Homeविविध विषयअन्य'भोजपुरी भाषा का प्रयोग वर्जित' वाला स्कूल बोर्ड देख कर भड़के खेसारी लाल यादव,...

‘भोजपुरी भाषा का प्रयोग वर्जित’ वाला स्कूल बोर्ड देख कर भड़के खेसारी लाल यादव, पूछा- काहे हो?

"काहे अइसन का बात भइल की भोजपुरी भाषा ना बोलल जाई, जवन लिखले बा ओकर सच में दिमाग खराब हो गईल बा।"

भोजपुरी फिल्मों के जाने-माने एक्टर खेसारी लाल यादव एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। इस बार वो अपने एक ट्वीट की वजह से चर्चा में हैं। दरअसल उन्होंने एक तस्वीर के साथ ट्वीट किया है। इसमें एक स्कूल का बोर्ड लगा है। 

इस तस्वीर में लिखा है, “सूचना : विद्यालय परिसर में भोजपुरी भाषा का प्रयोग वर्जित है।” इस फोटो को शेयर करते हुए खेसारी लाल यादव ने भोजपुरी में सवाल करते हुए लिखा है – “काहे हो” (क्यों)। इसके साथ उन्होंने गुस्से वाला इमोजी भी लगाया है।

खेसारी लाल यादव के इस ट्वीट के वायरल होते ही लोगों ने प्रतिक्रियाएँ देनी शुरू कर दीं। एक यूजर ने इस पर कमेंट करते हुए लिखा, “कहाँ का स्कूल है। प्रिंसिपल पर तुरंत कार्रवाई हो।”

रिजवान अंसारी ने लिखा, “काहे कि हमनी के खुद अपना भाषा के कदर ना कइनी सन केतना लोग बोले ला? सब केहू हिन्दी इंगलिस के पीछे पागल हो गइल बा और भोजपुरी पीछे छूट गइल ओकरा बाद त सबके पता बा।” (क्योंकि हमें खुद अपनी भाषा की कद्र नहीं है। सब कोई हिंदी इंगलिश के पीछे पागल हो गए हैं और उसके बाद का तो सबको पता ही है।)

निम्मी सिंह ने लिखा, “काहे अइसन का बात भइल की भोजपुरी भाषा ना बोलल जाई, जवन लिखले बा ओकर सच में दिमाग खराब हो गईल बा।” (क्यों ऐसी क्या बात हो गई कि भोजपुरी भाषा नहीं बोली जाएगी। जिसने ऐसा लिखा है, उसका दिमाग सच में खराब हो गया है।)

प्रवीण राय ने लिखा, “स्कूल विदेश में बा। इसकी मान्यता तुरंत रद्द हो, जब हर स्टेट में अपनी अपनी भाषा है तो फिर भोजपुरी से काहे हिल त बाड़ जा।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “भोजपुरी भाषा से ही हम बोलना शुरु करते हैं। कैसे इसे छोड़ सकते हैं, जिसको अच्छा नहीं लगता वे ना बोलें, मुझे अच्छा लगता है और यही बोलते हैं। यहाँ तो अब जैसे रिवाज़ चलता आ रहा जिससे शुरुआत करते हैं, उसी को भूल जाते हैं।”

वहीं विशाल कुमार राव ने लिखा, “जातिवाद बढ़ाओगे तो बैन तो होगा ही… केवल जाति पे गाना गाते हो… तुम एक भी गाना बता दो ना अपना जो अपने बेटी के साथ सुन सकते हो।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

फर्टिलाइजर डिप्लोमेसी के बाद भारत के सामने रबी सीजन की परीक्षा: जानिए खेती की चुनौतियों से निपटने के लिए मोदी सरकार ने की है...

इस रबी सीजन में भारत का मुख्य फोकस कृषि उत्पादन के रिकॉर्ड लक्ष्य के साथ जलवायु परिवर्तन और मानसून से होने वाले जोखिमों को कम करने पर है।

दुनिया में हाहाकार, फिर भी भारत में नहीं हुई खाद की कमी: जानिए मोदी सरकार ने अपनी कूटनीति ने कैसे सुरक्षित रखा देश का...

भारत अपनी जरूरत की खाद का बड़ा हिस्सा आयात करता है। जब वैश्विक बाजार में उर्वरक की आपूर्ति रुकी, तो मोदी सरकार ने फर्टिलाइजर डिप्लोमेसी अपनाई।
- विज्ञापन -