कनौजिया ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए सिंगर को डिजिटल टेररिस्ट बताया है। बता दें कि प्रशांत कनौजिया वही पत्रकार है, जिसे सीएम योगी आदित्यनाथ पर आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट करने के आरोप में यूपी पुलिस ने हाल ही में गिरफ्तार किया था।

प्रशांत ने ट्वीट में लिखा है, “भारत एकमात्र देश है जहाँ आतंकवादी अपना म्यूजिक वीडियो बनाते हैं और यूट्यूब पर चलाते हैं। इस मामले में तालिबान और आईएसआईएस भी इस तकनीक तक नहीं पहुँच पाए हैं। डिजिटल इंडिया के साथ डिजिटल आतंकवाद…” इसके साथ ही कनौजिया ने हैशटैग में डिजिटल टेरेरिस्ट भी लिखा है।

प्रशांत कनौजिया के ट्वीट पर बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो गृह मंत्रालय से लेकर यूपी पुलिस तक से वीडियो बनाने वाले शख्स के खिलाफ कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। वहीं कुछ यूजर्स ऐसे भी हैं जो ये कह रहे हैं कि इस तरह के वीडियो मार्केट में आने से मॉब लिंचिंग जैसी घटनाएँ बढ़ सकती हैं।

वहीं, कुछ यूजर्स ऐसे भी हैं जिन्हें इस तरह के गाने में कोई बुराई नहीं दिख रही है। ऐसे लोग वीडियो ट्वीट करने वाले प्रशांत कनौजिया को ही एंटी हिंदू और एंटी नेशनलिस्ट बता रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा है, “सबसे बड़े आतंकी तो तुम हो। रहते हिंदुस्तान में, खाते हिंदुस्तान की लेकिन हिंदुओं को आतंकवादी बोलते हो। शांतिदूत जब खुलेआम खून खराब करते हैं, तब कहाँ मर जाते हो।”

संपादकीय नोट: ऑपइंडिया इस तरह के किसी गाने की निंदा करता है (फिर चाहे वो किसी भी धर्म विशेष को लेकर ही क्यों न हो)। इससे माहौल बिगड़ सकता है, साम्प्रदायिक तनाव बढ़ सकता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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