Friday, April 12, 2024
Homeविविध विषयअन्यउत्तराखंड में 3 दिन का राजकीय शोक, वित्त मंत्री प्रकाश पंत का अमेरिका में...

उत्तराखंड में 3 दिन का राजकीय शोक, वित्त मंत्री प्रकाश पंत का अमेरिका में निधन

बजट सत्र के दौरान प्रकाश पंत की तबियत बिगड़ने लगी थी, इस कारण वह बजट भाषण तक पूरा नहीं पढ़ पाए थे। उनका बजट भाषण तब CM त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पूरा किया था।

उत्तराखंड सरकार में वित्त मंत्री प्रकाश पंत का लंबी बीमारी के बाद कल (जून 5, 2019) निधन हो गया। 59 वर्षीय प्रकाश ने अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ टैक्सस के अस्पताल में अपनी आखिरी साँस ली। 30 मई को उन्हें कैंसर के इलाज के लिए अमेरिका ले जाया गया था। बताया जा रहा है कि शनिवार (जून 8, 2019) शाम तक उनका पार्थिव शरीर अमेरिका से देहरादून लेकर आया जा सकता है।

पंत के निधन पर सभी राजनैतिक दलों के नेताओं ने अपना शोक जताया है। उत्तराखंड सीएम त्रिवेंद्र रावत ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए गुरुवार (जून 6, 2019) से तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। साथ ही इस बात की भी घोषणा की है कि गुरुवार को सभी सरकारी कार्यालय, बैंक और कोषागार बंद रहेंगे।

गौरतलब है कि अमेरिका जाने से कुछ दिन पहले प्रकाश पंत दिल्ली स्थित राजीव गाँधी अस्पताल के आईसीयू में भी भर्ती रहे थे। इस बीच उनकी गंभीर बीमारी के बारे में किसी को भी स्पष्ट जानकारी नहीं थी। ऐसे में उनके आकस्मिक निधन से पूरे प्रदेश में शोक की लहर है।

पंत की बीमारी के कारण प्रदेश के मुख्यमंत्री उनके सभी विभाग संभाल रहे थे। पंत के विभाग में संसदीय कार्य, विधायी, भाषा, वित्त, आबकारी, पेयजल एवं स्वच्छता, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग आते थे।

बता दें कि पंत सबसे पहले पिथौरगढ़ विधानसभा से 2002 से 2007 तक निर्वाचित हुए थे। इस दौरान उन्हें
बीसी खंडूरी की सरकार में पर्यटन, तीर्थाटन, धर्मस्व कार्य, संस्कृति, संसदीय कार्य, विधायी एवं पुर्नगठन मंत्री बनाया गया था। इसके बाद 2012 के चुनावों में उन्हें हार का मुँह देखना पड़ा था लेकिन 2017 में उन्होंने एक बार फिर से जीत हासिल की। हाल ही में बजट सत्र के दौरान उनकी तबियत बिगड़ने लगी थी, इस कारण वह बजट भाषण तक पूरा नहीं पढ़ पाए थे। यहाँ भी उनका बजट भाषण त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ही पूरा किया था।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘बबुआ, माफी मत माँगना चाहे सिर कट जाए’: माँ की ‘आखिरी सीख’ ने बनाया आज का राजनाथ, कॉन्ग्रेसी राज में अंतिम संस्कार तक में...

केंद्रीय रक्षा मंत्री की अपनी माँ से आखिरी मुलाकात तब हुई थी जब उन्हें जेल ले जाया जा रहा था। माँ ने उनसे कहा था वो किसी कीमत पर माफी न माँगे।

जहाँ से निर्दलीय लड़ रहे रवींद्र सिंह भाटी के सोशल मीडिया में चर्चे, वह जमीन ‘मोदी मोदी’ के नारों से गूँज उठा: बाड़मेर में...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र बाड़मेर में एक रैली की और कॉन्ग्रेस पर इस क्षेत्र को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe