Homeविविध विषयभारत की बातज्ञानवापी में सिर्फ शिवलिंग ही नहीं, हनुमान जी की भी मूर्ति: अमेरिका के म्यूजियम...

ज्ञानवापी में सिर्फ शिवलिंग ही नहीं, हनुमान जी की भी मूर्ति: अमेरिका के म्यूजियम में 154 साल पुरानी तस्वीर, नंदी भी विराजमान

154 साल पहले ली गई इस तस्वीर को ध्यान से देखने पर इसमें भगवान शिव के 11वें रूद्र अवतार हनुमान जी की मूर्ति के साथ ही घंटा टंगा दिखता है। इसके अलावा वहीं पर नंदी भी विराजमान दिखाए दे रहे हैं।

वाराणसी स्थित ज्ञानवापी विवादित ढाँचे का सर्वे शुरू होने के बाद से नित नया खुलासा हो रहा है। अब तक ढाँचे के अंदर से शिवलिंग समेत कई अन्य प्रकार की कलाकृतियों के सबूत मिल चुके हैं। ताजा मामले में खुलासा हुआ है कि विवादित ढाँचे के अंदर से हनुमान जी की भी मूर्ति होने के सबूत मिले हैं। करीब 154 साल पुरानी तस्वीर से ये खुलासा हुआ है।

जी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 1868 में ब्रिटिश फोटोग्राफर सैमुअल बॉर्न ली ने ये फोटो खींची थी। जिस ज्ञानवापी विवादित ढाँचे को मुस्लिम पक्ष मस्जिद बताकर उस पर अपना दावा करते हैं, ये रिपोर्ट उन दावों की पोल खोल देती है।

1868 में ली गई तस्वीर, फोटो साभार: getty.edu

दरअसल, 154 साल पहले ली गई इस तस्वीर को ध्यान से देखने पर इसमें भगवान शिव के 11वें रूद्र अवतार हनुमान जी की मूर्ति के साथ ही घंटा टंगा दिखता है। इसके अलावा वहीं पर नंदी भी विराजमान दिखाए दे रहे हैं। तस्वीर में तीन खंबे भी दिख रहे हैं, जिनमें प्राचीन भारतीय शिल्पकला उकेरी दिख रही है।

ऊपर दिख रही तस्वीर को और भी बड़ा/भव्य/क्लियर देखना चाहते हैं तो इस लिंक पर क्लिक कर देख सकते हैं।

ज्ञानवापी की यह फोटो अब कहाँ?

गौरतलब है कि इस तस्वीर को ब्रिटिश फोटोग्राफर ने खींचा था। मौजूदा वक्त में यह अमेरिका के ह्यूस्टन स्थित ‘द म्यूजियम ऑफ फाइन आर्ट्स में संभाल कर रखी गई है। इस तस्वीर के सामने आने के बाद से विवादित ढाँचे पर हिन्दू पक्ष का दावा और अधिक मजबूत हो गया है।

ज्ञानवापी विवाद कब से?

वैसे तो ज्ञानवापी और काशी विश्वनाथ मंदिर विवाद काफी लंबे वक्त से चला आ रहा है, लेकिन ताजा मामले में इसकी शुरुआत पाँच महिलाओं की याचिका से होती है। ये याचिका लक्ष्मी देवी, सीता साहू, मंजू व्यास और रेखा पाठक राखी सिंह ने दायर की थी।

पाँचों महिलाओं ने ज्ञानवापी के अंदर श्रृंगार गौरी की पूजा करने की इजाजत माँगी थी। इसी को लेकर वाराणसी कोर्ट ने विवादित ढाँचे के सर्वे का आदेश दिया। इस आदेश के बाद शुरू हुए सर्वे से एक-एक कर चौंकाने वाली सच्चाई सामने आने लगी है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -