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हैकर्स ने लीक किया मार्क जुकरबर्ग का फोन नंबर, 53 करोड़ Facebook यूजर्स का डेटा खरीददारी के लिए उपलब्ध

अमेरिका के 3.2 करोड़, यूके के 1.1 करोड़ और भारत के 60 लाख लोगों के डेटा लीक किए गए हैं। फेसबुक आईडी, नाम, लोकेशन, बायो और ईमेल एड्रेस को ऑनलाइन डाल दिया गया है।

फेसबुक पर यूजर्स का व्यक्तिगत डेटा लीक करने या फिर उनका इस्तेमाल कारोबारी हितों के लिए किए जाने पर चर्चा तो कई महीनों से चल रही है, लेकिन अब कंपनी के CEO मार्क जुकरबर्ग का ही फोन नंबर लीक होने के बाद लोग पूछ रहे हैं कि जब कंपनी के संस्थापक का ही डेटा सुरक्षित नहीं है तो फिर आम यूजर्स का क्या? एक लोकल हैकिंग फोरम ने फेसबुक पर कई लोगों के पर्सनल डेटा को लीक किया है।

हैकिंग फोरम ने ऑनलाइन जिन लोगों के डेटा लीक किया है, उसमें ‘फेसबुक इंक’ के संस्थापक और CEO मार्क जुकरबर्ग का नाम भी शामिल है। उनका नाम, लोकेशन, शादी से जुड़े डिटेल्स, जन्मदिन और फेसबुक यूजर आईडी सहित कई डेटा लीक हो गए। उन्हें मिला कर कुल 53 करोड़ फेसबुक यूजर्स का डेटा लीक हुआ है। इनमें 106 देशों के लोग शामिल हैं। फेसबुक के सह-संस्थापकों क्रिस ह्यूज और डस्टिन मॉस्कोविट्ज के डेटा भी सुरक्षित नहीं बचे।

अमेरिका के 3.2 करोड़, यूके के 1.1 करोड़ और भारत के 60 लाख लोगों के डेटा लीक किए गए हैं। फेसबुक आईडी, नाम, लोकेशन, बायो और ईमेल एड्रेस को ऑनलाइन डाल दिया गया है। इजरायली साइबर क्राइम फर्म ‘हडसन रॉक’ के सह-संस्थापक अलोन गल ने इसका खुलासा करते हुए बताया कि ये डेटा 2 साल पुराने हो सकते हैं। हैकर्स के बीच फेसबुक से जुड़े फोन नंबर्स पहले से ही सर्कुलेट हो रहे थे।

आशंका जताई गई कि ये वही डेटाबेस हो सकता है। जबकि फेसबुक के अधिकारियों का कहना है कि जिस तकनीकी खामी की वजह से ये डेटा लीक हुए थे, उसे कंपनी ने 2019 में ही दूर कर लिया था। एक बोट उसे बेच रहा था। इसके बदले कुछ यूरो माँगे जा रहे थे। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोगों को फेसबुक पर ‘सोशल इंजीनियरिंग अटैक्स’ से बच कर रहना चाहिए और नंबर वगैरह प्राइवेट कर के रखना चाहिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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