Monday, April 6, 2020
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‘फिदायीन नहीं बनी तो महेश भट्ट ने कंगना पर फेंके चप्पल, जावेद अख़्तर ने घर बुला धमकाया था’

महेश भट्ट चाहते थे कि कंगना रनौत एक ऐसी मुस्लिम युवती का किरदार अदा करें जो आत्मघाती हमलावर बन जाती है। कंगना को ये रोल पसंद नहीं आया और उन्होंने इनकार कर दिया। महेश इस बात से इतने आग-बबूला हो गए कि उन्होंने कंगना को चप्पल दे मारी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

अभिनेत्री कंगना रनौत की बहन रंगोली चंदेल ने फिल्मकार महेश भट्ट और गीतकार जावेद अख्तर को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रंगोली के मुताबिक भट्ट ने एक बार गुस्से में कंगना पर चप्पल फेंके थे, जबकि अख्तर ने उन्हें अपने घर बुलाकर धमकाया था। इनमें से एक घटना कंगना के करियर के शुरुआती दिनों की है, जबकि दूसरी तब की है जब उनका अभिनेता ऋतिक रोशन से झगड़ा चल रहा था।

ऋतिक से अनबन की बात खुद कंगना ने भी कबूली थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि शक्तिशाली रोशन परिवार उनके पीछे पड़ा हुआ है। रंगोली के मुताबिक इस विवाद के दौरान जावेद अख्तर ने कंगना को अपने घर बुलाया। उसे अपने कहे अनुसार चलने की सलाह दी। वे चाहते थे कि कंगना उनकी बात मान ऋतिक से माफ़ी माँग ले। इससे इनकार किए जाने पर उन्हें जावेद अख्तर ने धमकाया था।

असल में पटकथा लेखक से गीतकार और फिर ट्विटर ट्रोल बने जावेद अख्तर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फासिस्ट बताया था। इस पर कमेंट करते हुए एक ट्विटर यूजर ने पूछा कि ये कैसा फासिज्म है, जिसमें लोग देश के पीएम को रोज 5 बार फासिस्ट बोल कर भी खुला घूम रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से दरख्वास्त करते हुए कहा कि एक बार ऐसे लोगों को फासिज्म का उदाहरण दिखाया जाना चाहिए, जिसके बारे में ये दिन-रात माला जपते रहते हैं। रंगोली ने इसी ट्वीट को कोट करते हुए कंगना वाला वाकया सुनाया।

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रंगोली ने इसके बाद फ़िल्म निर्माता एवं निर्देशक महेश भट्ट से जुड़ा एक वाकया भी बताया। महेश भट्ट चाहते थे कि कंगना रनौत उनकी फ़िल्म में फिदायीन यानी आत्मघाती हमलावर का किरदार अदा करें। कंगना को ये रोल पसंद नहीं आया और उन्होंने इनकार कर दिया। महेश इस बात से इतने आग-बबूला हो गए कि उन्होंने कंगना को चप्पल दे मारी।

यह वाकया भट्ट की फ़िल्म ‘धोखा’ से जुड़ी हैं जिसमें वे कंगना को लेना चाहते थे। इसकी कहानी कुछ यूँ थी कि एक मुस्लिम परिवार को भारतीयों द्वारा मार दिया जाता है। उस मुस्लिम परिवार में एक युवती ज़िंदा बच जाती है, जो बाद में आत्मघाती हमलावर बन जाती है। जब यह रोल ऑफर किया गया था कंगना मात्र 18 वर्ष की थीं। उन्होंने इस रोल को नकार दिया तो महेश भट्ट ने उन पर चप्पल चलाया।

इन दो घटनाओं का जिक्र कर रंगोली यह समझाना चाहती थीं कि आखिर असली फासिज्म होता क्या है? जो लोग असली ज़िंदगी में फासिस्ट जैसा व्यवहार करते हैं, वो पीएम मोदी की आलोचना कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों रंगोली ने महेश भट्ट की बेटी आलिया को फिल्मफेयर द्वारा वर्ष की सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का खिताब दिए जाने वाले फ़ैसले पर भी सवाल उठाया था। रंगोली ने कहा था कि कैसे आलिया भट्ट को एक बुर्के वाली मुस्लिम युवती का किरदार प्ले करने के लिए फ़िल्मफेयर अवॉर्ड दे दिया गया। रंगोली ने बताया कि कंगना अपनी अगली फ़िल्म में एक दलाल का रोल अदा करने वाली हैं, जो गैंगस्टर्स को लड़कियाँ सप्लाई करती थी और तत्कालीन पीएम नेहरू की मित्र थी।

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