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‘गृहयुद्ध का डर’ दिखाने वाले नसीरुद्दीन शाह की जिंदगी Onomatomania से हराम: खुद बताया- चैन से नहीं रह पाता, एक ही बात दोहराता रहता हूँ

ओनोमैटोमेनिया एक ऐसी बीमारी है जब किसी वाक्य, शब्द या नाम को लेकर एक असामान्य जुनून पैदा हो जाए और आप उसे दोहराते या अपने आप में बड़बड़ाते रहें।

बॉलीवुड इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता और अपने विवादित बयानों के चलते मीडिया सुर्खियों में रहने वाले नसीरुद्दीन शाह ने हाल में दिए एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि 71 साल की उम्र में उन्हें एक बीमारी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि वह ओनोमैटोमेनिया (Onomatomania) से ग्रसित हैं जिसमें व्यक्ति बार-बार अपनी बातें रिपीट करता है।

नसीरुद्दीन शाह ने ये खुलासा यूट्यूब चैनल ‘चलचित्र टॉक्स’ में किया। उन्होंने बताया, “मैं एक बीमारी से जूझ रहा हूँ, जिसे ओनोमैटोमेनिया (Onomatomania) कहते हैं। मैं मजाक नहीं कर रहा हूँ। यह एक मेडिकल कंडीशन है। आप इसे डिक्शनरी में देख सकते हैं।”

उन्होंने बताया, “ओनोमैटोमेनिया एक बीमारी है जिसमें आप बिना किसी वजह से विशेष शब्द या बात को, वाक्य या कविता या भाषण को दोहराते रहते हैं जिसे आप सुनना पसंद करते हैं। मैं इसे हर समय करता हूँ इसलिए मैं कभी भी आराम से नहीं रहता। यहाँ तक कि जब मैं सो रहा होता हूँ, तब भी मैं किसी ऐसे रास्ते पर जा रहा हूँ जो मुझे पसंद है।”

क्या है Onomatomania?

बता दें कि नसीरुद्दीन शाह द्वारा इंटरव्यू में ओनोमैटोमेनिया नाम लिए जाने के बाद इस बीमारी पर चर्चा शुरू हो गई है। सवाल-जवाब हैं कि आखिर ये बीमारी क्या होती है। ऐसे में बता दें कि ये ओनोमैटोमेनिया एक ऐसी बीमारी है जब किसी वाक्य, शब्द या नाम को लेकर एक असामान्य जुनून पैदा हो जाए और आप उसे दोहराते या अपने आप में बड़बड़ाते रहें।

गृहयुद्ध को लेकर नसीरुद्दीन शाह में डर

गौरतलब है कि नसीरुद्दीन शाह पिछले कुछ सालों में अपनी फिल्मों से ज्यादा अजीबोगरीब बयानों के चलते सुर्खियों में रहे हैं। कुछ समय पहले नसीरुद्दीन शाह ने ‘The Wire’ के करण थापर से बात करते हुए कहा था कि उन्होंने तो अपनी ज़िन्दगी जी ली है, लेकिन अपने बच्चों को लेकर डरे हुए हैं।

इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि आज देश में एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत से ज्यादा एक गाय के मरने को मुद्दा बनाया जाता है, जो त्रासद है। गृहयुद्ध की आशंका जताते हुए शाह ने मुस्लिमों की स्थिति पर कहा था, “मुस्लिमों को दूसरे दर्जे का नागरिक बना कर छोड़ दिया गया है… एक फोबिया फैलाने के लिए ये सब किया जा रहा है।” 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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