Tuesday, May 18, 2021
Home विविध विषय मनोरंजन जावेद अख़्तर गैंग इंडस्ट्री के लोगों पर नजर रखता है कि कौन इस्लाम फ्रेंडली...

जावेद अख़्तर गैंग इंडस्ट्री के लोगों पर नजर रखता है कि कौन इस्लाम फ्रेंडली है, कौन नहीं: कंगना रनौत

इंटरव्यू में कंगना रानौत ने बॉलीवुड गीतकार जावेद अख्तर के 'नास्तिक' होने के बारे में खुलासा करते हुए कहा कि जावेद अख्तर जैसे लोग, जो 'नास्तिक' होने का दिखावा करते हैं, वास्तव में, इंडस्ट्री के भीतर ऐसे लोगों पर नज़र रखते हैं कि वे इस्लाम के समर्थक हैं या नहीं?

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रानौत ने इंडस्ट्री के फिल्म-माफियाओं को लताड़ लगाते हुए कहा है कि इस काम में ऐसे गिरोह हैं जिनका लक्ष्य राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाना है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुशांत सिंह राजपूत के मामले को सीबीआई को हस्तांतरित करने के बाद रिपब्लिक टीवी के प्रमुख अर्नब गोस्वामी से बात करते हुए, बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने कहा कि जावेद अख्तर, नसीरुद्दीन शाह जैसे लोगों को फिल्म उद्योग में भाई-भतीजावाद और पक्षपात की मानसिकता को स्थापित करने के लिए काम किया है।

रिपब्लिक टीवी के इंटरव्यू में कंगना रनौत ने बॉलीवुड गीतकार जावेद अख्तर के ‘नास्तिक’ होने के बारे में खुलासा करते हुए कहा कि जावेद अख्तर जैसे लोग, जो ‘नास्तिक’ होने का दिखावा करते हैं, वास्तव में, इंडस्ट्री के भीतर ऐसे लोगों पर नज़र रखते हैं कि वे इस्लाम के समर्थक हैं या नहीं? कंगना ने कहा कि कि ये लोग इंडस्ट्री में इस्लाम के समर्थकों या उनके हित में रहने वाले लोगों को ‘फ़िल्टर’ करते हैं और उन्हें बढ़ावा देते हैं।

बॉलीवुड के लोगों द्वारा मीडिया नैरेटिव किस तरह से कंट्रोल किया जाता है, इस पर कंगना रनौत ने अभिनेता आमिर खान के मौन पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि आमिर खान ने अभी तक भी सुशांत की मौत पर संवेदना व्यक्त नहीं की है।

कंगना रानौत ने कहा कि आमिर खान ने सुशांत सिंह के साथ PK फ़िल्म में काम किया था लेकिन उन्होंने अभी तक भी उनकी मौत की सीबीआई जाँच की माँग नहीं की है, ना ही इस पूरे प्रकरण पर अपने विचार रखे हैं।

सुशांत सिंह की मौत पर चुप्पी के कारण इस ‘गैंग’ पर निशाना साधते हुए कंगना रनौत ने कहा कि आमिर ही नहीं बल्कि अनुष्का शर्मा, राजू हिरानी, आदित्य चोपड़ा और रानी मुखर्जी तक ने भी इस बारे में अपनी राय नहीं रखी है।

इस इंटरव्यू में अर्नब ने कंगना से सवाल किया कि वो नसीरुद्दीन शाह और जावेद अख्तर जैसे लोगों के निशाने पर क्यों रहती हैं? इस पर अभिनेत्री कंगना रनौत ने कहा कि नसीरुद्दीन शाह, जावेद अख्तर, आमिर खान, शाहरुख खान जैसे लोगों के मुद्दे राजनीति से प्रेरित रहते हैं।

कंगना रनौत ने कहा – “ये सब लोग मोदी विरोधी हैं। इन्होंने अवार्ड लौटाए। याचिकाएँ दायर कीं, और पीएम मोदी को अमेरिका का वीजा ना दिए जाने के लिए मुहिम चलाईं। अगर आप इनका समर्थन नहीं करते हैं तो ये लोग आपको चैन से नहीं रहने देंगे।”

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

ख़लीफ़ा मियाँ… किसाण तो वो हैं जिन्हें हमणे ट्रक की बत्ती के पीछे लगाया है

हमने सब ट्राई कर लिया। भाषण दिया, धमकी दी, ज़बरदस्ती कर ली, ट्रैक्टर रैली की, मसाज करवाया... पर ये गोरमिंट तो सुण ई नई रई।

कॉन्ग्रेस के इशारे पर भारत के खिलाफ विदेशी मीडिया की रिपोर्टिंग, ‘दोस्त पत्रकारों’ का मिला साथ: टूलकिट से खुलासा

भारत में विदेशी मीडिया संस्थानों के कॉरेस्पोंडेंट्स के माध्यम से पीएम मोदी को सभी समस्याओं के लिए जिम्मेदार ठहराया गया।

‘केरल मॉडल’ वाली शैलजा को जगह नहीं, दामाद मुहम्मद रियास को बनाया मंत्री: विजयन कैबिनेट में CM को छोड़ सभी चेहरे नए

वामपंथी सरकार की कैबिनेट में सीएम विजयन ने अपने दामाद को भी जगह दी है, जो CPI(M) यूथ विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं।

सोनू सूद की फाउंडेशन का कमाल: तेजस्वी सूर्या से मदद माँग खुद खा गए क्रेडिट

बेंगलुरु पुलिस, बेंगलुरु फायर डिपार्टमेंट, ड्रग कंट्रोलिंग डिपार्टमेंट और बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या के ऑफिस के प्रयासों से 12 मई को श्रेयस अस्पताल में संभावित ऑक्सीजन संकट टल गया। लेकिन, सोनू सूद का चैरिटी फाउंडेशन इस नेक काम का श्रेय लेने के लिए खबरों में बना रहा।

इजरायल का Iron Dome वाशिंगटन पोस्ट को खटका… तो आतंकियों के हाथों मर ‘शांति’ लाएँ यहूदी?

सोचिए, अगर ये तकनीक नहीं होती तो पिछले दो हफ़्तों से गाज़ा की तरफ से रॉकेट्स की जो बरसात की गई है उससे एक छोटे से देश में कितनी भीषण तबाही मचती!

यूनिफॉर्म सिविल कोड और जनसंख्या नियंत्रण कानून वक्त की जरूरत, क्योंकि उनका कोई विशेषाधिकार नहीं

भारत बहुत वर्षों से इस नासूर से ग्रस्त है। जहाँ वह कम संख्या में हैं, विक्टिम हैं। बहुसंख्या में आते ही वे शरिया-शरिया चिल्लाते हैं।

प्रचलित ख़बरें

जैश की साजिश, टारगेट महंत नरसिंहानंद: भगवा कपड़ा और पूजा सामग्री के साथ जहाँगीर गिरफ्तार, साधु बन मंदिर में घुसता

कश्मीर के रहने वाले जान मोहम्मद डार उर्फ़ जहाँगीर को साधु के वेश में मंदिर में घुस कर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या करनी थी।

अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाती भीड़ का हमला: यहूदी खून से लथपथ, बचाव में उतरी लड़की का यौन शोषण

कनाडा में फिलिस्तीन समर्थक भीड़ ने एक व्यक्ति पर हमला कर दिया जो एक अन्य यहूदी व्यक्ति को बचाने की कोशिश कर रहा था। हिंसक भीड़ अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाते हुए उसे लाठियों से पीटा।

विनोद दुआ की बेटी ने ‘भक्तों’ के मरने की माँगी थी दुआ, माँ के इलाज में एक ‘भक्त’ MP ने ही की मदद

मोदी समर्थकों को 'भक्त' बताते हुए मल्लिका उनके मरने की दुआ माँग चुकी हैं। लेकिन, जब वे मुश्किल में पड़ी तो एक 'भक्त' ने ही उनकी मदद की।

भारत में दूसरी लहर नहीं आने की भविष्यवाणी करने वाले वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने सरकारी पैनल से दिया इस्तीफा

वरिष्ठ वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने भारत में कोविड-19 के प्रकोप की गंभीरता की भविष्यवाणी करने में विफल रहने के बाद भारतीय SARS-CoV-2 जीनोम सीक्वेंसिंग कंसोर्टिया (INSACOG) के वैज्ञानिक सलाहकार समूह के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया।

मेवात के आसिफ की हत्या में सांप्रदायिक एंगल नहीं, पुरानी राजनीतिक दुश्मनी: हरियाणा पुलिस

आसिफ की मृत्यु की रिपोर्ट आने के तुरंत बाद, कुछ मीडिया हाउसों ने दावा किया कि उसे मारे जाने से पहले 'जय श्री राम' बोलने के लिए मजबूर किया गया था, जिसकी वजह से घटना ने सांप्रदायिक मोड़ ले लिया।

ओडिशा के DM ने बिगाड़ा सोनू सूद का खेल: जिसके लिए बेड अरेंज करने का लूटा श्रेय, वो होम आइसोलेशन में

मदद के लिए अभिनेता सोनू सूद को किया गया ट्वीट तब से गायब है। सोनू सूद वास्तव में किसी की मदद किए बिना भी कोविड-19 रोगियों के लिए मदद की व्यवस्था करने के लिए क्रेडिट का झूठा दावा कर रहे थे।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,384FansLike
95,935FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe