Homeविविध विषयअन्य'सब कुछ तुम्हारे जन्मतिथि जैसा भ्रामक नहीं': अमित मिश्रा ने शाहिद अफरीदी को किया...

‘सब कुछ तुम्हारे जन्मतिथि जैसा भ्रामक नहीं’: अमित मिश्रा ने शाहिद अफरीदी को किया ‘बोल्ड’, आतंकी यासीन मलिक के लिए कर रहा था बैटिंग

"प्रिय शाहिद अफरीदी, यासीन मलिक ने अदालत में खुद ही अपना दोष कबूल किया है। सब कुछ आपके जन्मतिथि की तरह भ्रामक नहीं है।"

आतंकी यासीन मलिक का समर्थन करने पर भारतीय स्पिन गेंदबाज अमित अमित मिश्रा ने पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी को करारा जवाब दिया है। भारत के लिए 68 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके दाहिने हाथ के लेग-ब्रेक स्पिनर अमित मिश्रा ने शाहिद अफरीदी के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा, “प्रिय शाहिद अफरीदी, यासीन मलिक ने अदालत में खुद ही अपना दोष कबूल किया है। सब कुछ आपके जन्मतिथि की तरह भ्रामक नहीं है।”

बता दें कि शाहिद अफरीदी ने आतंकी का समर्थन करते हुए ट्वीट किया था, “भारत अपने जबरदस्त मानवाधिकार हनन के कृत्यों के खिलाफ किए जाने वाली आलोचना की आवाज़ों को दबाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, जो विफल होगा। यासीन मलिक पर मनगढंत आरोप लगाए जाने से कश्मीर की आज़ादी के संघर्ष पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। मैं संयुक्त राष्ट्र (UN) से आग्रह करता हूँ कि कश्मीरी नेताओं के खिलाफ चल रहे अवैध और अन्यायपूर्ण ट्रायल्स पर संज्ञान ले।”

साथ ही शाहिद अफरीदी ने पीछे से अपनी एक तस्वीर भी पोस्ट की। उनके आगे पाकिस्तान के नेशनल फ्लैग और उसके कब्जे वाले कश्मीर (जिसे पाकिस्तानी ‘आज़ाद कश्मीर’ कहते हैं) के कथित झंडे को देखा जा सकता है। इससे पहले पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने भी यासीन मलिक का समर्थन करते हुए कहा था कि ‘भारत अधिकृत जम्मू कश्मीर’ में ‘कश्मीरी नेताओं के साथ दुर्व्यवहार’ का दुनिया को संज्ञान लेना चाहिए।

उन्होंने कहा था कि ‘प्रमुख कश्मीरी नेता’ यासीन मलिक पर आतंकवाद के ‘झूठे आरोप लगा कर’ दोषी ठहराने की प्रक्रिया ‘भारत के जबरदस्त मानवाधिकार हनन के आलोचकों को चुप कराने’ का एक विफल प्रयास है। उन्होंने ये भी कहा था कि मोदी सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। इसी तरह पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने ‘हिंदुत्व फासिस्ट’ बता दिया और यासीन मलिक पर लगे आरोपों को झूठा बताया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

आतंकियों तक आधार पहुँचाने की साजिश किसकी? MP के ‘क्लोन Aadhar मशीन’ मामले ने बढ़ाई चिंता, अन्य राज्यों में भी फर्जी पंजीकरण के नेटवर्क...

मध्य प्रदेश के क्लोन आधार मशीन मामले के बाद जानिए, क्या दूसरे राज्यों में भी आधार पंजीकरण में ऐसी गड़बड़ियाँ सामने आई हैं।

बीमारी के बहाने निशाने पर भारत… BBC ने ’38 परजीवी’ के सहारे 19 साल पुरानी घटना पर किया बदनाम: पढ़ें- कैसे पश्चिमी मीडिया ने...

BBC ने रिपोर्ट में लिखा कि भारत घूमने आई महिला के दिमाग में 38 परजीवी मिले। यह दावा न तो मेडिकल साइंस के हिसाब से सही और न इसमें कोई सच्चाई।
- विज्ञापन -