Wednesday, November 25, 2020
Home विविध विषय अन्य डॉक्टर बनने के लिए बाल विवाह से लड़ने वाली ‘द हिन्दू लेडी’, जिनकी वजह...

डॉक्टर बनने के लिए बाल विवाह से लड़ने वाली ‘द हिन्दू लेडी’, जिनकी वजह से आया ‘सहमति की उम्र का क़ानून’

11 वर्ष की आयु में रुक्माबाई की शादी 19 वर्ष के दादाजी भीकाजी से हुई। विवाह के बाद वह अपने पति के घर नहीं गईं। वह पढ़ने के लिए विद्यालय जाती थीं। एक दिन पति ने घर चलने के लिए कहा और 11 वर्ष की रुक्माबाई ने ऐसा करने से साफ़ मना कर दिया और यहीं से आया उस दौर का सबसे चर्चित मामला।

सभी जानते हैं कि आज से 100 या 120 साल पहले का समाज कैसा था या यूँ कहे उस दौर में समाज के सामने कुरीतियों की सूरत में क्या चुनौतियाँ मौजूद थीं। फिर भी भारतीय समाज का सबसे शाश्वत पहलू यही है कि धारा के विपरीत चलने वाले लोग हमेशा मौजूद रहते हैं, जो आम जनमानस को रास्ते दिखाने वाली सबसे गाढ़ी लकीर खींचते हैं। ऐसा ही एक नाम है रुक्माबाई राउत का, जो भारत की पहली प्रैक्टिसिंग महिला चिकित्सक थीं। उनका विवाह महज़ 11 साल की उम्र में कर दिया गया था, फिर भी उन्होंने वैवाहिक जीवन त्यागते हुए पढ़ाई का रास्ता चुना। 

22 नवंबर 1864 को मुंबई के एक बढ़ई परिवार में जन्मी रुक्माबाई की माँ जयंती बाई थीं और पिता जनार्दन पांडुरंग। उस दौर में बाल विवाह आम बात थी, इसलिए जयंती बाई का विवाह भी 14 वर्ष की उम्र में कर दिया गया। वह सिर्फ 15 साल की थीं जब रुक्माबाई का जन्म हुआ था, इसके दो साल बाद वह विधवा हो गई और फिर उन्होंने सखाराम अर्जुन से दूसरा विवाह किया। इस विवाह को लेकर समाज में काफी बहस भी हुई, लेकिन जयंती बाई ने निर्णय पूरी दृढ़ता के साथ लिया था। सखाराम अर्जुन मुंबई स्थित ग्रांट मेडिकल कॉलेज में वनस्पति विज्ञान के प्राध्यापक और समाज सुधारक भी थे। उन्होंने रुक्माबाई की पढ़ाई जारी रखने में अहम भूमिका निभाई।     

रुक्माबाई की आयु 8 वर्ष थी जब उनकी माँ जयंती बाई ने पूरी संपत्ति उनके नाम कर दी थी। इसके बाद 11 वर्ष की आयु में रुक्माबाई के जीवन में सबसे बड़ा परिवर्तन हुआ और वह था 19 वर्ष के दादाजी भीकाजी से विवाह। रुक्माबाई विवाह के बाद अपने पति के घर नहीं गईं। वह पढ़ने के लिए विद्यालय जाती थीं। एक दिन पति ने घर चलने के लिए कहा और 11 वर्ष की रुक्माबाई ने ऐसा करने से साफ़ मना कर दिया और यहीं से एक और विवाद शुरू हुआ। 

उनके पति भीकाजी ने अपने वैवाहिक अधिकारों का हवाला देते हुए बॉम्बे उच्च न्यायालय में रुक्माबाई के विरुद्ध याचिका दायर की। यह मामला भी ऐतिहासिक था, ‘दादाजी भीकाजी बनाम रुक्माबाई’ और इससे ही निकल कर आया ‘सहमति की उम्र का क़ानून’ 1891 (Age of consent act)। न्यायालय ने रुक्माबाई के समक्ष दो विकल्प रखे, पहला वह अपने पति के साथ रहें या दूसरा वह जेल चली जाएँ। 

इसके बावजूद मामले की सुनवाई के दौरान रुक्माबाई ने इतनी कम उम्र में जो दलीलें पेश की वह खुद में सामाजिक और राजनीतिक विमर्श का ऐतिहासिक दस्तावेज़ बनी। उन्होंने अपनी शिक्षा का हवाला देते हुए न्यायालय के समक्ष स्पष्ट रूप से कहा कि वह अपने पति के पास नहीं जाएँगी। उनका यह भी कहना था कि उन्हें वैवाहिक जीवन में बँधकर रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है।             

