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धार्मिक स्थल को लेकर हुआ विवाद, दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात

यह मामला निचली कोर्ट से हाईकोर्ट और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट पहुँचा, जहाँ फ़ौरन इस धर्मस्थल को हटाने का आदेश दिया गया। आदेश के बाद पुलिस नेतृत्व में धर्मस्थल को हटाने के साथ-साथ...

दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। दरअसल, तुगलकाबाद में सतगुरू रविदास जी का मंदिर को तोड़ने के आदेश पर अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों ने धरना-प्रदर्शन करके अपना रोष व्यक्त किया। प्रदर्शनकारी गुरुद्वारा रविदास महाराज शेरपुर से बाज़ारों में विरोध मार्च करते हुए कातरों चौक पहुँचे। इस दौरान उन्होंने केंद्र व दिल्ली सरकार के ख़िलाफ़ जमकर नारेबाज़ी की।

ख़बर के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने लगभग एक घंटे तक यातायात बाधित रखा। इस वजह से लोगों को आवाजाही में ख़ासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। धरना-प्रदर्शन के दौरान बहुजन समाज पार्टी के हलका इंचार्ज कुलवंत सिंह टिब्बा, ज़िलाध्यक्ष सरबजीत सिंह खेड़ी, हलका अध्यक्ष डॉ सोमा सिंह गंडेवाल, दर्शन सिंह बाजवा का कहना है कि दिल्ली के तुगलकाबाद में सतगुरू रविदास जी का ऐतिहासिक मंदिर तोड़कर केंद्र व दिल्ली सरकार अनुसूचित जाति भाईचारे की धार्मिक भावनाओं को आहत कर रही है।

जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों का कहना है ये धर्मस्थल क़रीब 500 साल पुराना है, जिसे धर्म गुरूओं ने बनाया था। क़रीब 12 बीघे ज़मीन के एक छोटे से हिस्से पर यह छोटा सा धर्मस्थल बना हुआ है। डीडीए ने इसे अपने अधीन कर लिया था और इसके चारों तरफ़ बाउंड्री खड़ी कर दी थी। हालाँकि, धर्मस्थल पर जाने का रास्ता छोड़ दिया था।

यह मामला निचली कोर्ट से हाईकोर्ट और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट पहुँचा, जहाँ फ़ौरन इस धर्मस्थल को हटाने का आदेश दिया गया। आदेश के बाद पुलिस नेतृत्व में धर्मस्थल को हटाने के साथ-साथ बाउंड्री के रास्ते को भी बंद कर दिया गया। इसके बाद लोगों में ग़ुस्सा भड़क गया और उन्होंने विरोध-प्रदर्शन किया। गुस्साए लोग 21 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन भी करेंगे। फ़िलहाल, इस जगह पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है जिससे पूरे इलाक़े का नियंत्रण पुलिस के हाथ में रहे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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