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15वीं शताब्दी के संत का कीर्तन, तेलुगू गायिका का वीडियो: जानें नाराज़ अनुयायियों ने क्यों पुलिस में की शिकायत, वीडियो हटा कर माँगनी पड़ी माफ़ी

जहाँ उनके फैंस का कहना है कि ये वीडियो सौंदर्यबोध के लिए बनाया गया है, अन्नाम्या के अनुयायी इससे इत्तिफाक नहीं रखते।

तेलुगू गायिका श्रवण भार्गवी ने संत अन्नाम्या के भक्ति गाने पर एक वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर डाला, जिसके बाद वो मुसीबत में फँस गई हैं। 15वीं शताब्दी के ये संत भगवान वेंकटेश्वर के भक्त थे, जिन्होंने ‘ओकापरी कोकापरी’ नामक ये गाना लिखा था। श्रवण भार्गवी ने जो वीडियो शेयर किया, उसमें वो खुद दिखाई देती हैं और बैकग्राउंड में ये गाना बज रहा होता है। संत के अनुयायियों ने इसे ‘अश्लील’ और ‘कामुक’ करार दिया।

इस वीडियो में श्रवण भार्गवी पुस्तकें पढ़ते हुए और कुछ-कुछ खाते हुए दिख रही हैं। जहाँ उनके फैंस का कहना है कि ये वीडियो सौंदर्यबोध के लिए बनाया गया है, अन्नाम्या के अनुयायी इससे इत्तिफाक नहीं रखते। उनका कहना है कि ये एक भक्ति कविता है, एक कीर्तन है, जिसका श्रवण भार्गवी ने अपमान किया है। विरोध के बाद तेलुगू गायिका ने तुरंत इस वीडियो को अपने सभी सोशल मीडिया हैंडल्स से हटा लिया है।

उन्होंने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से माफ़ी माँगते हुए लिखा, “मेरा चैनल सब्सक्राइबर्स के लिए हमेशा ख़ुशी, मनोरंजन और शांति लेकर आया है। मैं कभी नहीं चाहती कि इसे अनचाहे विवादों के लिए जाना जाए। मेरे किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नकारात्मकता के लिए कोई जगह नहीं है। इसे कभी आगे नहीं बढ़ाया गया। मैं इसे इसी तरह रखना चाहती हूँ।” श्रवण भार्गवी के विरुद्ध पुलिस में शिकायत भी दायर हो चुकी है।

तिरुपति में ये शिकायत दायर की गई है और लोगों का कहना है कि वो कभी तेलुगू गायिका को तिरुमला मंदिर में कदम नहीं रखने देंगे। हालाँकि, वीडियो को वापस लेने के बाद शिकायत को भी वापस ले लिया गया है। पहले श्रवण भार्गवी ने वीडियो का ये कह कर बचाव किया कि इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि दृष्टिकोण ही सब कुछ है। उन्होंने खुद को एक हिन्दू, एक ब्राह्मण महिला बताते हुए पहला कहा था कि वीडियो नहीं हटाएँगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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