Sunday, October 17, 2021
Homeविविध विषयअन्यCWG-2022 में महिला क्रिकेट हो सकता है शामिल, निशानेबाजी आउट

CWG-2022 में महिला क्रिकेट हो सकता है शामिल, निशानेबाजी आउट

आईसीसी ने हाल ही में महिला क्रिकेट को कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल करने की वकालत की थी। परिषद का कहना है कि वह क्रिकेट के जरिए महिला सशक्तीकरण को दुनिया में बढ़ावा देना चाहता है।

इन दिनों पूरी दुनिया पर क्रिकेट का खुमार छाया हुआ है। सबकी नज़रें इंग्लैंड में चल रहे विश्व कप पर टिकी हुई हैं और इसी बीच क्रिकेट फैंस, खासकर महिला क्रिकेट फैंस के लिए एक अच्छी खबर आ रही है। खबर के अनुसार, 2022 में बर्मिंघम में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में महिला क्रिकेटर चौके-छक्के मारती दिखेंगी। 2022 के कॉमनवेल्थ के लिए गुरुवार (जून 20, 2019) को कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन (CGF) द्वारा इसका नामांकन किया गया। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन के इस फैसले का स्वागत किया है।

हालाँकि, आईसीसी ने एक विज्ञप्ति जारी करते हुए इस बात की जानकारी दी कि सीजीएफ सदस्यों द्वारा अभी इस पर अंतिम मंजूरी दी जानी बाकी है। जानकारी के मुताबिक, इसका अंतिम फैसला 71 सदस्यीय संघ द्वारा दिए गए वोट पर निर्भर करता है। इसके लिए सीजीएफ के 51 फीसदी सदस्यों की मंजूरी मिलना जरूरी होता है। 6 सप्ताह के भीतर इस पर लिया गया अंतिम निर्णय सार्वजनिक किया जाएगा। बर्मिंघम गेम्स 2022 के सीईओ इयान रीड ने इस बारे में बात करते हुए कहा, “हमने काफी समीक्षा के बाद महिला क्रिकेट, बीच वॉलीबॉल और पैरा टेबल टेनिस को शामिल करने का सुझाव दिया।”

आईसीसी ने हाल ही में महिला क्रिकेट को कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल करने की वकालत की थी। परिषद का कहना है कि वह क्रिकेट के जरिए महिला सशक्तीकरण को दुनिया में बढ़ावा देना चाहता है। आईसीसी के मुख्य कार्यकारी मनु साहनी ने कहा, “हम महिला क्रिकेट को बर्मिंगम खेल 2022 में शामिल करने की पेशकश का स्वागत करते हैं। मैं सीजीएफ और बर्मिंगम 2022 में सभी को धन्यवाद देता हूँ।”

वहीं, दूसरी तरफ कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में निशानेबाजी को शामिल नहीं किया गया है। इससे भारत को करारा झटका लगा है क्योंकि निशानेबाजी में भारत हमेशा ही अच्छा प्रदर्शन करता है और यह उन खेलों में शामिल है जिसमें भारत सबसे ज्यादा पदक जीतता है। साल 2018 में हुए कॉमनवेल्थ गेम में  भारत ने 7 स्वर्ण समेत 16 पदक जीते थे।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

काटेंगे-मारेंगे और दिखाएँगे भी… फिर करेंगे जिम्मेदारी की घोषणा: आखिर क्यों पाकिस्तानी कानून को दिल में बसा लिया निहंग सिखों ने?

क्या यह महज संयोग है कि पाकिस्तान की तरह 'किसान' आंदोलन की जगह पर भी हुई हत्या का कारण तथाकथित तौर पर ईशनिंदा है?

डीजल डाल कर जला दिया दलित लखबीर का शव, चेहरा तक नहीं देखने दिया परिजनों को: ग्रामीणों ने किया बहिष्कार

डीजल डाल कर मोबाइल की रोशनी में दलित लखबीर सिंह के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। शव से पॉलीथिन नहीं हटाया गया। परिजन चेहरा तक न देख पाए।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
129,199FollowersFollow
411,000SubscribersSubscribe