Saturday, May 15, 2021
Home विविध विषय अन्य 'मई में दिखेगा कोरोना का सबसे भयंकर रूप': IIT कानपुर की स्टडी में दावा-...

‘मई में दिखेगा कोरोना का सबसे भयंकर रूप’: IIT कानपुर की स्टडी में दावा- दूसरी लहर कुम्भ और रैलियों से नहीं

प्रोफेसर मणिंद्र अग्रवाल ने बताया कि गुजरात, मध्य प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों का डेटा अभी साफ नहीं है, जबकि तमिलनाडु में 6 मई को सबसे ज्यादा मामले आने की आशंका है। अध्ययन में पाया गया कि कोरोना के मामले कम होने पर लोगों ने भी खूब लापरवाही की।

देश के सबसे बड़े शैक्षिक संस्थानों में से एक IIT कानपुर में कोरोना को लेकर किए गए एक अध्ययन में पाया है कि कुम्भ में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ या चुनावी रैलियों में आए लोगों से इस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। रिसर्च के अनुसार, मई 2021 कोरोना की दूसरी लहर का सबसे भयंकर रूप देखने को मिलेगा। कुछ राज्यों में यह अप्रैल के अंत में पीक पर होगा। IIT कानपुर के प्रोफेसर पद्मश्री मणिंद्र अग्रवाल ने इस अध्ययन में सभी राज्यों में अलग-अलग कोरोना के पीक टाइम और ग्राफ गिरने की तारीख का अनुमान लगाया है

प्रोफेसर मणिन्द्र और उनकी टीम ने पूरे देश के डेटा का अध्ययन किया और अलग-अलग राज्यों में मिलने वाले कोरोना के साप्ताहिक आँकड़ों को भी देखा। एक कम्प्यूटर आधारित मॉडल पर ये सब कुछ किया गया। ‘दैनिक भास्कर’ ने उनसे बातचीत की, जिसमें उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में कोरोना का उच्चतम स्तर आ चुका है और राज्य में अब अगले कुछ दिनों में संक्रमितों की संख्या बढ़ने की बजाए घटने लगेगी। 

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और राजस्थान में 20 से 30 अप्रैल के बीच सबसे ज्यादा कोरोना के मरीज मिलेंगे। अध्ययन में जुटाए गए आँकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में एक दिन में सबसे ज्यादा 32,000 केस आने की आशंका है। इसके बाद दिल्ली में यह आँकड़ा 30,000, पश्चिम बंगाल में 11,000, राजस्थान में 10,000 और बिहार में 9,000 के आसपास रह सकता है।

इस रिसर्च में सबसे बड़ी बात कुम्भ और चुनावी रैलियों को लेकर पता चली। प्रोफेसर मणिंद्र अग्रवाल ने कहा कि इन दोनों आयोजनों से कोरोना के प्रसार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में जरूर बढ़ोतरी होगी, लेकिन कोई ऐसा असर नहीं दिखेगा जिससे देश की स्थिति बिगड़ जाए। साथ ही उन्होंने पूछा कि जो लोग बंगाल, केरल, तमिलनाडु में केस बढ़ने का कारण रैली और सभाओं को बता रहे हैं वो महाराष्ट्र और दिल्ली के लिए क्या कारण बताएँगे? 

कोरोना को लेकर IIT कानपुर का अध्ययन

उन्होंने कारण बताया कि खुली जगह में आयोजित इन कार्यक्रमों से कोरोना वायरस नहीं फैलेगा। उन्होंने पाया कि पहले चरण में सामान्य और गरीब लोगों को कोरोना ने ज्यादा निशाना बनाया था, क्योंकि एक तो वो बाहर रह कर काम कर रहे थे और दूसरा बचाव के लिए उनके पास संसाधन नहीं थे। अपार्टमेंट्स और बड़े घरों में रहने वाले लोग तो उसमें ही कैद हो गए थे। टीकाकरण शुरू हुआ तो ये लोग निकले। उन्होंने बताया कि इसी कारण दूसरे हमले में ज्यादा से ज्यादा लोग इसके शिकार हो रहे हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि गुजरात, मध्य प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों का डेटा भी अभी साफ नहीं है, जबकि तमिलनाडु में 6 मई को सबसे ज्यादा मामले आने की आशंका है। अध्ययन में पाया गया कि कोरोना के मामले कम होने पर लोगों ने भी खूब लापरवाही की।

बता दें कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में स्वतः आगे कर अखाड़ों ने कुम्भ के समाप्ति की घोषणा की है और इसे अब प्रतीकात्मक ही रखा गया है। उत्तराखंड और हरिद्वार को कोरोना वायरस से सुरक्षित रखने और इसके लिए जारी सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन ठीक से हो, इसीलिए अखाड़ों ने ये फैसला लिया है। निरंजनी अखाड़ा, आनंद अखाड़े और जूना अखाड़ा ने ये घोषणा की, जिसका अन्य साधुओं ने अनुमोदन किया।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

