Thursday, April 22, 2021
Home विविध विषय अन्य WB के कुछ गाँव 18 अगस्त को मनाते हैं स्वतंत्रता दिवस, वो भी श्यामा...

WB के कुछ गाँव 18 अगस्त को मनाते हैं स्वतंत्रता दिवस, वो भी श्यामा प्रसाद मुखर्जी के कारण वरना…

हिंदू-बहुल जिलों को बांग्लादेश का हिस्सा बनाए जाने के विरोध में श्यामा प्रसाद मुखर्जी और नादिया शाही परिवार के सदस्यों ने कोलकाता में ब्रिटिश प्रशासन के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया और...

भारत में प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। लेकिन, पश्चिम बंगाल के कुछ ऐसे गाँव हैं जो 18 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं क्योंकि वो आधिकारिक तौर पर इसी दिन भारत का हिस्सा बने थे।

12 अगस्त 1947 को वायसराय लुइस माउंटबेटन ने घोषणा की कि देश को 15 अगस्त, 1947 को स्वतंत्रता दे दी जाएगी। हालाँकि तब तक बंगाल की स्थिति विवादास्पद विषय बनी रही थी। दरअसल, पश्चिम बंगाल के नादिया और मालदा जैसे ज़िलों को लेकर प्रशासनिक ग़लती हो गई थी। यह ग़लती भारत-पाकिस्तान के बंटवारे की लकीर खींचने वाले रेडक्लिफ़ ने की थी। उन्होंने ग़लत नक्शा बना दिया था, जिसके मुताबिक़ मालदा और नादिया जैसे बहुसंख्यक हिंदू आबादी वाले कई ज़िले पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में दर्शा दिए गए थे।

भारत-बांग्लादेश सीमा के पास के गाँव के कुछ निवासियों से हुई बातचीत के अनुसार, माउंटबेटन की घोषणा के बाद क्षेत्र में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और इस कारण से 15 अगस्त उनके लिए स्वतंत्रता का जश्न मनाने का कारण नहीं बन सका था। ग्रामीणों का कहना था कि उनके बड़े-बुज़ुर्गों ने उन्हें बताया था कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे नेताओं और नादिया शाही परिवार के सदस्यों ने कोलकाता में ब्रिटिश प्रशासन के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया था और इस मामले को माउंटबेटन के संज्ञान में लाया गया।

इसके बाद, माउंटबेटन ने तुरंत बंगाल के विभाजन के नक्शे को फिर से बनाने का आदेश दिया, ताकि विरोध करने वाले हिंदू-बहुल ज़िलों को भारतीय क्षेत्र में शामिल किया जा सके और मुस्लिम बहुल ज़िलों को पूर्वी पाकिस्तान में दिया जा सके। रेडक्लिफ द्वारा नक्शे में जो बदलाव किए गए उसके अनुसार, नादिया ज़िले के राणाघाट, कृष्णानगर और करीमपुर के शिकारपुर को भारत में शामिल किया गया। यह प्रक्रिया 17 अगस्त की रात संपन्न हुई।

नया फ़ैसला आने के बाद 18 अगस्त को कृष्णानगर लाइब्रेरी से पाकिस्तान का झंडा उतारा गया और भारतीय तिरंगा फहराया गया। 18 अगस्त को आज़ादी प्राप्त करने के नादिया ज़िले के संघर्ष को यादगार बनाने के लिए स्वतंत्रता सेनानी प्रमथनाथ शुकुल के पोते अंजन शुकुल ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाने को चुनौती दी और लंबे समय के बाद 1991 में केंद्र सरकार ने उन्हें 18 अगस्त को नादिया में झंडा फहराने की अनुमति दे दी। तभी से नादिया ज़िले और उसके अंतगर्त आने वाले गाँवों-कस्बों में 18 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाने लगा।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बॉर्डर पर इफ्तार पार्टी और किसान संक्रमित हुए तो केंद्र जिम्मेदार: वैक्सीन ले दोहरा ‘खेला’ कर रहे राकेश टिकैत

कोरोना की भयानक आपदा के बीच BKU के प्रवक्ता और स्वयंभू किसान नेता राकेश टिकैत का इफ्तार पार्टी करते वीडियो सामने आया है।

आप मरिए-जिन्दा रहे प्रोपेगेंडा: NDTV की गार्गी अंसारी ऑक्सीजन उत्पादन के लिए प्लांट खोलने की बात से क्यों बिलबिलाई

वामपंथियों को देखकर लगता है कि उनके लिए प्रोपेगेंडा मानव जीवन से ज्यादा ऊपर है। तभी NGT की क्लीयरेंस पाने वाले प्लांट के खुलने का विरोध कर रहे।

4 घंटे का ऑक्सीजन बचा है, 44 घंटों का क्यों नहीं? क्यों अंत में ही जागता है अस्पताल और राज्य सरकारों का तंत्र?

