Homeविविध विषयअन्यदुर्गा पूजा पंडालों को कोई IT नोटिस नहीं, सिर्फ TDS के बारे में पूछा:...

दुर्गा पूजा पंडालों को कोई IT नोटिस नहीं, सिर्फ TDS के बारे में पूछा: TMC का प्रोपेगेंडा CBDT से ख़ारिज

CBDT के अनुसार उसने केवल दिसंबर, 2018 में करीब 30 दुर्गा पूजा समितियों को नोटिस भेज कर यह पूछा था कि उन्होंने अपने कॉन्ट्रैक्टरों और इवेंट मैनेजरों के भुगतान में जो TDS काटा था, उसका क्या ब्यौरा है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने तृणमूल कॉन्ग्रेस और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने किसी दुर्गा पूजा समिति को आयकर नोटिस भेजा ही नहीं। उन्होंने तो TDS काटे जाने की जानकारी भर माँगी थी।

दिसंबर, 2018 में भेजी थीं TDS नोटिसें

CBDT के अनुसार उसने केवल दिसंबर, 2018 में करीब 30 दुर्गा पूजा समितियों को नोटिस भेज कर यह पूछा था कि उन्होंने अपने कॉन्ट्रैक्टरों और इवेंट मैनेजरों के भुगतान में जो TDS काटा था, उसका क्या ब्यौरा है। इसके अलावा मीडिया रिपोर्टों में लगाए जा रहे दुर्गा पूजा समितियों को इनकम टैक्स नोटिस के आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। इस वर्ष दुर्गा पूजा समिति फ़ोरम को कोई नोटिस जारी ही नहीं हुआ है।

अपने कथन में आयकर विभाग की चोटी की संस्था ने कहा कि यह TDS नोटिसें कॉन्ट्रैक्टरों और इवेंट मैनेजरों के टैक्स भुगतान सुनिश्चित करने के लिए थीं। और बहुत सारी समितियों ने टीडीएस काटने और उसे सरकारी खजाने में जमा किए जाने का सबूत भी दिया

अब क्या कहेगी तृणमूल?

तृणमूल सुप्रीमो और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर आरोप लगाया था कि वह दुर्गा पूजा समितियों जैसे स्थानीय संगठनों को भाजपा के लिए काम करने पर मजबूर करना चाहती है, इसीलिए उन्हें दबाने की कोशिश हो रही है। उनका दावा था कि आयकर विभाग (IT विभाग) ने दुर्गा पूजा समितियों को नोटिस भेज कर टैक्स देने के लिए कहा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -