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प्रचार के लिए ब्लाउज़ सिलवाई, 20 साड़ियाँ खरीदी, ताकि बड़े मुद्दों पर बात कर सकूँ: स्वरा भास्कर

स्वरा भास्कर ने कहा, “मुझे मालूम था कि लोग मुझे इसलिए बुला रहे हैं क्योंकि मैं हीरोइन हूँ। जैसे ही मुझे पता चला कि मैं प्रचार करुँगी, मैंने जाकर तुरंत 20 साड़ियाँ खरीद ली और अपना वॉर्डरोब मेंटेन कर लिया।"

लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण के मतदान जारी हैं। इस लोकसभा चुनाव में कुछ लोकसभा सीटें विशेष चर्चा का विषय बनी रहीं। इन्हीं में से एक थी बिहार से बेगूसराय लोकसभा सीट। बेगूसराय में इस बार कुछ ऐसे चेहरे देखने को मिले, जिनके दिलों में देश के टुकड़े-टुकड़े होता देखने के ख्वाब और जुबान पर ‘क्रांति’ है।

बेगूसराय में इस बार टुकड़े-टुकड़े गैंग के कामरेड कन्हैया कुमार भी राजनीति में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। उनके इस सपने को साकार करने में उनका साथ देने स्वरा भास्कर भी पहुँची थी।

अप्रैल 29 को चौथे चरण के चुनाव में बेगूसराय से निपटने के बाद ‘वीरे दी वेडिंग’ फिल्म के एक ‘सीन विशेष’ के कारण चर्चा का विषय बनी कम्युनिस्ट प्रचारक और पार्ट टाइम बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर को आज टाइम्स ऑफ़ इंडिया को एक इंटरव्यू में खुलकर अपने मन की बात करते हुए देखा गया। स्वरा भास्कर ने इस इंटरव्यू में यह भी दावा किया कि उन्होंने चुनाव प्रचार के लिए 20 साड़ियाँ खरीदीं।

‘जूलरी खरीदी ताकि बड़े मुद्दों पर बात करने वाली नजर आऊँ’

इंटरव्यू के दौरान स्वरा भास्कर ने स्वीकार करते हुए बताया कि उन्हें प्रचार के लिए बुलाया गया क्योंकि वो हीरोइन हैं और इस वजह से ही उन्हें एक इमेज बनाना आवश्यक था। इसी छवि को बनाने के लिए उन्होंने 20 साड़ियाँ खरीदीं और और कुछ जूलरी खरीदी ताकि ‘बड़े मुद्दों पर’ बात की जा सके।

स्वरा भास्कर ने कहा, “मुझे मालूम था कि लोग मुझे इसलिए बुला रहे हैं क्योंकि मैं हीरोइन हूँ। जैसे ही मुझे पता चला कि मैं प्रचार करुँगी, मैंने जाकर तुरंत 20 साड़ियाँ खरीद ली और अपना वॉर्डरोब मेंटेन कर लिया। मैंने ब्लाउज़ सिलवा लिए, जूलरी ले ली, लुक ठीक किया। मैं सुबह उठकर अपने बालों  को सुखाया करती थी मेकअप करती थी, और एअररिंग्स पहनती थी। मुझे पता था कि मीडिया वाले मेरी फोटो और इंटरव्यू लेने आएँगे, जिससे कि मैं आवश्यक मुद्दों पर बात कर सकूँ।”

टाइम्स ऑफ़ इंडिया पर स्वरा जी के बयान का स्क्रीनशॉट

फिल्म इंडस्ट्री के राजनीतिकरण पर स्वरा भास्कर ने कहा, “फिल्म इंडस्ट्री का पहले से ही राजनीतिकरण किया जा चुका है। FTII, सेंसर बोर्ड में होने वाली नियुक्तियों को ही देख लीजिए और जिस प्रकार से राष्ट्रीय पुरस्कार दिए जाते हैं।  हर सरकार अपने लोगों को संसथान में बिठाती है।”

स्वरा भास्कर की मम्मी इरा भास्कर UPA के दौरान थी सेंसर बोर्ड की सदस्य

बता दें कि स्वरा भास्कर कि मम्मी इरा भास्कर, जो कि JNU में सिनेमा स्टडीज की प्रोफेसर हैं, UPA सरकार के दौरान सेंसर बोर्ड की सदस्य हुआ करती थी और जनवरी 2015 में CBFC प्रमुख लीना सैमसन के इस्तीफे के बाद उन्होंने यह सदस्यता त्याग दी थी। उन पर कॉन्ग्रेस चाटुकार होने के भी आरोप लगे थे।

‘मैं ‘विचारक कलाकार’ हूँ’

स्वरा भास्कर ने अपने इंटरव्यू में आगे बताया कि वो एक ‘विचारक कलाकार’ हैं और इस वजह से वो अपने कैंडिडेट का पक्ष मजबूत करने में समर्थ हैं। इसके बाद स्वरा भास्कर ने वीरे दी वेडिंग फिल्म के अपने उस मशहूर सीन पर चर्चा की, जिसके कारण उन्हें एक अलग पहचान मिली थी। स्वरा ने कहा कि उस सीन को चुनाव प्रचार में उतारा गया जो कि सेक्सिज़्म का उदाहरण है और वो इससे थोड़ा ‘हर्ट’ भी हुईं।

हास्यास्पद बात ये है कि सेक्सिज़्म की बात कहने वाली स्वरा भास्कर, अपनी सहकर्मी को ‘सौ टका टंच माल’ कहने वाले कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को भी समर्थन दे चुकी  हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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