हर केंद्रीय संस्थान के समीप 2 संस्कृत बोलने वाले गाँव बनाए जाने चाहिए: निशंक

फरवरी 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य का बजट पेश करते हुए संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने पर विशेष ज़ोर दिया था। इसके तहत राज्य में संस्कृत पाठशालाओं को अनुदान के लिए 242 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे।

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने गुरूवार (13 जून) को दिल्ली में केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थानों के प्रमुखों की बैठक में कहा कि केंद्रीय शिक्षण संस्थानों के समीप कम से कम दो गाँवों को संस्कृत भाषा बोलने वाले गाँव बनाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं को सशक्त बनाना उनका लक्ष्य है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री संजय धोत्रे भी मौजूद थे।

ख़बर के अनुसार, केंद्रीय मंत्री निशंक ने कहा कि मानव संसाधन मंत्रालय के अधिकारियों के साथ केंद्रीय भाषा से जुड़े संस्थानों के प्रमुखों की लगातार समीक्षा बैठक आयोजित होती रहनी चाहिए। इससे भारतीय भाषाओं के विकास को दिशा मिल सकेगी।

उन्होंने कहा कि संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक शिक्षकों की भर्तियों को बढ़ाने की भी बात कही, जिससे संस्कृत भाषा सीखने वालों की संख्या बढ़ सके। ऐसा करके संस्कृत भाषा को विश्व स्तर पर प्रचारित-प्रसारित करने में सफलता मिलेगी। केंद्रीय मंत्री निशंक ने इस बात पर ज़ोर देते हुए कहा कि देश में केंद्रीय संस्कृत शिक्षण संस्थानों के आसपास कम से कम दो ऐसे गाँव बनाने का लक्ष्य रखा जाए, जहाँ के लोग आम बोलचाल की भाषा के लिए संस्कृत भाषा का प्रयोग करते हों।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थानों के प्रमुखों की बैठक में निशंक ने संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए और भी कई महत्वपूर्ण बातें कही। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं के विकास के लिए नए तरीके खोजने की ज़रूरत है। भारतीय भाषाओं में नए शोध और उन्हें वैज्ञानिक दृष्टि प्रदान करने की भी आवश्यकता है। इससे संस्कृत भाषा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकेगी।

इसी तरह के एक प्रयास में, फरवरी 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य का बजट पेश करते हुए संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने पर विशेष ज़ोर दिया था। इसके तहत राज्य में संस्कृत पाठशालाओं को अनुदान के लिए 242 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे। अनुदानित संस्कृत स्कूलों और डिग्री कॉलेजों को अनुदान प्रदान करने के लिए 30 करोड़ रुपए और आवंटित किए गए थे।

संस्कृत में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए काशी विद्यापीठ को 21 करोड़ रुपए दिए गए। वहींं, सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय को 21.51 करोड़ रुपए और काशी हिंदू विश्वविद्यालय में वैदिक विज्ञान केंद्र को 16 करोड़ रुपए दिए गए। पिछले एक दशक में राज्य सरकार द्वारा किसी भी अनुसंधान केंद्र को दिया गया यह सबसे बड़ा आवंटन था।


इसके अलावा उन्होंने अनुवाद पर भी ज़ोर दिया और कहा कि भारतीय भाषाओं के साहित्य का दूसरी भाषाओं में अनुवाद होना चाहिए, जिससे सभी लोग साहित्य जगत में अधिक से अधिक अपनी पहुँच बना सकें और उसका लाभ उठा सकें। इससे भाषा के प्रचार-प्रसार का मार्ग प्रशस्त होगा।  उन्होंने बताया कि जल्द ही भाषा भवन की स्थापना की जाएगी, जहाँ भारतीय भाषाओं से संबंधित सभी संस्थान एक साथ भाषाओं के विकास के लिए काम करेंगे।

दरअसल, भारतीय भाषा संस्थान भारतीय भाषाओं के विकास के लिए काम करता है। भारतीय भाषा संस्थान भारत सरकार की भाषा नीति को तैयार करने और उसके कार्यान्वयन के अलावा भाषा विश्लेषण, भाषा शिक्षा शास्त्र, भाषा प्रौद्योगिकी और समाज में भाषा के इस्तेमाल पर रिसर्च करता है। वर्ष 1969 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन मैसूर में केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थान की स्थापना की गई थी। इसके अलावा क्षेत्रीय भाषा केंद्र भुवनेश्वर, पुणे, मैसूर, पटियाला, गुवाहाटी, सोलन और लखनऊ में हैं।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

"मोदी सरकार के इस कदम से साफ हो गया है कि राष्ट्र विरोधी और अलगाववादी गतिविधियों के लिए देश में कोई जगह नहीं है। जन संघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू- कश्मीर में एक संविधान और एक विधान को लेकर जो संघर्ष किया उनका पक्ष आखिरकार सही साबित हुआ है और नेहरू और शेख अब्दुल्ला गलत साबित हुए हैं।"

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

इमरान ख़ान

मोदी के ख़िलाफ़ बयानबाजी बंद करें इमरान ख़ान: मुस्लिम मुल्कों की पाकिस्तान को 2 टूक

मुस्लिम देशों ने प्रधानमंत्री इमरान खान से कहा है कि कश्मीर मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए वह अपने भारतीय समकक्ष के खिलाफ अपनी भाषा में तल्खी को कम करें।
सीजेआई रंजन गोगोई

