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कम उम्र में शादी करो, एक से ज्यादा करो: अभिनेता फिरोज खान ने पैगंबर मोहम्मद का दिया उदाहरण

"...मुझे और भी जल्दी शादी करनी चाहिए थी। मुझे लगता है कि आपको शादी से बहुत कुछ सीखने को मिलता है और क्योंकि यह सुन्नत है, लोगों को एक से अधिक बार शादी करनी चाहिए।"

पाकिस्तान में वहाँ के सिर्फ कट्टरपंथी मुल्ले-मौलवी ही नहीं, पढ़ा-लिखा तबका भी घोर रूढ़ीवादी है। आधुनिकता के नाम पर लिबास तो जरूर बदल गए हैं लेकिन सोच में कोई खास परिवर्तन नहीं दिखता है। ऐसी सोच का सबसे अधिक परिणाम स्त्रियों को भुगतना पड़ता है।

दरअसल, पाकिस्तान के अभिनेता फिरोज खान ने कहा है कि शादी कम उम्र में ही हो जानी चाहिए। उन्होंने न सिर्फ कम उम्र में शादी, बल्कि बहुविवाह को भी जायज ठहराया।

फिरोज खान हाल ही में ‘टाइम आउट विद अहसान खान’ में बहुविवाह और कम उम्र में शादी पर अपना रुख साझा करते हुए जल्दी और एक से अधिक शादी करने के महत्व को साझा किया। वहीं, शादी की संस्था पर सवाल उठाने के लिए मलाला को उन्होंने “पश्चिम का कठपुतली” कहा।

शो के एक सेगमेंट में फिरोज खान अभिनेत्री हुमैमा मलिक के साथ अतिथि के रूप में शिरकत किए थे। शो के इस सेगमेंट उन्होंने कहा कि उन्हें पहले ही शादी कर लेनी चाहिए थी। इसके बाद, उन्होंने जोर देकर कहा कि विवाह सीखने का एक अनुभव है और यह धार्मिक रूप से प्रोत्साहित करता है, इसलिए बहुविवाह एक आम प्रथा होनी चाहिए।

जब अहसान ने दोहराया कि उनके साथ भी ऐसा ही होगा तो अभिनेता ने अस्वीकृति में जवाब दिया। अहसान ने कहा, “मैं तो अभी बच्चा था मुझे इतनी जल्दी शादी नहीं करनी चाहिए थी।” इस पर फिरोज ने जवाब दिया, “नहीं नहीं, मुझे और भी जल्दी शादी करनी चाहिए थी। मुझे लगता है कि आपको शादी से बहुत कुछ सीखने को मिलता है और क्योंकि यह सुन्नत है, लोगों को एक से अधिक बार शादी करनी चाहिए।”

हाल ही में, फिरोज ने पश्चिम में मुस्लिम प्रतिनिधित्व को बदलने के लिए ब्रिटिश अभिनेता रिज अहमद की सराहना की थी। अपने इंस्टाग्राम पर स्टार की प्रशंसा करते हुए फिरोज ने लिखा, “हाहाहा, तबलीगी कहलाने के लिए तैयार हो जाइए…। लेकिन रुको मत भाई, गर्व है!”

यहाँ यह उल्लेख करना उचित है कि तबलीगी एक जमात के रूप में काम करता है, जो कट्टर इस्लाम पर बढ़ावा देता है। इसका प्रभाव भारत और पाकिस्तान सहित अधिकांश मुस्लिम देशों में हैं। तबलीगी जमात पर आतंकवादी गतिविधियों में भी शामिल होने के आरोप लग चुके हैं।

कोरोना शुरू होने के दौरान तबलीगी जमात के लोगों ने भारत में सरकार और आम लोगों के लिए भारी मुश्किलें पैदा की थीं। कोरोनो संक्रमित तबलीगी जमात के लोगों ने न सिर्फ पुलिस व डॉक्टर के साथ बदतमीजी की थी, बल्कि नर्सों के साथ अभद्रता और यौन उत्पीड़न के लिए आरोपी बनाए गए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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