"केंद्र सरकार ने कोरोना की दूसरी लहर को लेकर राज्यों को आगाह नहीं किया। यदि आगाह कर देते तो हम तैयार रहते।" - बेचारे CM साब...

जहाँ ‘खबर’ वहीं द प्रिंट वाले गुप्ता जी के ‘युवा रिपोर्टर’! बस अपना पोर्टल पढ़ना और सवाल पूछना भूल जाते हैं

कोरोना का ठीकरा मोदी सरकार पर फोड़ने पर अमादा शेखर गुप्ता के 'द प्रिंट' ने नया कारनामा किया है। प्रोपेगेंडा के लिए उसने खुद को ही झूठा साबित कर दिया है।

ऑक्सीजन प्लांट लगा रहा श्रीराम मंदिर ट्रस्ट: मंदिरों के रुपयों का हिसाब माँगने वाले गायब, मस्जिद से पत्थरबाजी पर चुप्पी

'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' ट्रस्ट कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए आगे आया। दशरथ मेडिकल कालेज में ऑक्सीजन प्लांट...

‘प्लाज्मा के लिए नंबर डाला, बदले में भेजी गुप्तांग की तस्वीरें; हर मिनट 3-4 फोन कॉल्स’: मुंबई की महिला ने बयाँ किया दर्द

कुछ ने कॉल कर पूछा क्या तुम सिंगल हो, तो किसी ने फोन पर किस करते हुए आवाजें निकाली। जानिए किस प्रताड़ना से गुजरी शास्वती सिवा।

प्रचलित ख़बरें

रेप में नाकाम रहने पर शकील ने बेटी को कर दिया गंजा, जैसे ही बीवी पढ़ने लगती नमाज शुरू कर देता था गंदी हरकतें

मेरठ पुलिस ने शकील को गिरफ्तार किया है। उस पर अपनी ही बेटी ने रेप करने की कोशिश का आरोप लगाया है।

मधुबनी: धरोहर नाथ मंदिर में सोए दो साधुओं का गला कुदाल से काटा, ‘लव जिहाद’ का विरोध करने वाले महंत के आश्रम पर हमला

बिहार के मधुबनी जिला स्थित खिरहर गाँव में 2 साधुओं की गला काट हत्या कर दी गई है। इससे पहले पास के ही बिसौली कुटी के महंत के आश्रम पर रात के वक्त हमला हुआ था।

सीताराम येचुरी के बेटे का कोरोना से निधन, प्रियंका ने सीताराम केसरी के लिए जता दिया दुःख… 3 बार में दी श्रद्धांजलि

प्रियंका गाँधी ने इस घटना पर श्रद्धांजलि जताने हेतु ट्वीट किया। ट्वीट को डिलीट किया। दूसरे ट्वीट को भी डिलीट किया। 3 बार में श्रद्धांजलि दी।

रेमडेसिविर खेप को लेकर महाराष्ट्र के FDA मंत्री ने किया उद्धव सरकार को शर्मिंदा, कहा- ‘हमने दी थी बीजेपी को परमीशन’

महाविकास अघाड़ी को और शर्मिंदा करते हुए राजेंद्र शिंगणे ने पुष्टि की कि ये इंजेक्शन किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। उन्हें भाजपा नेताओं ने भी इसके बारे में आश्वासन दिया था।

रवीश और बरखा की लाश पत्रकारिताः निशाने पर धर्म और श्मशान, ‘सर तन से जुदा’ रैलियाँ और कब्रिस्तान नदारद

अचानक लग रहा है जैसे पत्रकारों को लाश से प्यार हो गया है। बरखा दत्त श्मशान में बैठकर रिपोर्टिंग कर रही हैं। रवीश कुमार लखनऊ को लाशनऊ बता रहे हैं।

‘प्लाज्मा के लिए नंबर डाला, बदले में भेजी गुप्तांग की तस्वीरें; हर मिनट 3-4 फोन कॉल्स’: मुंबई की महिला ने बयाँ किया दर्द

कुछ ने कॉल कर पूछा क्या तुम सिंगल हो, तो किसी ने फोन पर किस करते हुए आवाजें निकाली। जानिए किस प्रताड़ना से गुजरी शास्वती सिवा।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

293,789FansLike
83,175FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe