Homeविविध विषयअन्यदीवारों में दरार, झुकीं इमारतें और जमीन से निकलता पानी: असम में भूकंप के...

दीवारों में दरार, झुकीं इमारतें और जमीन से निकलता पानी: असम में भूकंप के झटकों के बाद सामने आई भयावह तस्वीरें

सीस्मोलॉजी सेंटर के अनुसार, पहला झटका सुबह 7:51 बजे महसूस किया गया। इस बड़े झटके के बाद करीब 7:55 बजे एक और इसके कुछ मिनटों बाद दो और झटके महसूस किए गए।

असम के गुवाहटी समेत पूर्वोत्तर में बुधवार (अप्रैल 28, 2021) सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर ऑफ सीस्मोलॉजी के मुताबिक इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.4 थी। केंद्र बिंदु असम का सोनितपुरा था।

सुबह 7:51 पर आए भूकम्प की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि प्रभावित क्षेत्रों की इमारतों में दरारें आ गई और करीब 30 सेंकेंड तक सभी बिल्डिंग हिलती रहीं। 5 सितारा होटल तक की सीलिंग टूट गई और खेतों में पानी धरती से फूट पड़े।

सोशल मीडिया पर भूकंप के बाद हुए नुकसान की कई तस्वीरें सामने आई हैं। गुवाहटी में सबसे ज्यादा नुकसान की खबर है। हालाँकि, राहत ये है कि अभी तक इस प्राकृतिक आपदा के कारण किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। यहाँ एक के बाद 4 भूकंप के झटके महसूस किए गए।

सीस्मोलॉजी सेंटर के अनुसार, पहला झटका सुबह 7:51 बजे महसूस किया गया। इस बड़े झटके के बाद करीब 7:55 बजे एक और इसके कुछ मिनटों बाद दो और झटके महसूस किए गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस खबर के बाद असम सीएम सोनोवाल से बात की। पीएम ने कहा, “राज्य में आए भूकंप के संबंध में असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से बात की। उन्हें केंद्र की तरफ से हरसंभव मदद का वादा किया है। मैं असम के लोगों की भलाई की कामना करता हूँ।” वहीं अमित शाह ने भी सबकी कुशलता की कामना की और प्रभावित लोगों के साथ खड़े होने का आश्वासन दिया।

इस बीच असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, “असम में भूकंप का बड़ा झटका महसूस किया गया है। मैं सभी के कुशल होने की कामना करता हूँ, साथ ही लोगों को अलर्ट रहने की सलाह देता हूँ, बाकी जिलों से अपडेट ले रहा हूँ।”

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्वा ने ट्विटर पर गुवाहटी में हुए नुकसान की तस्वीर साझा की है। तस्वीर में देख सकते हैं कि बिल्डिंग में लगी टाइल्स जमीन पर गिरकर चकनाचूर हो गई है। वहीं दूसरी तस्वीर में दीवार ढह गई है।

स्वास्थ्य मंत्री के इस ट्वीट के नीचे कई अन्य यूजर्स ने भूकंप से हुए नुकसान की तस्वीर बताकर कुछ वीडियो साझा की है। इसमें एक वीडियो में जमीन में आई दरार देख सकते हैं। वहीं दूसरी वीडियो में एक बिल्डिंग में बीच से दरार आ गई है। ऑपइंडिया इन वीडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, इस भूकंप के बाद नगाँव से भी कुछ डराने वाली तस्वीर आई हैं। वीडियो में देख सकते हैं कि वहाँ एक बिल्डिंग झुक गई है।

बता दें कि असम में इस माह की शुरुआत में भी भूकंप आया था। 6 अप्रैल को वहाँ 2.7 तीव्रता का भूकंप आया था और उससे 1 दिन पहले 5.4 तीव्रता का एक और भूकंप सिक्किम नेपाल सीमा पर आया था। उस दौरान झटके बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्से में महसूस किए गए थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -