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‘सच्चा इतिहास इन्हीं कोठरियों में’: नेशनल अवॉर्ड मिलने के बाद कालापानी पहुँचीं कंगना, वीर सावरकर सेल का किया दर्शन

"उन दिनों उनका कितना डर रहा होगा कि ना सिर्फ उन्हें काला पानी में रखा गया, बल्कि समंदर के बीचों बीच इस छोटी-सी कोठरी से निकलकर भागना असंभव रहा होगा, फिर भी उन्हें जेल की मोटी दीवारों के बीच जंजीरो में जकड़कर रखा गया।"

बॉलीवुड की क्वीन कहे जाने वाली कंगना रनौत को चार बार नेशनल अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है। कंगना ने मंगलवार (26 अक्टूबर 2021) को अंडमान द्वीप पर स्थित काला पानी जेल में वीर सावरकर सेल का दौरा किया। उन्होंने इसकी तस्वीरें अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी शेयर की हैं। इसके साथ ही धाकड़ कंगना ने अपने देश के इतिहास को लेकर कहा, ”सच्चा इतिहास इन कोठरियों में ही है। किताबों में जो पढ़ाया जाता है, वो सच नहीं है।”

उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, ”आज अंडमान द्वीप पहुँचने पर मैंने काला पानी, सेलुलर जेल, पोर्ट ब्लेयर में वीर सावरकर के कक्ष का दौरा किया। मैं अंदर तक हिल गई, जब अमानवीयता अपने चरम पर थी, लेकिन सावरकर जी के रूप में मानवता शीर्ष पर थी। उन्होंने आँखों में आँखे डालकर हर क्रूरता का मुकाबला दृढ़ संकल्प के साथ किया।”

‘थलाइवी’ फिल्म की एक्ट्रेस ने आगे लिखा, ”उन दिनों उनका कितना डर रहा होगा कि ना सिर्फ उन्हें काला पानी में रखा गया, बल्कि समंदर के बीचों बीच इस छोटी-सी कोठरी से निकलकर भागना असंभव रहा होगा, फिर भी उन्हें जेल की मोटी दीवारों के बीच जंजीरो में जकड़कर रखा गया। कल्पना कीजिए उस डर का कि अनंत समंदर के बीच कहीं हवा में गायब ना हो जाएँ। कितने कायर थे वो लोग। यह कोठरी आजादी का सच है, ना कि वो जो हमें किताबों में पढ़ाया जाता है।” अंत में उन्होंने कहा, ”मैंने कोठरी में देखा और वीर सावरकर जी के प्रति अपनी कृतज्ञता और गहरा सम्मान जताया। स्वतंत्रता संग्राम के इस सच्चे नायक को मेरा कोटि-कोटि नमन। जय हिंद।”

बता दें कि वीर सावरकर को जहाँ बंदी बनाकर रखा गया था कंगना आज जेल की उस कोठरी में पहुँची थीं। यहाँ वह सावरकर की तस्वीर के सामने नतमस्तक दिखाई दीं। एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम पर 7 तस्वीरें शेयर की हैं। इसमें जेल के अंदर की भी तस्वीर भी है। जिस सेल में सावरकर को रखा गया था, उसके बाहर एक पट्टिका लगी है, जिस पर लिखा गया है कि विनायक दामोदर सावरकर इस कोठरी में 1911 से 1921 तक रहे थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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