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आज़ादी की लड़ाई कुछ ही लोगों ने लड़ी, बाकी तो सत्ता के भूखे थे… वीर सावरकर की जयंती पर रणदीप हुड्डा ने जारी किया टीजर, गाँधी की अहिंसा पर भी ‘कड़वा सच’

उन्हें भगत सिंह, खुदीराम बोस और सुभाष चंद्र बोस को प्रेरित करने वाले व्यक्तित्व करार दिया गया है।

विनायक दामोदर सावरकर की 140वीं जयंती के अवसर पर रणदीप हुड्डा ने अपनी फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ का टीजर जारी कर दिया है। टीजर में वो वीर सावरकर के किरदार में खासे जँच रहे हैं। ये फिल्म महान स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर के जीवन पर आधारित होगी। विदेशी वस्तुओं की होली जलाने से लेकर अंग्रेजों द्वारा प्रताड़ित किए जाने तक, इसमें सब कुछ दिखाया जाएगा। इस फिल्म से रणदीप हुड्डा पहली बार निर्देशन की दुनिया में कदम रख रहे हैं।

इतना ही नहीं, वो आनंद पंडित के साथ मिल कर इस फिल्म को प्रोड्यूस भी कर रहे हैं और फिल्म की कहानी, स्क्रीनप्ले और डायलॉग्स भी उन्होंने उत्कर्ष नैथानी के साथ मिल कर लिखे हैं। फिल्म के टीजर के साथ ‘Who Killed His Story’ का टैगलाइन भी लगाया गया है, जिसका अर्थ है – ‘वीर सावरकर की कहानी को किसने दबा दिया?’ रणदीप हुड्डा आजकल JioCinema पर आ रही क्राइम सीरीज ‘इंस्पेक्टर अविनाश’ के कारण चर्चा में हैं, जो यूपी में बीते जमाने के गैंग्स पर आधारित है।

‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के टीजर की बात करें तो इसकी शुरुआत में ही वीर सावरकर को चलते हुए दिखाया गया है, फिर एक अंग्रेज सिपाही को गोली चलाते हुए दिखाया गया है। बैकग्राउंड में रणदीप हुड्डा की आवाज गूँजती है, “आज़ादी की लड़ाई 90 साल चली। और ये लड़ाई कुछ ही लोगों ने लड़ी थी, बाकी सब तो सत्ता के भूखे थे। गाँधीजी बुरे नहीं थे, लेकिन अगर वो अपनी अहिंसावादी सोच पर अड़े नहीं रहते तो भारत 35 साल पहले ही आज़ाद हो जाता।”

वीडियो में वीर सावरकर को कालापानी की सज़ा का भी मार्मिक चित्रण किया गया है। कालकोठरी के अँधेरे में उन्हें हथकड़ियों में दिखाया गया है। उन्हें अंग्रेजों द्वारा ‘मोस्ट वॉन्टेड’ के रूप में दिखाया गया है, एक ऐसे क्रांतिकारी जिनसे अंग्रेज सबसे ज्यादा डरते थे। जेल में उन्हें कैसे जंजीरों में बाँध कर बेरहमी पीटा गया, ये भी दिखाया गया है। उन्हें भगत सिंह, खुदीराम बोस और सुभाष चंद्र बोस को प्रेरित करने वाले व्यक्तित्व करार दिया गया है।

वीर सावरकर को हथियरबंद क्रांति को प्रेरित करने वाले स्वतंत्रता सेनानी के रूप में चित्रित किया गया है। अंत में वीर सावरकर के किरदार में रणदीप हुड्डा कहते हैं, “मूलनयावन तो सोने की लंका भी थी, लेकिन अगर बात किसी की स्वतंत्रता की हो रावण का राज हो या ब्रिटिश राज – दहन तो होकर रहेगा।” टीजर में ‘भारत माता की जय’ और ‘वन्दे मातरम्’ का नारा भी गूँजता है। फ़िलहाल इस फिल्म की रिलीज डेट नहीं आई है, लेकिन बताया गया है कि ये इसी साल आएगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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