Monday, August 15, 2022
Homeविविध विषयमनोरंजन'जय भीम' के मेकर्स ने वन्नियार समुदाय को किया बदनाम, भेजा मानहानि का नोटिस:...

‘जय भीम’ के मेकर्स ने वन्नियार समुदाय को किया बदनाम, भेजा मानहानि का नोटिस: माँगा ₹5 करोड़ का मुआवजा

इसमें सब-इंस्पेक्टर को हिरासत में लेने और बाद में निर्दोष व्यक्ति की हत्या करने वाले को 'गुरुमूर्ति' का नाम दिया गया है, जिसे फिल्म में बार-बार 'गुरु' कह कर बुलाया जाता है। नोटिस में कहा गया है कि वास्तविक कहानी से विभिन्न पात्रों के नामों का उल्लेख करते हुए जानबूझकर पुलिस सब-इंस्पेक्टर का नाम 'गुरु' रखा है।

वन्नियार संगम के प्रदेश अध्यक्ष पुथा अरुलमोझी ने फिल्म ‘जय भीम’ के अभिनेता सूर्या, ज्योतिका, अमेजन प्राइम वीडियो और निर्देशक टीजे ग्नानवेल को कानूनी नोटिस भेजा है। उन्होंने वन्नियार पार्टी की लीगल टीम पट्टाली मक्कल काची के प्रमुख वकील बालू के जरिए यह नोटिस भेजा है। इसमें उन्होंने माँग की है कि फिल्म के निर्माता समुदाय से माफी माँगे और उन सभी दृश्यों को हटाए जो मानहानिकारक है। 

इसके साथ ही उन्होंने एक हफ्ते के भीतर मुआवजे के रूप में पाँच करोड़ रुपए देने की माँग की है। वन्नियार समुदाय के लोगों का कहना है कि फिल्म में कई चीजें ऐसी हैं जिसके जरिए उनके समुदाय पर कीचड़ उछालने की कोशिश की गई है।

नोटिस में निर्देशक, निर्माता, प्रोडक्शन कंपनी और ओटीटी प्लेटफॉर्म को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499, 500 और 505 के तहत आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इसमें कहा गया कि अगर नोटिस की शर्तों का पालन नहीं किया गया तो अन्य सिविल कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

बता दें कि ‘जय भीम’ 2 नवंबर को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई है। फिल्म में इरुलर समुदाय जनजाति के बारे में दिखाया गया है कि कैसे हिरासत में उन्हें यातनाएँ दी जाती थीं। भेजे गए नोटिस में एक दृश्य का उल्लेख किया गया है, जिसमें जहाँ अग्नि कुंडम (एक बर्तन से निकलने वाली आग) एक कैलेंडर पर दिखाई देता है। 

दरअसल, अग्नि कुंडम वन्नियारों का प्रतीक है। भेजे गए नोटिस में दावा किया गया है कि निर्मताओं ने जानबूझकर कैलेंडर रखा था। साथ ही राजकन्नू को प्रताड़ित करने वाले पुलिसकर्मी के चरित्र को जानबूझकर वन्नियार जाति से संबंधित दिखाया गया है।

इसमें सब-इंस्पेक्टर को हिरासत में लेने और बाद में निर्दोष व्यक्ति की हत्या करने वाले को ‘गुरुमूर्ति’ का नाम दिया गया है, जिसे फिल्म में बार-बार ‘गुरु’ कह कर बुलाया जाता है। नोटिस में कहा गया है कि वास्तविक कहानी से विभिन्न पात्रों के नामों का उल्लेख करते हुए जानबूझकर पुलिस सब-इंस्पेक्टर का नाम ‘गुरु’ रखा है, जो वन्नियार संगम के फ्रंटलाइन के नेताओं में से एक है।

नोटिस में कहा गया, “हमारे मुवक्किल का कहना है कि आपने फिल्म में वास्तविक घटना में वास्तविक पात्रों के असली नाम बरकरार रखा है, लेकिन आपने जानबूझकर सब-इंस्पेक्टर का नाम बदल दिया है। असली कहानी में, जो सब-इंस्पेक्टर विचाराधीन कैदी की हिरासत में मौत में शामिल था, उसका नाम एंथनीसामी था, वह ईसाई धर्म का था।” वन्नियार संगम के अध्यक्ष ने नोटिस में उल्लेख किया कि गलत काम करने वाले को वन्नियार समुदाय से संबंधित तथ्यों को जानबूझकर गलत तरीके से प्रस्तुत करना पूरे समुदाय के सदस्यों को खराब परिदृश्य में पेश करने का एक जानबूझकर प्रयास है।

नोटिस में माँग की गई है कि फिल्म से अग्नि कुंडम की तस्वीर हटा दी जाए। उन्होंने जय भीम की टीम से 24 घंटे के अंदर वन्नियार समुदाय की प्रतिष्ठा को खराब करने के लिए बिना शर्त माफी माँगने के लिए कहा है। नोटिस में टीम को तुरंत मेरे मुवक्किल के समुदाय के खिलाफ झूठी, दुर्भावानपूर्ण और मानहानिकारक टिप्पणियों को प्रकाशित होने से रोकने के लिए कहा गया है।

गौरतलब है कि इससे पहले फिल्म के एक सीन में हिंदी बोलने पर थप्पड़ मारने को लेकर लोग भड़क गए थे। फिल्म के एक सीन में एक आदमी हिंदी में बात करता नजर आता है। इसी बीच प्रकाश राज उसे जोर से थप्पड़ मार देते हैं। इस पर वो शख्स सवाल पूछता है कि आखिर उसे थप्पड़ क्यों मारा गया। जवाब में प्रकाश राज कहते हैं- तमिल में बात करो। कई लोगों ने इस सीन को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विकसित भारत के लिए पंच प्रण: लाल किले की प्राचीर से PM मोदी ने दिया मंत्र, बोले – हम वो, जो कंकड़-कंकड़ में देखते...

पीएम मोदी ने बताया कि साल 2014 में वह ऐसे पहले प्रधानमंत्री बने थे जिन्होंने आजाद भारत में जन्म लेकर लाल किले की प्राचीर से झंडे को फहराया।

स्वतंत्रता के हुए 75 साल, फिर भी बाँटी जा रही मुफ्त की रेवड़ी: स्वावलंबन और स्वदेशी से ही आएगी आर्थिक आत्मनिर्भरता

जब हम यह मानते हैं कि सत्य की ही जय होती है तब ईमानदार सत्यवादी देशभक्त नेताओं और उनके समर्थकों को ईडी आदि से भयभीत नहीं होना चाहिए।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
213,900FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe