Wednesday, July 28, 2021
Homeविविध विषयअन्यधोखे में रह गए शरद पवार: V-मतलब VVIP को समझे V-मतलब 5वीं पंक्ति, नहीं...

धोखे में रह गए शरद पवार: V-मतलब VVIP को समझे V-मतलब 5वीं पंक्ति, नहीं गए राष्ट्रपति भवन

"शरद पवार के ऑफिस में किसी ने VVIP के लिए प्रयोग किए गए 'V' का अर्थ रोमन में पढ़ा जाने वाला पाँच (V) समझ लिया होगा। जिसके कारण ये गलतफहमी हुई।"

30 मई को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित हुए शपथ-ग्रहण समारोह में एनसीपी नेता शरद पवार इस नाराजगी के चलते शामिल नहीं हुए थे क्योंकि उन्हें लगा था कि समारोह में उन्हें पाँचवीं पंक्ति में सीट दी गई है। जबकि आज (5 जून, 2019) राष्ट्रपति के प्रेस सचिव अशोक मलिक ने ट्विटर पर इस उड़ी-उड़ाई बात की स्पष्टता पर प्रकाश डाला है।

प्रेस सचिव मलिक ने ट्वीट करते हुए लिखा, “30 मार्च को शपथ-ग्रहण समारोह के मौक़े पर शरद पवार को V-सेक्शन में निमंत्रण दिया गया था। यहाँ सबसे वरिष्ठ नेताओं के लिए जगह निर्धारित की गई थी।” मलिक ने बताया कि ‘V’ का लेबल लगे होने के बावजूद भी उन्हें पहली पंक्ति में सीट दी गई थी। प्रेस सचिव ने बताया कि ऐसा हो सकता है कि शरद पवार के ऑफिस में किसी ने VVIP के लिए प्रयोग किए गए ‘V’ का अर्थ रोमन में पढ़ा जाने वाला पाँच (V) समझ लिया हो। जिसके कारण ये गलतफहमी हुई।

बता दें कि एनसीपी नेता शरद पवार ने 30 मई को हुए शपथ-ग्रहण समारोह का बहिष्कार ये कहकर किया था कि वर्तमान सरकार को अपने बड़ों को इज्जत देना नहीं आता। जिसका सबूत उन्होंने समारोह में उनको ‘पाँचवी पंक्ति (V-section) में मिली सीट’ को बताया थ। उनका कहना था कि इस तरह पाँचवी पंक्ति में सीट देकर एक पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान राजनैतिक पार्टी के अध्यक्ष को उचित सम्मान नहीं दिया गया है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दामाद के परिवार का दिवालिया कॉलेज खरीदेगी भूपेश बघेल सरकार: ₹125 करोड़ का कर्ज, मान्यता भी नहीं

छत्तीसगढ़ की कॉन्ग्रेस सरकार ने एक ऐसे मेडिकल कॉलेज के अधिग्रहण की तैयारी शुरू की, जो सीएम भूपेश बघेल की बेटी दिव्या के ससुराल वालों का है।

एक शक्तिपीठ जहाँ गर्भगृह में नहीं है प्रतिमा, जहाँ हुआ श्रीकृष्ण का मुंडन संस्कार: गुजरात का अंबाजी मंदिर

गुजरात के बनासकांठा जिले में राजस्थान की सीमा पर अरासुर पर्वत पर स्थित है शक्तिपीठों में से एक श्री अरासुरी अंबाजी मंदिर।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,580FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe