Homeविविध विषयमनोरंजन'RRR' ने पार किया ₹900 करोड़ का आँकड़ा, 'द कश्मीर फाइल्स' ने बटोरे ₹331...

‘RRR’ ने पार किया ₹900 करोड़ का आँकड़ा, ‘द कश्मीर फाइल्स’ ने बटोरे ₹331 करोड़: फ्लॉप हो गई जॉन अब्राहम की ‘अटैक’!

वहीं 'द कश्मीर फाइल्स' ने 10 दिनों में दुनिया भर में 331 करोड़ रुपए की कमाई कर के सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाली फिल्मों में से एक का ख़िताब अपने नाम कर लिया है।

दुनिया भर में फ़िलहाल दो ही फिल्मों का बॉक्स ऑफिस पर जलवा चल रहा है – एक है एसएस राजामौली की ‘RRR’ और दूसरी है ‘द कश्मीर फाइल्स’, जिसके निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री हैं। जहाँ ‘RRR’ स्वतंत्रता संग्राम के दो नायकों अल्लुरी सीताराम राजू और कोमाराम भीम के किरदारों पर आधारित फिक्शनल कहानी है, ‘द कश्मीर फाइल्स’ नब्बे के दशक में इस्लामी कट्टरवादियों द्वारा कश्मीरी पंडितों के नरसंहार पर बनी है।

ताज़ा अपडेट्स की बात करें तो ‘RRR’ ने 10 दिनों में 901 करोड़ रुपए की कमाई की है। दसवें दिन फिल्म ने दुनिया भर में 82 करोड़ रुपए से भी अधिक की कमाई कर के इतिहास रच दिया। फिल्म का शेयर अकेले 500 करोड़ रुपए पहुँच गया है। अकेले ‘RRR’ के हिंदी वर्जन ने 185 करोड़ रुपए की नेट कमाई की है। रविवार (3 अप्रैल, 2022) को इसके हिंदी वर्जन ने 20 करोड़ रुपए कमाए। फिल्म सारे पिछले रिकॉर्ड्स तोड़ रही है।

वहीं ‘द कश्मीर फाइल्स’ ने 10 दिनों में दुनिया भर में 331 करोड़ रुपए की कमाई कर के सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाली फिल्मों में से एक का ख़िताब अपने नाम कर लिया है। भारत में इस फिल्म ने अब तक 245 करोड़ रुपए की नेट कमाई की है। वहीं जॉन अब्राहम की ‘अटैक’ बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई और 3 दिनों में मात्र 11.51 करोड़ रुपए ही बटोर पाई। ये फिल्म लगभग फ्लॉप हो गई है और अपने बजट का आधा भी निकाल ले तो बहुत है।

रिलीज से पहले जॉन अब्राहम का कहना था कि ‘RRR’ के एक सप्ताह बाद रिलीज होने के बावजूद उनकी ‘Attack’ को सिनेमाघरों में अच्छी उपस्थिति मिलेगी। उन्होंने कहा था कि हमने जो किया है उसे लेकर भी उनके मन में सम्मान है और ‘हम लोग’ किसी के सामने भी ‘नंबर 2’ नहीं हैं। जॉन अब्राहम ने दक्षिण भारत में बनने वाली मेगा बजट की ‘पैन इंडिया’ फिल्मों को ‘क्षेत्रीय भाषा’ की फ़िल्में बता दिया था, जिससे साउथ सिनेमा के फैंस आहत हुए थे। ‘द कश्मीर फाइल्स’ को लेकर पूछे गए एक सवाल के कारण वो पत्रकार पर भड़क उठे थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -