Homeविविध विषयभारत की बातDickinsonia: भीमबेटका में मिला दुनिया का सबसे पुराना और दुर्लभ जानवर का जीवाश्म

Dickinsonia: भीमबेटका में मिला दुनिया का सबसे पुराना और दुर्लभ जानवर का जीवाश्म

डिकिनसोनिया को लगभग 541 मिलियन वर्ष पहले, कैम्ब्रियन काल में प्रारंभिक, सामान्य जीवों और जीवन की शुरुआत के बीच प्रमुख लिंक में से एक माना जाता है।

भोपाल से लगभग 40 किमी दूर स्थित यूनेस्को (Unesco site) के संरक्षित क्षेत्र, भीमबेटका (Bhimbetka) की ‘ऑडिटोरियम गुफा’ में दुनिया के सबसे दुर्लभ और सबसे पुराने जीवाश्म खोजा गया है। शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि उन्हें भारत में डिकिनसोनिया (Dickinsonia) का पहला जीवाश्म मिला है। यह पृथ्वी का सबसे पुराना, लगभग 57 करोड़ साल पुराना जानवर है।

समाचार पत्र ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ के अनुसार, यह खोज अंतरराष्ट्रीय पत्रिका ‘गोंडवाना रिसर्च’ के फरवरी संस्करण में प्रकाशित हुई है। डिकिनसोनिया जीवाश्म से पता चला है कि इस जानवर की लंबाई चार फीट से अधिक रही होगी, जबकि मध्य प्रदेश स्थित भीमबेटका की गुफा में जो जीवाश्म मिला है वो 17 इंच लंबा है।

भीमबेटका में डिकिनसोनिया का जीवाश्‍म (Dickinsonia fossils) शोधकर्ताओं को संयोग से ही मिला है। दरअसल, मार्च, 2020 में होने वाली 36वीं इंटरनेशनल जियोलॉजिकल कॉन्ग्रेस से पहले दो शोधकर्ता भीमबेटका के टूर पर गए थे। ये सेमीनार कोरोना वायरस महामारी के कारण दो बार स्थगित भी हो चुका है।

शोधकर्ताओं को भीमबेटका के अपने टूर के दौरान एक पत्‍तीनुमा आकृति नजर आई। यह जमीन से 11 फीट की उँचाई पर चट्टान के ऊपर मौजूद था और किसी रॉक आर्ट की तरह नजर आ रहा था। डिकिनसोनिया को लगभग 541 मिलियन वर्ष पहले, कैम्ब्रियन काल में प्रारंभिक, सामान्य जीवों और जीवन की शुरुआत के बीच प्रमुख लिंक में से एक माना जाता है।

80780617
जीवाश्म की तस्वीर (साभार- odishaexpo)

शोधकर्ता इस बात को लेकर हैरान हैं कि इतने वर्षों तक यह जीवाश्म अनदेखा कैसे रह पाया? भीमबेटका की गुफा को 64 साल पहले वीएस वाकणकर ने ढूँढा था। तब से, हजारों शोधकर्ताओं ने साइट का दौरा किया और यहाँ पर लगातार ही शोधकार्य चल रहे हैं। लेकिन, दिलचस्प बात यह है कि यह दुर्लभ जीवाश्म अब तक सामने नहीं आ सका था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राहुल गाँधी के ‘सीक्रेट’ विदेश दौरे पर राजनीतिक घमासान, BJP ने पूछा- कहाँ हैं कॉन्ग्रेस के युवराज?: ‘छात्रों की गूँज’ कई शहरों में रद्द,...

राहुल गाँधी आखिर हैं कहाँ? बताया जा रहा है कि वो 17 जुलाई 2026 को देहरादून में 'छात्रों की गूँज' कार्यक्रम में सार्वजनिक उपस्थिति देंगे।

रेलवे के सैलून कोच में रुद्राभिषेक पर विवाद: ट्रेन बुकिंग की अधूूरी जानकारी ने छेड़ी बहस; पंडित और शास्त्रों से समझिए क्या है ‘मानस...

प्राइवेट सैलून कोच में हुई मानस पूजा पर विवाद के बीच रेलवे ने कमर्शियल बुकिंग, सुरक्षा नियम और फायर हैजार्ड से जुड़े सभी दावों को खारिज किया।
- विज्ञापन -