अंततः न्यायाधीश रोबर्ट हिल पनहे ने इस मामले पर आदेश सुनाया जिसके तहत रुक्माबाई को आर्थिक जुर्माना देना पड़ा और दोनों पक्षों में सहमति बनी। मामला इतना चर्चित हुआ था कि ब्रिटिश प्रेस का ध्यान भी आकर्षित हुआ और 19वीं शताब्दी की शुरुआत होते-होते बाल विवाह और स्त्री अधिकारों पर व्यापक विमर्श की नींव पड़ी। ’रुक्माबाई रक्षा समिति’ का गठन भी हुआ था। इस मुद्दे पर तत्कालीन समाज सुधारक और शिक्षा संबंधी मुद्दों की कार्यकर्ता पंडिता रमाबाई ने एक लेख लिखा था जिसका एक अंश काफी चर्चित हुआ था। 

जिसमें उन्होंने लिखा था, “यह सरकार महिलाओं की शिक्षा, स्वतंत्रता और अधिकारों की वकालत तो करती है, लेकिन जब एक महिला किसी पुरुष की दासी बनने से असहमत होती है तब वही सरकार क़ानून का हवाला देकर महिला को क़ानून की बेड़ियाँ पहना कर लाचार बना देती है।” इसके अलावा खुद रुक्माबाई ने भी ‘द हिन्दू लेडी’ के उपनाम से टाइम्स ऑफ़ इंडिया के लिए स्त्री विमर्श पर कई लेख लिखे जिन पर काफी चर्चा हुई थी। 16 जून 1885 को लिखे गए रुक्माबाई के एक लेख का अंश कुछ इस प्रकार है, 

“बाल विवाह की इस कुरीति ने मेरे जीवन की खुशियों को बर्बाद कर दिया है। यह कुप्रथा हमेशा मेरे और उन चीज़ों के बीच में आई जिन्हें मैंने सबसे ऊपर रखा (शिक्षा और मानसिक चिंतन)। मेरी कोई गलती नहीं होने के बावजूद मुझे सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ा। मेरी बहनें जो हमेशा अपने अधिकारों से वंचित रही हैं, जो जागरूक नहीं हैं उनसे ऊपर उठने की भावना पर संदेह करते हुए मुझ पर तमाम तरह के आरोप लगाए गए।”        

आखिरकार रुक्माबाई साल 1889 में अपनी पढ़ाई के लिए लंदन स्कूल मेडिसिन, इंग्लैंड गई और 1894 में स्नातक की पढ़ाई पूरी करके वापस लौटीं। इसके बाद वह सूरत में चीफ़ मेडिकल ऑफिसर के पद पर नियुक्त हुईं और लगभग 35 वर्षों तक इस पेशे से जुड़ी रहीं। इस बीच उन्होंने सामजिक सुधार संबंधी तमाम मुद्दों पर काम किया और 25 सितंबर 1955 को 91 वर्ष की आयु में उनका देहांत हो गया। निर्देशक अनंत महादेवन ने उनके जीवन से प्रभावित होकर एक फिल्म भी बनाई थी जिसका नाम था, ‘रुक्माबाई भीमराव राउत”।  

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अहमद पटेल की मौत का कॉन्ग्रेस को कितना दुख? सुबह किया पहले राहुल को कोट, फिर जताया अपने नेता की मृत्यु पर शोक

कॉन्ग्रेस के लिए पहला काम था-राहुल गाँधी का संदेश शेयर करना ताकि किसी मायने में उसकी गंभीरता सोशल मीडिया यूजर्स के सामने न दब जाए और लोग अहमद पटेल के गम में राहुल गाँधी के कोट को पढ़ना न भूल जाएँ।

उत्तर प्रदेश में 9357 करोड़ रुपए का निवेश करेंगी 28 विदेशी कंपनियाँ: कोरोना काल में मिलेगा लाखों लोगों को रोजगार

28 विदेशी कंपनियों ने 9357 करोड़ रुपए के निवेश के लिए करार किया है। एक जूता बनाने वाली कंपनी ऐसी है, जो चीन से शिफ्ट होकर भारत आई है और तीन सौ करोड़ रुपए के निवेश से आगरा में उत्पादन शुरू किया है।

वो सीक्रेट बैठक, जिससे उड़ी इमरान खान की नींद: तुर्की की गोद में बैठा कंगाल Pak अब चीन के लिए होगा खिलौना

पाकिस्तान समेत ज़्यादातर मुस्लिम देश इजरायल को अपना दुश्मन नंबर एक मानते हैं। सऊदी अरब व इजरायल के रिश्ते मजबूत होने से इमरान की उड़ी नींद।

