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वेतन ₹69, सुरक्षा का खर्चा ₹156 करोड़: ज़ुकरबर्ग की ‘सादगी’ के क्या कहने

पिछले एक साल में ज़ुकरबर्ग की सुरक्षा का खर्च एकाएक लगभग तीन गुना बढ़ गया है। पिछले साल उन्होंने सुरक्षा भत्ते के नाम पर कंपनी से $90 लाख (₹62 करोड़) लिए थे।

$1 (₹69) का सालाना वेतन लेने वाले फेसबुक के सीईओ मार्क ज़ुकरबर्ग अपनी सुरक्षा पर सवा दो करोड़ डॉलर (₹156 करोड़) से ज्यादा राशि खर्च करते हैं। 2018 में इतनी राशि के खर्च का खुलासा फ़ेसबुक द्वारा हाल में की गई नियामक फाइलिंग में किया गया।

प्राइवेट जेट के लिए ₹18 करोड़, बाकी का ‘बाकी सब’

समाचार एजेंसी रायटर्स में छपी एक खबर के अनुसार $26 लाख (₹18 करोड़) ज़ुकरबर्ग को यात्रा के दौरान प्राइवेट जेटों के प्रयोग पर भत्ते के रूप में दिए गए, जो कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा हैं। बाकी के खर्चे के बारे में केवल इतनी जानकारी मिली है कि वह राशि ज़ुकरबर्ग और उनके परिवार की सुरक्षा के इंतजाम में खर्च हुई है।

2017 के मुकाबले तीन गुना खर्च, तीन साल से ‘$1’ से चल रहा आटा-दाल

पिछले एक साल में ज़ुकरबर्ग की सुरक्षा का खर्च एकाएक लगभग तीन गुना बढ़ गया है। पिछले साल उन्होंने सुरक्षा भत्ते के नाम पर कंपनी से $90 लाख (₹62 करोड़) लिए थे।

हैरानी की बात यह है कि पिछले तीन साल से वह फेसबुक से सीईओ के वेतन के तौर पर केवल $1 (₹69) का सालाना वेतन ले रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाज़मी है कि जिस व्यक्ति को केवल अपनी जान सलामत रखने के लिए ₹150 करोड़ से ज्यादा चाहिए, वह ज़ाहिर तौर पर 70 रुपए में साल भर का खाना-रहना तो नहीं कर रहा होगा। तो बेहतर होगा कि ज़ुकरबर्ग अपने वेतन को ‘सांकेतिक’ कर दूसरे मार्गों से वही पैसा वाहवाही लूटने के बाद लेने की बजाय खुल कर मुनाफ़े में हिस्सा या वेतन लें।

यह सांकेतिक वेतन की virtue signalling कर नैतिक श्रेष्ठता के छद्म प्रतिमान खड़े वही करते हैं जिन्हें बाद में इस ‘कमाई’ को ‘कैश’ कराना होता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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