वीर सावरकर पर अपमानजनक लेख के लिए THE WEEK ने 5 साल बाद माँगी माफी: जानें क्या है मामला

'द वीक' पत्रिका ने शुक्रवार को स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर के बारे में पहले प्रकाशित एक अपमानजनक लेख के लिए माफी माँगी। यह विवादास्पद लेख 24 जनवरी, 2016 को प्रकाशित किया गया था जिसे 'पत्रकार' निरंजन टाकले द्वारा लिखा गया था।

ईद पर 1 पुलिस वाले को जलाया जिंदा, 46 को किया घायल: 24 घंटे के भीतर 30 कट्टरपंथी मुस्लिमों को फाँसी

ईद के दिन मुस्लिम कट्टरपंथियों ने 1 पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की, उन्हें जिंदा जला दिया। त्वरित कार्रवाई करते हुए 30 को मौत की सजा।

ईद के अगले दिन बंगाल में कंप्लिट लॉकडाउन का आदेश: 20000+ मामले, 30 मई तक लागू रहेंगे प्रतिबंध

पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। संक्रमण के चलते ममता बनर्जी के छोटे भाई का निधन हो गया। लॉकडाउन...

लॉकडाउन पर Confuse राहुल गाँधी: पहले जिनके लिए दी PM मोदी को ‘गाली’ अब उन्हीं पर बजा रहे ‘ताली’

ऐसा क्या है जिसने कॉन्ग्रेस को राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की वकालत करने के लिए मजबूर कर दिया है? किस कारण कॉन्ग्रेस और उसके युवराज राहुल गाँधी लगातार मोदी सरकार पर राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लगाने का दबाव बना रहे हैं?

जहाँ अभी अल-अक्शा मस्जिद, वहाँ पहले था यहूदियों का मंदिर: जानिए कहाँ से शुरू हुआ येरुशलम विवाद

येरुशलम में जहाँ अल अक्सा मस्जिद है उसी स्थान पर टेंपल माउंट पर ही यहूदियों का सेकेंड टेंपल हुआ करता था। सेकंड टेम्पल को यहूदी विद्रोह की सजा के रूप में 70 ईस्वी में रोमन साम्राज्य ने नष्ट कर दिया था।

इजरायल के विरोध में पूर्व पोर्न स्टार मिया खलीफा: ट्वीट कर बुरी तरह फँसीं, ‘किसान’ प्रदर्शन वाला ‘टूलकिट’ मामला

इजरायल और फिलिस्तीनी आंतकियों के बीच संघर्ष लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पूर्व पोर्न-स्टार मिया खलीफा ने गलती से इजरायल के विरोध में...

प्रचलित ख़बरें

दिल्ली में ऑक्सीजन सिलेंडर के बदले पड़ोसी ने रखी सेक्स की डिमांड, केरल पुलिस से सेक्स के लिए ई-पास की डिमांड

दिल्ली में पड़ोसी ने ऑक्सीजन सिलेंडर के बदले एक लड़की से साथ सोने को कहा। केरल में सेक्स के लिए ई-पास की माँग की।

हिरोइन है, फलस्तीन के समर्थन में नारे लगा रही थीं… इजरायली पुलिस ने टाँग में मारी गोली

इजरायल और फलस्तीन के बीच चल रहे संघर्ष में एक हिरोइन जख्मी हो गईं। उनका नाम है मैसा अब्द इलाहदी।

1971 में भारतीय नौसेना, 2021 में इजरायली सेना: ट्रिक वही-नतीजे भी वैसे, हमास ने ‘Metro’ में खुद भेज दिए शिकार

इजरायल ने एक ऐसी रणनीतिक युद्धकला का प्रदर्शन किया है, जिसने 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध की ताजा कर दी है।

इजरायल के विरोध में पूर्व पोर्न स्टार मिया खलीफा: ट्वीट कर बुरी तरह फँसीं, ‘किसान’ प्रदर्शन वाला ‘टूलकिट’ मामला

इजरायल और फिलिस्तीनी आंतकियों के बीच संघर्ष लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पूर्व पोर्न-स्टार मिया खलीफा ने गलती से इजरायल के विरोध में...

इजरायली रॉकेट से मरीं केरल की सौम्या… NDTV फिर खेला शब्दों से, Video में कुछ और, शीर्षक में जिहादियों का बचाव

केरल की सौम्या इजरायल में थीं, जब उनकी मौत हुई। वह अपने पति से बात कर रही थीं, तभी फिलिस्तीनी रॉकेट उनके पास आकर गिरा। लेकिन NDTV ने...

गाजा पर गिराए 1000 बम, 160 विमानों ने 150 टारगेट पर दागे 450 मिसाइल: बोले नेतन्याहू- हमास को बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी

फलस्तीन के साथ हवाई संघर्ष के बीच इजरायल जमीनी लड़ाई की भी तैयारी कर रहा है। हथियारबंद टुकड़ियों के साथ 9000 रिजर्व सैनिकों की तैनाती।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,351FansLike
94,220FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe