Wednesday, April 14, 2021
Home विविध विषय भारत की बात हर केंद्रीय संस्थान के समीप 2 संस्कृत बोलने वाले गाँव बनाए जाने चाहिए: निशंक

हर केंद्रीय संस्थान के समीप 2 संस्कृत बोलने वाले गाँव बनाए जाने चाहिए: निशंक

फरवरी 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य का बजट पेश करते हुए संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने पर विशेष ज़ोर दिया था। इसके तहत राज्य में संस्कृत पाठशालाओं को अनुदान के लिए 242 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे।

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने गुरूवार (13 जून) को दिल्ली में केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थानों के प्रमुखों की बैठक में कहा कि केंद्रीय शिक्षण संस्थानों के समीप कम से कम दो गाँवों को संस्कृत भाषा बोलने वाले गाँव बनाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं को सशक्त बनाना उनका लक्ष्य है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री संजय धोत्रे भी मौजूद थे।

ख़बर के अनुसार, केंद्रीय मंत्री निशंक ने कहा कि मानव संसाधन मंत्रालय के अधिकारियों के साथ केंद्रीय भाषा से जुड़े संस्थानों के प्रमुखों की लगातार समीक्षा बैठक आयोजित होती रहनी चाहिए। इससे भारतीय भाषाओं के विकास को दिशा मिल सकेगी।

उन्होंने कहा कि संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक शिक्षकों की भर्तियों को बढ़ाने की भी बात कही, जिससे संस्कृत भाषा सीखने वालों की संख्या बढ़ सके। ऐसा करके संस्कृत भाषा को विश्व स्तर पर प्रचारित-प्रसारित करने में सफलता मिलेगी। केंद्रीय मंत्री निशंक ने इस बात पर ज़ोर देते हुए कहा कि देश में केंद्रीय संस्कृत शिक्षण संस्थानों के आसपास कम से कम दो ऐसे गाँव बनाने का लक्ष्य रखा जाए, जहाँ के लोग आम बोलचाल की भाषा के लिए संस्कृत भाषा का प्रयोग करते हों।

केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थानों के प्रमुखों की बैठक में निशंक ने संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए और भी कई महत्वपूर्ण बातें कही। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं के विकास के लिए नए तरीके खोजने की ज़रूरत है। भारतीय भाषाओं में नए शोध और उन्हें वैज्ञानिक दृष्टि प्रदान करने की भी आवश्यकता है। इससे संस्कृत भाषा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकेगी।

इसी तरह के एक प्रयास में, फरवरी 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य का बजट पेश करते हुए संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने पर विशेष ज़ोर दिया था। इसके तहत राज्य में संस्कृत पाठशालाओं को अनुदान के लिए 242 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे। अनुदानित संस्कृत स्कूलों और डिग्री कॉलेजों को अनुदान प्रदान करने के लिए 30 करोड़ रुपए और आवंटित किए गए थे।

संस्कृत में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए काशी विद्यापीठ को 21 करोड़ रुपए दिए गए। वहींं, सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय को 21.51 करोड़ रुपए और काशी हिंदू विश्वविद्यालय में वैदिक विज्ञान केंद्र को 16 करोड़ रुपए दिए गए। पिछले एक दशक में राज्य सरकार द्वारा किसी भी अनुसंधान केंद्र को दिया गया यह सबसे बड़ा आवंटन था।


इसके अलावा उन्होंने अनुवाद पर भी ज़ोर दिया और कहा कि भारतीय भाषाओं के साहित्य का दूसरी भाषाओं में अनुवाद होना चाहिए, जिससे सभी लोग साहित्य जगत में अधिक से अधिक अपनी पहुँच बना सकें और उसका लाभ उठा सकें। इससे भाषा के प्रचार-प्रसार का मार्ग प्रशस्त होगा।  उन्होंने बताया कि जल्द ही भाषा भवन की स्थापना की जाएगी, जहाँ भारतीय भाषाओं से संबंधित सभी संस्थान एक साथ भाषाओं के विकास के लिए काम करेंगे।

दरअसल, भारतीय भाषा संस्थान भारतीय भाषाओं के विकास के लिए काम करता है। भारतीय भाषा संस्थान भारत सरकार की भाषा नीति को तैयार करने और उसके कार्यान्वयन के अलावा भाषा विश्लेषण, भाषा शिक्षा शास्त्र, भाषा प्रौद्योगिकी और समाज में भाषा के इस्तेमाल पर रिसर्च करता है। वर्ष 1969 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन मैसूर में केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थान की स्थापना की गई थी। इसके अलावा क्षेत्रीय भाषा केंद्र भुवनेश्वर, पुणे, मैसूर, पटियाला, गुवाहाटी, सोलन और लखनऊ में हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कर्फ्यू का ऐलान होते ही महाराष्ट्र से प्रवासी मजदूरों की वापसी शुरू: स्टेशनों पर खचाखच भीड़, चलाई जा रही अतिरिक्त ट्रेनें

