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दुनिया के सबसे ‘अमीर’ आदमी की नाव के लिए तोड़ा जा रहा था ऐतिहासिक पुल, लोकल लोगों ने दिखाई औकात

जेफ बेजोस। दुनिया के दूसरे सबसे अमीर आदमी। बनवा लिए सबसे बड़ा सुपरयॉट। लेकिन इसको समुद्र में ले जाने के लिए एक ऐतिहासिक पुल को तोड़ा जाना था। पब्लिक ने हल्ला काट दिया। इसके बाद...

ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस (Jeff Bezos) दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं। बेजोस बेहद आलीशान जिंदगी जीते हैं और आए दिन किसी न किसी बड़ी वजह से चर्चा में बने रहते हैं। फिलहाल उनकी सुपरयॉट (Superyacht of Jeff Bezos) की खबरें मीडिया में चल रही हैं। इन सबसे जुड़ा है नीदरलैंड का रॉटरडैम (Rotterdam) शहर।

जेफ बेजोस दुनिया की सबसे बड़ी नौका (Superyacht) बनवा रहे हैं। रॉटरडैम में बन रही इस नौका का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। नीदरलैंड में बनने वाले जहाजों से जुड़ी जानकारी कवर करने वाले यूट्यूब चैनल ‘डच यॉटिंग’ द्वारा एक वीडियो रविवार को अपलोड किया गया है। इस वीडियो में जेफ बेजोस के इस यॉट को बेहद करीब से दिखाया गया है।

बता दें कि जेफ बेजोस एक ऐसी सुपरयॉट का निर्माण करा रहे हैं, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि यह अंतरिक्ष से भी दिखाई देगी। जेफ बेजोस की इस यॉट का नाम Y721 है। इसे नीदरलैंड के अल्‍बलास्‍सेरडम स्थित शिपयार्ड में मशहूर शिप निर्माता कंपनी ओशनको (Oceanco) द्वारा बनाया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस आलीशान यॉट की लंबाई 417 फुट है और इसे बनाने में करीब 43.65 अरब रुपए का खर्च आ रहा है।

गौरतलब है कि जेफ बेजोस का यह सुपरयॉट सबसे पहले तब चर्चा में आया था, जब पिछले साल अक्टूबर में इसकी कुछ तस्वीरें सामने आईं थीं। हालाँकि, इसके बाद यह लगातार चर्चा में तब रहा, जब यह खबर सामने आई कि इस सुपरयॉट को शिपयार्ड से होते हुए समुद्र में जाने के लिए एक ऐतिहासिक पुल को तोड़ दिया जाएगा। इससे स्थानीय लोग गुस्से में आ गए। कोनिंग्सहेवन पुल (Koningshaven Bridge) या स्थानीय डच भाषा में कहें तो डी हेफ (De Hef) के ऐतिहासिक ब्रिज के कारण जेफ बेजोस के इस सुपरयॉट को विरोध-प्रदर्शन का भी सामना करना पड़ा।

यह यॉट आधुनिक जहाजों के जैसा न होकर पाल आधारित बनाया गया है। इस कारण से इसकी ऊँचाई अपेक्षाकृत बहुत अधिक हो गई है। वास्तव में, इस यॉट की ऊँचाई 127 फीट के आसपास है। इसका सीधा अर्थ यह था कि इस यॉट का कोनिंग्सहेवन पुल या डी हेफ ब्रिज के नीचे से निकलना असंभव था। इसलिए, शिपयार्ड से समुद्र में ले जाने के लिए इस पुल को तोड़े जाने की बात कही जा रही थी।

इस दौरान यह कहा गया था कि डी हेफ ब्रिज को तोड़ने और बनवाने का पूरा खर्च जेफ बेजोस ही वहन करेंगे लेकिन रॉटरडैम के लोगों ने लगातार इसका विरोध किया था। यहाँ के निवासियों ने साफ तौर पर कहा था कि यदि इस पुल को तोड़ा जाएगा तो वह यहाँ से निकलने पर इस सुपरयॉट पर अंडे फेंक कर इसका विरोध दर्ज करेंगे।

कोनिंग्सहेवन पुल (Koningshaven Bridge) या डी हेफ (De Hef) ब्रिज

कोनिंग्सहेवन या डी हेफ ब्रिज का महत्व

नीदरलैंड के रॉटरडैम (Rotterdam) शहर और यहाँ के स्थानीय लोगों के लिए डी हेफ (De Hef) ब्रिज का ऐतिहासिक महत्व है। इस ब्रिज का निर्माण साल 1927 में किया गया था। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुई बमबारी में यह पूरी तरह से नष्ट हो गया था। लेकिन इसके बाद इसका पुनर्निर्माण करा कर फिर से तैयार किया गया था। यही नहीं, साल 2017 में भी इसका जीर्णोद्धार कराया गया था, जिसके बाद रॉटरडैम की नगर परिषद ने यहाँ के लोगों से वादा किया था कि यह ब्रिज हमेशा के लिए सुरक्षित रहेगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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