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होटल से लेकर सड़क… कहीं नहीं मिल रहा अच्छा गोबी मंचूरियन: कर्नाटक में लगा बैन, मंत्री बोले- अगर रंग इस्तेमाल किया तो कार्रवाई होगी

राज्य मंत्री ने डेटा देते हुए कहा कि 171 गोबी मंचूरियन की जाँच हुई थी इनमें से केवल 64 सुरक्षित पाए गए जबकि 107 असुरक्षित। इसी तरह 25 कॉटन कैंडी के नमूने जाँच के लिए लिए गए जिनमें से केवल 10 सुरक्षित पाए गए और बाकी 15 असुरक्षित।

कर्नाटक में रंगीन फूड आइटम पर राज्य सरकार ने सख्ती दिखाते हुए कॉटन कैंडी और गोबी मंचूरियन में इस्तेमाल होने वाले फूड कलरिंग एजेंट रोडामाइन-बी को बैन कर दिया है। सरकार ने कहा है कि अगर राज्य में कोई भी इस कलरिंग एजेंट ‘रोडामाइन-बी’ को इस्तेमाल करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इससे पहले गोवा और तमिलनाडु में भी ऐसा प्रतिबंध लगाया जा चुका है और अब कर्नाटक ने ऐसा फैसला लिया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए इस संबंध में बताया कि आर्टिफिशियल रंग पड़े खानों के सैंपल की जाँच में खराब गुणवत्ता का पता चला जिससे लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है।

उन्होंने डेटा देते हुए कहा कि 171 गोबी मंचूरियन की जाँच हुई थी इनमें से केवल 64 सुरक्षित पाए गए जबकि 107 असुरक्षित। इसी तरह 25 कॉटन कैंडी के नमूने, जाँच के लिए लाए गए जिनमें से केवल 10 सुरक्षित पाए गए और बाकी 15 असुरक्षित।

उन्होंने जानकारी दी कि खाद्य पदार्थों की जाँच के लिए नमूने होटलों से लिए गए थे, सड़क किनारे दुकान से लिए गए थे। इन्हीं में से कई सैंपल असुरक्षित पाए गए। इनमें टार्ट्राजिन, कार्मोइसिन, सनसेट येलो और रोडामाइन-1बी जैसे कृत्रिम रंग मिले। इनका प्रयोग खाद्य पदार्थों को अधिक लाल दिखाने के लिए उपयोग होता है जिससे वो ज्यादा फ्राई और मसालेदार दिखाई दें।

इस संबंध में राज्य खाद्य सुरक्षा ने पूरे राज्य के लिए एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में सख्ती के साथ कहा गया है कि गोभी मंचूरियन और कॉटन कैंडी में कोई भी आर्टिफिशियल रंग न डाला जाए। अगर कोई ऐसा करता पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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