Homeविविध विषयअन्यअजब-गजब: केरल में कुतिया को 'अवैध' संबंध के लिए घर से निकाला

अजब-गजब: केरल में कुतिया को ‘अवैध’ संबंध के लिए घर से निकाला

लगभग तीन साल की सफ़ेद कुतिया पॉमेरेनियन नस्ल की है और तिरुवनंतपुरम के चकई स्थित वर्ल्ड मार्केट में लावारिस मिली। उसका मालिक कौन है यह पता नहीं चल पाया है।

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में एक कुतिया को मालिक ने पड़ोसी के कुत्ते के साथ ‘अवैध संबंध’ के लिए घर से निकाल दिया। लगभग तीन साल की सफ़ेद कुतिया पॉमेरेनियन नस्ल की है और शहर के चकई स्थित वर्ल्ड मार्केट में घूमती मिली। उसका मालिक कौन है यह पता नहीं चल पाया है।

चिट्ठी से हुआ खुलासा

कुतिया की कॉलर में लटकी चिट्ठी से पूरे मामले का खुलासा हुआ है। उसे छोड़ने वाले मालिक ने चिट्ठी में बताया है, “वह बहुत अच्छी है, केवल भौंकती है, तीन साल में किसी को कभी काटा नहीं, ज़्यादा खाना नहीं खिलाना पड़ता- आम तौर पर दूध, बिस्कुट और अण्डों से काम चल जाता है। अब हमने इसे निकाल दिया है, क्योंकि इसके पड़ोस के कुत्ते से अवैध संबंध थे।”

जानवरों के लिए काम करने वाले NGO पीपल फॉर एनिमल्स की शमीन फारूखी ने मीडिया को बताया कि फ़िलहाल कुतिया को उन्होंने अपने घर में रख लिया है। उन्हें उम्मीद है कि उसे गोद लेने वाला कोई मिल जाएगा। हालाँकि कुतिया के चेहरे पर उम्मीद के भाव ऐसे हैं जैसे मालिक उसे लेने आता ही होगा।

‘कुत्ते ऐसा ही करते हैं’

शमीम ने कहा कि कुत्ते अपने प्रजनन काल में यौन संबंध बनाते ही हैं- यही उनकी प्रकृति है। अगर मालिक को उसके बच्चे/पिल्ले नहीं चाहिए थे तो वह कुतिया की नसबंदी करा सकता था। यदि उसे अपनी कुतिया को ‘कुँवारी’ ही रखना था तो उसे घर में बंद रखने के सिवाय और कोई दूसरा रास्ता नहीं होता। शमीम के अनुसार उन्होंने घायल, बीमार वगैरह कुत्तों को छोड़े जाते तो देखा है, लेकिन ‘अवैध संबंध’ के कारण छोड़े गए कुत्ते का यह पहला मामला है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दुनिया पर छाया भोजन का संकट, 140+ करोड़ भारतीयों का पेट भरने के लिए क्या कदम उठा रही मोदी सरकार: जानिए सब कुछ

वैश्विक खाद्य संकट के काले बादलों के बावजूद भारत की स्थिति दुनिया के अन्य देशों की तुलना में काफी मजबूत और सुरक्षित है।

फर्टिलाइजर डिप्लोमेसी के बाद भारत के सामने रबी सीजन की परीक्षा: जानिए खेती की चुनौतियों से निपटने के लिए मोदी सरकार ने की है...

इस रबी सीजन में भारत का मुख्य फोकस कृषि उत्पादन के रिकॉर्ड लक्ष्य के साथ जलवायु परिवर्तन और मानसून से होने वाले जोखिमों को कम करने पर है।
- विज्ञापन -