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कंगना ने चाइनीज ऐप के बैन का किया समर्थन कहा- हम भारत में चीन की जड़ों को काट दें

“सरकार ने चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है और मुझे लगता है कि ज्यादातर लोग जश्न मना रहे हैं क्योंकि चीन कैसा है हम सभी जानते हैं। यह एक साम्यवादी देश है और हमारी अर्थव्यवस्था और हमारी सिस्टम में गहरे तक उतर गए हैं।"

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने भारत सरकार के चाइनीज ऐप्स को बैन करने के फैसले का समर्थन किया है। कंगना का कहना है कि भारत और चीन के बीच चल रहे तनाव के दौरान लिया गया यह फैसला एक मजबूत संदेश देगा। 

कंगना ने इस मुद्दे पर एक बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा है, “सरकार ने चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है और मुझे लगता है कि ज्यादातर लोग जश्न मना रहे हैं क्योंकि चीन कैसा है हम सभी जानते हैं। यह एक साम्यवादी देश है और हमारी अर्थव्यवस्था और हमारी सिस्टम में गहरे तक उतर गए हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “डेटा भयानक है। हमारा व्यवसाय किस हद तक चीन पर निर्भर हो गया है और इस साल कोरोना फैलाने के साथ दुनिया को हाल के समय की सबसे बड़ी मुश्किल में डाला है। अब वे हमारी सीमाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और वे केवल लद्दाख नहीं चाहते, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम भी चाहते हैं। वे आपका असम भी चाहते हैं और यह कभी खत्म नहीं होने वाला।”

अभिनेत्री ने चीन को निशाने पर लेते हुए कहा, “उन्होंने इस महामारी और जैव युद्ध के साथ दुनिया को अपना असली चेहरा भी दिखा दिया है। उनकी अर्थव्यवस्था उन्हें ताकत दे रही है। इसलिए बेहतर है कि हम भारत में उनकी जड़ों को काट दें और जब इतना राजस्व और पैसा नहीं होगा, तो उनकी ताकत कम होगी।”

इसके साथ ही कंगना ने लोगों से लोकल को सपोर्ट करने की वकालत की है। उन्होंने कहा, “प्राचीन काल में जब भारत दुनिया का नेतृत्व करता था तो दुनिया एक समृद्ध और समावेशी जगह थी। मेरा मानना ​​है कि हमें उस समय में वापस जाने की आवश्यकता है। भारत सही नेतृत्व कर रहा है। चाहे वो धर्म, जिसका हम पालन करते हैं या फिर भाषाओं और धर्मों की विविधता हो।”

कंगना ने आगे कहा, “भारत सही मायनों में लीडर है। अगर ये कम्युनिस्ट लोग लीडर बन जाते हैं, पूँजीवादी लोग लीडर बन जाते हैं, तो यही होता है। सभी जैव-युद्ध और आर्थिक लाभ के बारे में सोचेंगे। इसलिए मुझे लगता है कि आध्यात्मिक विरासत है और इतिहास के साथ सही वर्ल्ड लीडर है, जिसकी फिलॉसॉफी में बलिदान और दुनिया की स्वीकार्यता है। इसलिए मुझे लगता है कि हमें ऐसे समय का लाभ उठाना चाहिए। चीन को दुनिया भर से नफ़रत मिल रही है। इसलिए हमें अगुवाई करनी चाहिए। यह ठीक है कि चीन आपको सब कुछ सस्ता और घटिया दे सकता है। हमें वो नहीं लेना है। हमने सस्ते और घटिया के नतीज़ों को देखा है। हमें अपने लोगों को प्रेरित करना है।”

गौरतलब है कि इससे पहले भी कंगना चीनी सामान का बहिष्कार करने की अपील कर चुकी हैं। उन्होंने एक वीडियो में कहा था, “अगर कोई हमारे हाथ से हमारी ऊँगलियों को काटने की कोशिश करे या हमारी भुजाओं से हमारी हथेली काटने की कोशिश करे तो किस तरह का कष्ट होगा आपको। वही कष्ट पहुँचाया है चीन ने हमें लद्दाख पर अपनी लालची नजरें गड़ा कर। वहाँ हमारी सीमा का एक-एक इंच बचाने के लिए हमारे 20 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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