CJI रंजन गोगोई: कश्मीर, काटजू, कन्हैया…CM पिता जानते थे बेटा बनेगा मुख्य न्यायाधीश

विनम्र स्वभाव के गोगोई सख्त जज माने जाते हैं। एक बार उन्होंने अवमानना नोटिस जारी कर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू को अदालत में तलब कर लिया था। काटजू ने सौम्या मर्डर केस में ब्लॉग लिखकर उनके फैसले पर सवाल उठाए थे।
तजिंदर बग्गा, एंड्रिया डिसूजा

‘₹500 में बिक गईं कॉन्ग्रेस नेता’: तजिंदर बग्गा ने खोली रिया (असली नाम एंड्रिया डिसूजा) की पोल

बग्गा ने रिया को व्हाट्सएप मैसेज किया और कहा कि वो उनसे एक प्रमोशनल ट्वीट करवाना चाहते हैं। रिया ने इसके लिए हामी भर दी और इसकी कीमत पूछी। बग्गा ने रिया को प्रत्येक ट्वीट के लिए 500 रुपए देने की बात कही। रिया इसके लिए भी तैयार हो गई और एक फेक ट्वीट को...
सिंध, पाकिस्तान

मियाँ मिट्ठू के नेतृत्व में भीड़ ने हिन्दू शिक्षक को पीटा, स्कूल और मंदिर में मचाई तोड़फोड़

इस हमले में कट्टरपंथी नेता मियाँ मिट्ठू का हाथ सामने आया है। उसने न सिर्फ़ मंदिर बल्कि स्कूल को भी नुक़सान पहुँचाया। मियाँ मिट्ठू के नेतृत्व में भीड़ ने पुलिस के सामने शिक्षक की पिटाई की, मंदिर में तोड़फोड़ किया और स्कूल को नुक़सान पहुँचाया।
हिना सिद्धू, मलाला युसुफ़ज़ई

J&K पाकिस्तान को देना चाहती हैं मलाला, पहले खुद घर लौटकर तो दिखाएँ: पूर्व No.1 शूटर हिना

2013 और 2017 विश्वकप में पहले स्थान पर रह कर गोल्ड मेडल जीत चुकीं पिस्टल शूटर हिना सिद्धू ने मलाला को याद दिलाया है कि ये वही पाकिस्तान है, जहाँ कभी उनकी जान जाते-जाते बची थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में लड़कियों की शिक्षा के लिए कितने मौके हैं, इसे मलाला बेहतर जानती हैं।

शेख अब्दुल्ला ने लकड़ी तस्करों के लिए बनाया कानून, फॅंस गए बेटे फारूक अब्दुल्ला

फारूक अब्दुल्ला को जिस पीएसए एक्ट तहत हिरासत में लिया गया है उसमें किसी व्यक्ति को बिना मुक़दमा चलाए 2 वर्षों तक हिरासत में रखा जा सकता है। अप्रैल 8, 1978 को जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल से इसे मंजूरी मिली थी। यह क़ानून लकड़ी की तस्करी रोकने के लिए लाया गया था।
हिन्दू लड़की की हत्या

…बस एक एग्जाम और डेंटल डॉक्टर बन जातीं नमृता लेकिन पाकिस्तान में रस्सी से बंधा मिला शव

बहन के मृत शरीर को देख नमृता के भाई डॉ विशाल सुंदर ने कहा, "उसके शरीर के अन्य हिस्सों पर भी निशान हैं, जैसे कोई व्यक्ति उन्हें पकड़ रखा था। हम अल्पसंख्यक हैं, कृपया हमारे लिए खड़े हों।"
नितिन गडकरी

भारी चालान से परेशान लोगों के लिए गडकरी ने दी राहत भरी खबर, अब जुर्माने की राशि 500-5000 के बीच

1 सितंबर 2019 से लागू हुए नए ट्रैफिक रूल के बाद से चालान के रोजाना नए रिकॉर्ड बन और टूट रहे हैं। दिल्ली से लेकर अन्य राज्यों में कई भारी-भरकम चालान काटे गए जो मीडिया में छाए रहे जिसे देखकर कुछ राज्य सरकारों ने पहले ही जुर्माने की राशि में बदलाव कर दिया था।
दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह

क़र्ज़माफ़ी संभव नहीं, राहुल गाँधी को नहीं करना चाहिए था वादा: दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह

राहुल गाँधी ने चुनाव के दौरान सरकार गठन के 10 दिनों के भीतर किसानों की क़र्ज़माफ़ी करने का ऐलान किया था। लेकिन लक्ष्मण सिंह के कहना है कि क़र्ज़माफ़ी किसी भी क़ीमत पर संभव नहीं है। राहुल गाँधी को ऐसा वादा नहीं करना चाहिए था।
एन राम

‘The Hindu’ के चेयरमैन बने जज: चिदंबरम को कॉन्ग्रेस के कार्यक्रम में दी क्लीन चिट, कहा- कोई सबूत नहीं

एन राम चिदंबरम को जेल भेजने के लिए देश की अदालतों की आलोचना करने से भी नहीं चूके। उन्होंने कहा कि इस गिरफ्तारी की साजिश करने वालों का मकसद सिर्फ और सिर्फ चिदंबरम की आजादी पर बंदिश लगाना था और दुर्भाग्यवश देश की सबसे बड़ी अदालतें भी इसकी चपेट में आ गईं।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

91,179फैंसलाइक करें
15,166फॉलोवर्सफॉलो करें
97,500सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: