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‘वो लाउडस्पीकर पर अजान बजाएँ… यहाँ हनुमान चालीसा बजेगी’ : भजन गायिका अनुराधा पौडवाल के सवाल, बोलीं- भारत जैसा कहीं नहीं होता

गायिका अनुराधा पौडवाल ने लाउडस्पीकर पर होती अजान के मुद्दे पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि जैसे भारत में अजान दी जाती है। वैसे तो मुस्लिम देशों में भी नहीं होता।

बॉलीवुड के मशहूर गायक सोनू निगम के बाद अब देवी-देवताओं के भजन गाने के लिए प्रसिद्ध, गायिका अनुराधा पौडवाल ने लाउडस्पीकर पर होती अजान के मुद्दे पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि जैसे भारत में अजान दी जाती है। वैसे तो मुस्लिम देशों में भी नहीं होता। उन्होंने बताया कि वो किसी मजहब के विरुद्ध नहीं हैं, लेकिन इस तरह लाउडस्पीकर पर जब अजान होती है तो बाकी धर्म के लोग भी चाहते हैं कि वह भी स्पीकर चलाएँ।

अनुराधा पौडवाल ने अपना पक्ष जी न्यूज से बातचीत में रखा। उन्होंने कहा, “मैं दुनिया की कई जगहों पर घूमी हूँ। लेकिन जैसे भारत में होता है वैसा कहीं और नहीं होता। मैं किसी धर्म के खिलाफ नहीं हूँ। पर हमारे यहाँ इसे जबरदस्ती बढ़ावा दिया जा रहा है। ऊँची आवाज में मस्जिद से लाउडस्पीकर लगाकर अजान चलाई जाती है जिसे देख दूसरों को भी लगता है कि वो अपना लाउडस्पीकर क्यों न चलाएँ।”

उन्होंने कहा, “मैं तो मिडिल ईस्टर्न देशों में भी ट्रैवेल कर चुकी हूँ। लेकिन वहाँ तो लाउडस्पीकर पर अजान बैन है। जब मुस्लिम देशों में लाउडस्पीकर पर अजान नहीं हो रही तो भारत में ही क्यों हो रहा है ऐसा? उन्होंने कहा, “यहाँ लाउडस्पीकर पर अजान चलती है तो यहाँ लोगों ने कहा हम हनुमान चालीसा चलाएँगे। इसी कारण से विवाद बढ़ता है जो बेहद दुखद है।”

उन्होंने नवरात्रि और रामनवमी जैसे हिंदू त्योहारों को लेकर बात की। साथ ही युवाओं को संदेश दिया। उन्होंने कहा, “हमें अपने बच्चों को देश की संस्कृति के बारे में जागरुक करना चाहिए। उन्हें ये बात बताई जानी चाहिए कि आदि शंकराचार्य हमारे धर्म गुरु हैं।: वह बोलीं, “पोप का संबंध ईसाइयों से है, ये जानकारी तो सबको होगी ही। इसीलिए हमारे धर्म के बारे में भी ये पता होना ही चाहिए कि हिंदुओं के पास चार वेद, 18 पुराण और 4 मठ हैं।”

सोनू निगम और लाउडस्पीकर विवाद

बता दें कि अनुराधा की तरह ही साल 2017 में ऐसा ही सवाल सोनू निगम ने उठाया था। उन्होंने पूछा था कि आखिर जब इस्लाम बना तो बिजली नहीं थी। फिर ये सब क्यों होता है। उनका कहना था कि वो मुस्लिम नहीं है फिर भी सुबह उठना पड़ता है। आखिर कब जबरन मजहब थोपना बंद किया जाएगा। उनके इस बयान के बाद उनके विरुद्ध कट्टरपंथियों ने उन्हें गंजा करने के लिए फतवा जारी कर दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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