Homeविविध विषयअन्यकट्टा पकड़वाने पर ₹1,000, पिस्टल पर ₹5,000: देखें UP पुलिस द्वारा जारी की गई...

कट्टा पकड़वाने पर ₹1,000, पिस्टल पर ₹5,000: देखें UP पुलिस द्वारा जारी की गई रेट लिस्ट

पुलिस को सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गुप्त रखी जाएगी। अगर सूचना सही पाई जाती है तो पुरस्कार की राशि नगद या खाते में डाली जाएगी।

उत्तर प्रदेश पुलिस अपराध और जुर्म से निपटने के सबसे क्रिएटिव तरीके ईजाद करने में शायद सबसे आगे चल रही है। इस बार एक और पहल कर के UP के बलरामपुर जिले में पुलिस ने आम आदमी को रोजगार का मौका उपलब्ध कराया है। अगर आप घर बैठे अपराध से लड़कर पुलिस की मदद करने का सपना देखते हैं और साथ में पैसा भी कमाना चाहते हैं तो यह मौका आपके लिए है। पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा द्वारा जारी एक पैम्फलेट के मुताबिक ‘मुखबिर रोजगार योजना‘ शुरू की गई है। पुलिस पैम्फलेट में विभिन्न प्रकार की सूचनाओं के लिए इनाम राशि भी सूचीबद्ध की गई है। 

क्या है ये मुखबिर योजना?

इस योजना के अंतर्गत अपराधियों और उनकी गतिविधियों की जानकारी देने वालों को पुरस्कार के रूप में धनराशि दी जाएगी। पुलिस ने अलग-अलग मुखबरी का अलग-अलग इनाम तय किया है। इसके मुताबिक चोरी का पता लगाने में मदद करने पर 1,000 रुपए और कट्टा बरामद करवाने में भी 1,000 रुपए मिलेंगे।

अगर आप ज्यादा रुपए कमाना चाहते हैं तो आपको 5,000 रुपए कमाने के लिए बिना लाइसेंस वाली रिवॉल्वर या पिस्तौल की सूचना देनी होगी। पुलिस जब रिवॉल्वर पकड़ लेगी तो 5,000 रुपए का इनाम देगी। सुरक्षा के लिहाज से इस तरह की सूचना को पुलिस अधीक्षक को उनके आधिकारिक मोबाइल नंबर पर दी जा सकती है।

मुखबिर रोजगार योजना’ रेट लिस्ट

सूचना देने वाले की पहचान रखी जाएगी गुप्त

रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस को सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गुप्त रखी जाएगी। अगर सूचना सही पाई जाती है तो पुरस्कार की राशि नगद या खाते में डाली जाएगी। पुलिस द्वारा शुरू की गई यह पहली योजना मानी जा रही है। मुखबिरों को पैसा अब तक गुप्त कोष से दिया जाता है जो हर जिले में पुलिस प्रमुख के पास होता है। वर्मा के अनुसार, “हम आम लोगों तक पहुँच बनाने का प्रयास कर रहे हैं, जिनके पास आसपास के क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी हो सकती है। इसके नतीजे भी आने शुरू हो गए हैं। हम पहले ही इस योजना के माध्यम से आधा दर्जन मामलों पर काम कर चुके हैं, जो अब गाँव और जिले के ग्रामीण अंदरूनी इलाकों में लोकप्रिय हो रही है।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अध्यात्म का रचा ढोंग, सनातन का उठाया फायदा और अब हिंदू धर्म को बक रही गाली: जानिए कौन है ‘Mana’ उर्फ ओमाना, जो CJP...

जिस ओमाना को आज हिंदू होने पर शर्म आ रही, उसके यूट्यूब चैनलों को खंगालने पर पता चला कि उसने अपनी पूरी पहचान सनातन धर्म का सहारा लेकर बनाई है।

पंजाब फार्मेसी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी, पेन से स्कैन कर बाहर भेजे गए पेपर: उम्मीदवारों से ₹35 लाख तक वसूले, दिल्ली में हंगामा कर...

पंजाब में फार्मेसी अफसर भर्ती परीक्षा का हाईटेक पेपर लीक हुआ है। इस मामले में पंजाब हरियाणा और राजस्थान तक तार जुड़े हैं। लेकिन पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार चुप है।
- विज्ञापन -