महाराष्ट्र में 14 अप्रैल की रात 8 बजे से अगले 15 दिनों तक धारा 144 लागू रहेगी। इसे देखते हुए प्रवासी मजदूर फिर से अपने घरों को लौटने लगे हैं।

महाराष्ट्र में 14 अप्रैल की रात से धारा 144 के साथ ‘Lockdown’ जैसी सख्त पाबंदियाँ, उद्धव को बेस्ट CM बताने में जुटे लिबरल

महाराष्ट्र की उद्धव सरकार ने राज्य में कोरोना की बेकाबू होती रफ्तार पर काबू पाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने पीएम से अपील की है कि राज्य में विमान से ऑक्सीजन भेजी जाए। टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाई जाए।

पाकिस्तानी पाठ्यपुस्तकों में पढ़ाया जा रहा काफिर हिंदुओं से नफरत की बातें: BBC उर्दू डॉक्यूमेंट्री में बच्चों ने किया बड़ा खुलासा

वीडियो में कई पाकिस्तानी हिंदुओं को दिखाया गया है, जिन्होंने पाकिस्तान में स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में हिंदू विरोधी प्रोपेगेंडा की तरफ इशारा किया है।

‘पेंटर’ ममता बनर्जी को गुस्सा क्यों आता है: CM की कुर्सी से उतर धरने वाली कुर्सी कब तक?

पिछले 3 दशकों से चुनावी और राजनीतिक हिंसा का दंश झेल रही बंगाल की जनता की ओर से CM ममता को सुरक्षा बलों का धन्यवाद करना चाहिए, लेकिन वो उनके खिलाफ जहर क्यों उगल रही हैं?

यूपी के 15,000 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल हुए अंग्रेजी मीडियम, मिशनरी स्कूलों को दे रहे मात

उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे भी मिशनरी व कांवेंट स्कूलों के छात्रों की तरह फर्राटेदार अंग्रेजी बोल सकें। इसके लिए राज्य के 15 हजार स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम बनाया गया है, जहाँ पढ़ कर बच्चे मिशनरी स्कूल के छात्रों को चुनौती दे रहे हैं।

पहले कमल के साथ चाकूबाजी, अगले दिन मुस्लिम इलाके में एक और हिंदू पर हमला: छबड़ा में गुर्जर थे निशाने पर

राजस्थान के छबड़ा में हिंसा क्यों? कमल के साथ फरीद, आबिद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन क्या हुआ? बैंसला ने ऑपइंडिया को सब कुछ बताया।

प्रचलित ख़बरें

‘हमें बार-बार जाना पड़ता है, वो वॉशरूम कब जाती हैं’: साक्षी जोशी का PK से सवाल- क्या है ममता बनर्जी का टॉयलेट शेड्यूल

क्लबहाउस पर बातचीत में ‘स्वतंत्र पत्रकार’ साक्षी जोशी ने ममता बनर्जी की शौचालय की दिनचर्या के बारे में उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से पूछताछ की।

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

भाई ने कर ली आत्महत्या, परिवार ने 10 दिनों तक छिपाई बात: IPL के ग्राउंड में चमका टेम्पो ड्राइवर का बेटा, सहवाग भी हुए...

IPL की नीलामी में चेतन सकारिया को अच्छी खबर तो मिली, लेकिन इससे तीन सप्ताह पहले ही उनके छोटे भाई ने आत्महत्या कर ली थी।

जहाँ खालिस्तानी प्रोपेगेंडाबाज, वहीं मन की बात: क्लबहाउस पर पंजाब का ठेका तो कंफर्म नहीं कर रहे थे प्रशांत किशोर

क्लबहाउस पर प्रशांत किशोर का होना क्या किसी विस्तृत योजना का हिस्सा था? क्या वे पंजाब के अपने असायनमेंट को कंफर्म कर रहे थे?

रूस का S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम और US नेवी का भारत में घुसना: ड्रैगन पर लगाम के लिए भारत को साधनी होगी दोधारी नीति

9 अप्रैल को भारत के EEZ में अमेरिका का सातवाँ बेड़ा घुस आया। देखने में जितना आसान है, इसका कूटनीतिक लक्ष्य उतनी ही कॉम्प्लेक्स!

यमुनानगर में माइक से यति नरसिंहानंद को धमकी दे रही थी मुस्लिम भीड़, समर्थन में उतरे हिंदू कार्यकर्ता: भारी पुलिस बल तैनात

हरियाणा के यमुनानगर में यति नरसिंहानंद के मसले पर टकराव की स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,176FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe