Thursday, August 5, 2021
Homeविविध विषयअन्यहथियारों के ईनामी तस्कर मोहम्मद इसरार को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार

हथियारों के ईनामी तस्कर मोहम्मद इसरार को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार

पुलिस को इसरार की खोज मई 2018 से ही थी, जब इसके लिए काम करने वाले दो बदमाशों को पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिसके पास से 21 पिस्टल और 42 मैगजीन बरामद हुआ था। उस समय भी पुलिस ने इसरार को खोजने की काफी कोशिश की थी, लेकिन अब जाकर पुलिस अपने मिशन में कामयाब हुई है।

दिल्ली में लोकसभा चुनाव के बीच आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक हथियार तस्कर को गिरफ्तार किया है। ये बदमाश अवैध रूप से हथियारों का जखीरा सप्लाई किया करता था। पुलिस पिछले 10 महीनों से इस शातिर बदमाश की तलाश में जुटी थी। इसका नाम मोहम्मद इसरार बताया जा रहा है।

इसरार अवैध रूप से हथियार की खरीद-बिक्री किया करता था। पुलिस ने इसके ऊपर एक लाख का ईनाम भी घोषित किया था। पुलिस से हुई पूछताछ के दौरान इसरार ने बताया कि वो मध्यप्रदेश के बुरहानपुर के किसी जीत नाम के व्यक्ति से अवैध हथियार खरीदता था और फिर अपने आदमियों के जरिए दिल्ली और यूपी में संबंधित गिरोह को इसकी आपूर्ति किया करता था। पुलिस को इसरार की खोज मई 2018 से ही थी, जब इसके लिए काम करने वाले दो बदमाशों को पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिसके पास से 21 पिस्टल और 42 मैगजीन बरामद हुआ था। उस समय भी पुलिस ने इसरार को खोजने की काफी कोशिश की थी, लेकिन अब जाकर पुलिस अपने मिशन में कामयाब हुई है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अगर बायोलॉजिकल पुरुषों को महिला खेलों में खेलने पर कुछ कहा तो ब्लॉक कर देंगे: BBC ने लोगों को दी खुलेआम धमकी

बीबीसी के आर्टिकल के बाद लोग सवाल उठाने लगे हैं कि जब लॉरेल पैदा आदमी के तौर पर हुए और बाद में महिला बने, तो यह बराबरी का मुकाबला कैसे हुआ।

दिल्ली में कमाल: फ्लाईओवर बनने से पहले ही बन गई थी उसपर मजार? विरोध कर रहे लोगों के साथ बदसलूकी, देखें वीडियो

दिल्ली के इस फ्लाईओवर का संचालन 2009 में शुरू हुआ था। लेकिन मजार की देखरेख करने वाला सिकंदर कहता है कि मजार वहाँ 1982 में बनी थी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
113,028FollowersFollow
395,000SubscribersSubscribe