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राहुल गाँधी अब लड़ सकते हैं चुनाव, ब्रिटिश नागरिकता मामले में SC ने ख़ारिज की याचिका

जस्टिस दीपक गुप्ता और संजीव खन्ना की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को जवाब देते हुए कहा, "यदि कोई कंपनी किसी फॉर्म में उनकी राष्ट्रीयता ब्रिटिश लिख दे तो इससे वो ब्रिटिश नागरिक नहीं बन जाते।"

राहुल गाँधी और उनकी ब्रिटिश नागरिकता को लेकर जो विवाद उठा था, उस पर सुप्रीम कोर्ट से उन्हें बड़ी राहत मिली है। नागरिकता के मुद्दे पर फैसला होने तक उन्हें लोकसभा चुनाव 2019 लड़ने से प्रतिबंधित करने का केन्द्र और निर्वाचन आयोग को निर्देश देने के लिए दायर याचिका बृहस्पतिवार (9 मई) को ख़ारिज कर दी गई। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ताओं के उस तर्क़ को ख़ारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि 2005-06 में ब्रिटेन की एक कंपनी के वार्षिक डेटा के साथ संलग्न फ़ॉर्म में राहुल गाँधी के ब्रिटिश नागरिक होने का कथित रूप से उल्लेख है।

ख़बर के अनुसार, जस्टिस दीपक गुप्ता और संजीव खन्ना की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को जवाब देते हुए कहा, “यदि कोई कंपनी किसी फॉर्म में उनकी राष्ट्रीयता ब्रिटिश लिख दे तो इससे वो ब्रिटिश नागरिक नहीं बन जाते।”

हिन्दू महासभा की तरफ से जय भगवान गोयल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर उनकी ब्रिटिश नागरिकता पर आपत्ति जताई थी और उनका नामांकन रद्द करने की माँग की थी। साथ ही इस पर जल्द सुनवाई करने की माँग पर ज़ोर दिया गया था। याचिका में यह सवाल भी उठाया गया था कि यह जानते हुए कि राहुल गाँधी की नागरिकता ब्रिटिश है, निर्वाचन आयोग द्वारा उनका नामांकन क्यों स्वीकार किया गया? याचिका में यह भी कहा गया था कि जनप्रतिनिधित्व क़ानून, 1981 की धारा 29A के अनुसार, केवल भारतीय नागरिक ही राजनीतिक पार्टी के पंजीकरण करने के हक़दार होते हैं।

इससे पहले, राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए ख़ुलासा किया था कि राहुल गाँधी ने एक प्राइवेट कम्पनी के रजिस्ट्रेशन काग़ज़ात में ख़ुद को ब्रिटिश नागरिक बताया था। ये कम्पनी लंदन में स्थित है। स्वामी ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर राहुल गाँधी की भारतीय नागरिकता व संसद की सदस्यता समाप्त करने की माँग की थी। इस बाबत गृह मंत्रालय की ओर से राहुल को एक नोटिस भी भेजा गया था।

राहुल गाँधी को गृह मंत्रालय द्वारा भेजा गया नोटिस

ब्रिटिश नागरिकता और उनके नाम (राउल विंची) को लेकर पहले भी विवाद उठ चुका है, जिसके लिए भारतीय गृह मंत्रालय ने बड़ा क़दम उठाते हुए राहुल गाँधी को नोटिस थमाकर उनकी विदेशी नागरिकता पर 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण माँगा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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