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‘पिछले 7 सालों में देश की नीतियाँ महिलाओं को लेकर और अधिक संवेदनशील हुईं’: पीएम मोदी ने राष्ट्रीय महिला आयोग के 30 वर्ष पूरे होने पर दी बधाई

"सदियों से भारत की ताकत हमारे छोटे स्थानीय उद्योग रहे हैं, जिन्हें आज हम MSME कहते हैं। इन उद्योगों में जितनी भूमिका पुरुषों की होती हैं, उतनी ही महिलाओं की भी होती हैं। आजकल महिलाएँ लोगों को रोजगार दे रही हैं।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (31 जनवरी 2022) को राष्ट्रीय महिला आयोग के 30वें स्थापना दिवस के मौके पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उन्हें बधाई दी। उन्होंने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “30 वर्ष का पड़ाव, चाहे किसी व्यक्ति के जीवन का हो या फिर किसी संस्था का हो, ये बहुत अहम होता है। ये समय नई जिम्मेदारियों का होता है, नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का होता है। मुझे विश्वास है, अपनी स्थापना के 30वें वर्ष को राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा भी इसी रूप में देखा जा रहा होगा।”

पीएम मोदी ने कहा, “सदियों से भारत की ताकत हमारे छोटे स्थानीय उद्योग रहे हैं, जिन्हें आज हम MSME कहते हैं। इन उद्योगों में जितनी भूमिका पुरुषों की होती हैं, उतनी ही महिलाओं की भी होती हैं। आजकल महिलाएँ लोगों को रोजगार दे रही हैं। सरकार प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं की सहायता कर रही है।”

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “भारत के लिंग अनुपात में भी वर्षों बाद काफी सुधार हुआ है। स्कूलों से लड़कियों की ड्रॉपआउट दर कम हुई है। ऐसा इसलिए हुआ है, क्योंकि महिलाएँ बेटी बचाओ, बेटी पढाओ अभियान से खुद जुड़ गई हैं। आज जिन 9 करोड़ महिलाओं को पहली बार गैस कनेक्शन मिला है, वे महिला सशक्तिकरण की प्रतिमूर्ति हैं। आज जिन करोड़ों महिलाओं ने शौचालय बनवाया है, वे महिला सशक्तिकरण की प्रतिमूर्ति हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 7 सालों में देश की नीतियाँ महिलाओं को लेकर और अधिक संवेदनशील हुई हैं। आज भारत उन देशों में है, जो अपने यहाँ सबसे अधिक मातृत्व अवकाश देता है। कम उम्र में शादी बेटियों की पढ़ाई और करियर में बाधा न बने, इसलिए बेटियों की शादी की उम्र 21 साल करने का प्रयास है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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