सलमान खान के ख़िलाफ़ पत्रकार से बदसलूकी के आरोप में कोर्ट ने दिए जाँच के आदेश

24 अप्रैल की सुबह सलमान साईकिल चला रहे थे और उनके 2 अंगरक्षक भी उनके साथ मौजूद थे। इस दौरान वह भी वहाँ कार से गुजरे। सलमान को देखकर उन्होंने बॉडीगार्ड्स की सहमति से उनकी वीडियो बनानी शुरू की। लेकिन.....

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान पर पत्रकार से बदसलूकी करने के आरोप में मुंबई की एक कोर्ट ने उनके ख़िलाफ़ पुलिस को जाँच के आदेश दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उन पर इसी साल अप्रैल में एक पत्रकार से कथित तौर पर मारपीट करने का आरोप लगा था। जिसके बाद जून महीने में पत्रकार ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाकर सलमान खान और उनके 2 बॉडीगार्ड के ख़िलाफ़ FIR दर्ज करने की माँग की थी।

अब इसी मामले पर सुनवाई करते हुए अंधेरी के मेट्रोपॉलिटन कोर्ट ने डीएन नगर पुलिस को सलमान खान और उनके 2 बॉडीगार्ड्स के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं और मामले की जाँच करने को कहा है। जानकारी के अनुसार इस साल के अप्रैल महीने में हुई इस घटना में पत्रकार ने सलमान खान को साईकिल चलाते देख उनकी वीडियो बनाने की कोशिश की थी, जिसके बाद ये घटना घटी।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अदालत ने पुलिस को आदेश दिए हैं कि पुलिस सलमान खान और उनके 2 बॉडीगार्ड्स के ख़िलाफ़ एक पत्रकार से मारपीट व बदसलूकी करने के आरोप की जाँच करें और 14 अक्टूबर तक कोर्ट में जाँच रिपोर्ट पेश करे।

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गौरतलब है कि जिस पत्रकार ने बॉलीवुड के भाईजान के ख़िलाफ़ मामला दर्ज करवाया है, उसका नाम अशोक पांडेय हैं। अशोक ने अंधेरी के अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट आर आर खान की अदालत में आईपीसी की धारा 323 (चोट पहुँचाने), 392 (लूटपाट) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत ‘शिकायत’ दर्ज कराई थी।

अशोक ने अपनी शिकायत में बताया था कि 24 अप्रैल की सुबह सलमान साईकिल चला रहे थे और उनके 2 अंगरक्षक भी उनके साथ मौजूद थे। इस दौरान वह भी वहाँ कार से गुजरे। सलमान को देखकर उन्होंने बॉडीगार्ड्स की सहमति से उनकी वीडियो बनानी शुरू की। लेकिन सलमान को यह चीज पसंद नहीं आई और उनके बॉडीगार्ड उनके(अशोक) के पास आकर उनसे मारपीट करने लगे। पत्रकार का आरोप है कि इस दौरान उसका फोन भी छीन लिया गया। और जब उसने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई तो उन्होंने भी एफआईआर नहीं लिखी, जिस कारण उन्हें कोर्ट का सहारा लेना पड़ा।

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कमलेश तिवारी
कमलेश तिवारी की हत्या के बाद एक आम हिन्दू की तरह, आपकी तरह- मैं भी गुस्से में हूँ और व्यथित हूँ। समाधान तलाश रहा हूँ। मेरे 2 सुझाव हैं। अगर आप चाहते हैं कि इस गुस्से का हिन्दुओं के लिए कोई सकारात्मक नतीजा निकले, मेरे इन सुझावों को समझें।

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