‘PFI वाले मुझे घर, नौकरी और रुपए देंगे’: इस्लाम अपनाने की घोषणा करने वाली केरल की दलित महिला

केरल की दलित महिला ऑटोरिक्शा ड्राइवर चित्रलेखा ने इस्लामी धर्मांतरण की घोषणा की थी। अब सामने आया है कि PFI ने उन्हें इसके लिए प्रलोभन दिया।

उमर खालिद नास्तिकता का ढोंग करता है, वस्तुतः वह कट्टर मुस्लिम है जो भारत को तोड़ना चाहता है: दिल्ली पुलिस

खालिद के लिए दिल्ली में रहने वाले बांग्लादेशी और रोहिंग्या अप्रवासी ऐसे लोग थे, जिनका इस्तेमाल करना आसान था। उसने इस्लाम और अल्ट्रा लेफ्ट...

वो अहमद पटेल, जिसे राज्यसभा सीट जिताने के लिए कॉन्ग्रेस ने खो दिया था पूरे गुजरात को

71 साल के अहमद पटेल का इंतकाल हो गया। उनकी मौत का कारण मल्टिपल ऑर्गन फेलियर रहा। उनसे यूपीए काल में हुए कई घोटालों के...

प्रचलित ख़बरें

‘मेरे पास वकील रखने के लिए रुपए नहीं हैं’: सुप्रीम कोर्ट में पूर्व सैन्य अधिकारी की पत्नी से हरीश साल्वे ने कहा- ‘मैं हूँ...

साल्वे ने अर्णब गोस्वामी का केस लड़ने के लिए रिपब्लिक न्यूज नेटवर्क से 1 रुपया भी नहीं लिया। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में उन्होंने कुलभूषण जाधव का केस भी मात्र 1 रुपए में लड़ा था।

बहन से छेड़खानी करता था ड्राइवर मुश्ताक, भाई गोलू और गुड्डू ने कुल्हाड़ी से काट डाला: खुद को किया पुलिस के हवाले

गोलू और गुड्डू शाम के वक्त मुश्ताक के घर पहुँच गए। दोनों ने मुश्ताक को उसके घर से घसीट कर बाहर निकाला और जम कर पीटा, फिर उन्होंने...

रहीम ने अर्जुन बनकर हिंदू विधवा से बनाए 5 दिन शारीरिक संबंध, बाद में कहा- ‘इस्लाम कबूलो तब करूँगा शादी’

जब शादी की कोई बात किए बिना अर्जुन (रहीम) महिला के घर से जाने लगा तो पीड़िता ने दबाव बनाया। इसके बाद रहीम ने अपनी सच्चाई बता...

इतिहास में गुम हैं मुगलों को 17 बार हराने वाले अहोम योद्धा: देश भूल गया ब्रह्मपुत्र के इन बेटों को

राजपूतों और मराठों की तरह कोई और भी था, जिसने मुगलों को न सिर्फ़ नाकों चने चबवाए बल्कि उन्हें खदेड़ कर भगाया। असम के उन योद्धाओं को राष्ट्रीय पहचान नहीं मिल पाई, जिन्होंने जलयुद्ध का ऐसा नमूना पेश किया कि औरंगज़ेब तक हिल उठा। आइए, चलते हैं पूर्व में।

कंगना को मुँह तोड़ने की धमकी देने वाले शिवसेना MLA के 10 ठिकानों पर ED की छापेमारी: वित्तीय अनियमितता का आरोप

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक के आवास और दफ्तर पर छापेमारी की। यह छापेमारी सरनाईक के मुंबई और ठाणे के 10 ठिकानों पर की गई।

‘मुस्लिमों ने छठ में व्रती महिलाओं का कपड़े बदलते वीडियो बनाया, घाट पर मल-मूत्र त्यागा, सब तोड़ डाला’ – कटिहार की घटना

बिहार का कटिहार मुस्लिम बहुत सीमांचल का हिस्सा है, जिसकी सीमाएँ पश्चिम बंगाल से लगती हैं। वहाँ के छठ घाट को तहस-नहस कर दिया गया।
- विज्ञापन -

TRP मामले में रिपब्लिक की COO प्रिया मुखर्जी को 20 दिन की ट्रांजिट बेल, कर्नाटक हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस की दलील को नकारा

कर्नाटक हाई कोर्ट ने बुधवार (नवंबर 25, 2020) को रिपब्लिक टीवी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) प्रिया मुखर्जी को 20 दिन का ट्रांजिट बेल दिया है।

ऑस्ट्रेलिया ने आतंकी हरकतों में लिप्त मौलाना की नागरिकता छीनी, गृह मंत्री ने कहा- देश की सुरक्षा के लिए कोई भी कार्रवाई करेंगे

गृह मंत्री पीटर बटन ने कहा है कि ऑस्ट्रेलिया के लोगों को बचाने के लिए मौलाना अब्दुल नसीर बेनब्रीका की नागरिकता छीनना एक उचित कदम है।

‘ये प्राचीनतम है, सभी भाषाओं की जननी है’: न्यूजीलैंड में सत्ताधारी लेबर पार्टी के सांसद ने संस्कृत में ली शपथ, आलोचकों को लताड़ा

एक आलोचक ने ने संस्कृत को अत्याचार, जातिवाद, रूढ़िवादिता और हिंदुत्व की भाषा करार दिया। जानिए नव-निर्वाचित सांसद ने इसका क्या जवाब दिया....

‘भाजपा को हिंदुत्व की लौ लगी है, लव जिहाद उनका नया हथियार, बंगाल चुनाव के बाद ये भंगार में चले जाएँगे’: शिवसेना मुखपत्र

"सच कहें तो वैचारिक ‘लव जिहाद’ के कारण देश और हिंदुत्व का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। कश्मीर में पाक समर्थक, अनुच्छेद 370 प्रेमी महबूबा मुफ्ती से भाजपा ने सत्ता का निकाह किया, इसलिए इसे भी वैचारिक लव जिहाद क्यों न माना जाए?"

अहमद पटेल की मौत का कॉन्ग्रेस को कितना दुख? सुबह किया पहले राहुल को कोट, फिर जताया अपने नेता की मृत्यु पर शोक

कॉन्ग्रेस के लिए पहला काम था-राहुल गाँधी का संदेश शेयर करना ताकि किसी मायने में उसकी गंभीरता सोशल मीडिया यूजर्स के सामने न दब जाए और लोग अहमद पटेल के गम में राहुल गाँधी के कोट को पढ़ना न भूल जाएँ।

उत्तर प्रदेश में 9357 करोड़ रुपए का निवेश करेंगी 28 विदेशी कंपनियाँ: कोरोना काल में मिलेगा लाखों लोगों को रोजगार

28 विदेशी कंपनियों ने 9357 करोड़ रुपए के निवेश के लिए करार किया है। एक जूता बनाने वाली कंपनी ऐसी है, जो चीन से शिफ्ट होकर भारत आई है और तीन सौ करोड़ रुपए के निवेश से आगरा में उत्पादन शुरू किया है।

रोशनी घोटाला में महबूबा मुफ्ती का नाम: जम्मू में सरकारी जमीन कब्ज़ा कर बनाया गया PDP का दफ्तर, CBI कर रही जाँच

गुजरे जमाने की फ़िल्मी हस्तियाँ फिरोज खान और संजय खान की बहन दिलशाद शेख ने भी राजधानी श्रीनगर में 7 कनाल सरकारी जमीन पर कब्ज़ा जमा लिया।

10 साल में 800% बढ़ी संपत्ति: उद्धव ठाकरे के बेहद करीबी सरनाईक कभी ऑटो रिक्शा चलाते थे, आज करोड़ों के मालिक

सरनाईक पर वित्तीय अनियमितता का आरोप है, जिसके कारण ईडी ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। तलाशी अभियान के बाद ईडी के अफसरों ने ठाणे स्थित ठिकाने से सरनाईक के बेटे विहंग सरनाईक को हिरासत में ले लिया।

‘उन्हें देश के गरीबों की समझ नहीं, राजनीति में नहीं आना चाहिए’: TMC ने सौरभ गांगुली पर साधा निशाना, अटकलों का बाजार गर्म

TMC के वरिष्ठ नेता ने कहा कि वो पूरे बंगाल के एक आइकॉन हैं और एकमात्र ऐसे बंगाली क्रिकेटर हैं, जिन्हें भारतीय टीम का नेतृत्व करने का मौका मिला।

राजस्थान में कोरोना संक्रमित कॉन्ग्रेसी मंत्री ने RUHS का दौरा कर उड़ाई प्रोटोकॉल की धज्जियाँ: तस्वीरें वायरल

“आरयूएचएस में पहले से सब पॉजिटिव हैं और मैं भी पॉजिटिव हूँ, इसलिए प्रश्न उठता है कि मुझसे कोरोना फैलेगा कैसे? मैं डॉक्टरों की सलाह के बाद इंतजामों को देखने गया था।”

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,380FollowersFollow
357,000SubscribersSubscribe